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चुनाव ड्यूटी पर फोर्स, कैसे होगी स्टेशन की निगरानी
Sat, 11 May 2019 11:11 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sat, 11 May 2019 11:11 PM IST
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- फोटो : amarujala
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पिछले महीने आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर के नाम से डाक से भेजे गए पत्र में 13 मई को राजधानी दिल्ली समेत यूपी और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी भरे पत्र को लेकर रेलवे पुलिस सतर्क होने का दावा कर रही है, लेकिन चुनाव ड्यूटी में अधिकतर फोर्स के गए होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे स्टेशन की निगरानी के लिए गिनती के ही पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं।
20 अप्रैल को स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के पते पर डाक से पत्र मिला था। पत्र आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था। पत्र में 13 मई को शामली, बागपत, मेरठ, हापुड़, गजरौला, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली, दिल्ली, पानीपत, रोहतक आदि स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पत्र में 16 मई को यूपी के प्रमुख मंदिरों और बस अड्डों को उड़ाने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं पत्र में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और संघ प्रमुख मोहन भागवत को मारने की भी धमकी दी गई थी। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर थाना जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पत्र की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। रेलवे पुलिस के साथ खुफिया विभाग की टीमों ने शामली पहुंचकर मामले की छानबीन की थी। रेलवे पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई क्लू नहीं मिला है। पत्र पर जालंधर डाकघर की मुहर लगी होने पर पुलिस टीम ने वहां जाकर जांच की थी, लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण कोई जानकारी हाथ नहीं लग सकी। इसी कड़ी में रेलवे पुलिस स्टेशन व ट्रेनों में चेकिंग और तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा इंतजाम के दावे तो कर रही है, रेलवे पुलिस का लगभग 70 प्रतिशत फोर्स चुनाव ड्यूटी में गया हुआ है। पुलिस फोर्स की कमी के बीच स्टेशन की निगरानी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध फोर्स से स्टेशन की सुरक्षा के इंतजाम किए गए है।
धमकी भरे पत्र मिलने के बारे में अभी कोई क्लू नहीं मिला है। 13 मई को लेकर स्टेशनों की सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए है। चुनाव ड्यूटी में गए पुलिस बल के स्थान पर विशेष पुलिस टीम तैनात की जा रही है। संदिग्ध व्यक्ति, सामान की जांच और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।-रामलखन, सीओ जीआरपी।
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20 अप्रैल को स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के पते पर डाक से पत्र मिला था। पत्र आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था। पत्र में 13 मई को शामली, बागपत, मेरठ, हापुड़, गजरौला, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली, दिल्ली, पानीपत, रोहतक आदि स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पत्र में 16 मई को यूपी के प्रमुख मंदिरों और बस अड्डों को उड़ाने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं पत्र में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और संघ प्रमुख मोहन भागवत को मारने की भी धमकी दी गई थी। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर थाना जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पत्र की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। रेलवे पुलिस के साथ खुफिया विभाग की टीमों ने शामली पहुंचकर मामले की छानबीन की थी। रेलवे पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई क्लू नहीं मिला है। पत्र पर जालंधर डाकघर की मुहर लगी होने पर पुलिस टीम ने वहां जाकर जांच की थी, लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण कोई जानकारी हाथ नहीं लग सकी। इसी कड़ी में रेलवे पुलिस स्टेशन व ट्रेनों में चेकिंग और तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा इंतजाम के दावे तो कर रही है, रेलवे पुलिस का लगभग 70 प्रतिशत फोर्स चुनाव ड्यूटी में गया हुआ है। पुलिस फोर्स की कमी के बीच स्टेशन की निगरानी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध फोर्स से स्टेशन की सुरक्षा के इंतजाम किए गए है।
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धमकी भरे पत्र मिलने के बारे में अभी कोई क्लू नहीं मिला है। 13 मई को लेकर स्टेशनों की सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए है। चुनाव ड्यूटी में गए पुलिस बल के स्थान पर विशेष पुलिस टीम तैनात की जा रही है। संदिग्ध व्यक्ति, सामान की जांच और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।-रामलखन, सीओ जीआरपी।
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