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चीनी मिलों का पेराई सत्र अंतिम चरण में, जल्द होंगी बंद
Wed, 24 Apr 2019 11:31 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 24 Apr 2019 11:31 PM IST
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- फोटो : amarujala
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जिले की चीनी मिलों का पेराई सत्र अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द ही शुगर मिल अपना पेराई सत्र समाप्त कर देंगी। सबसे पहले जिले की राणा समूह की ऊन चीनी मिल अपना पेराई सत्र समाप्त करेगी। इसके बाद थानाभवन चीनी मिल मई के दूसरे सप्ताह, शामली चीनी मिल मई के अंतिम सप्ताह में बंद हो सकती है।
शामली मिल 88 लाख क्विंटल, ऊन मिल 81 लाख 50 हजार क्विंटल, थानाभवन मिल एक करोड़ 30 लाख गन्ने की पेेराई कर चुकी हैं। राणा समूह की ऊन चीनी मिल इस पेराई सत्र में सबसे पहले बंद होगी। ऊन चीनी मिल गत वर्ष 80 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके बंद हो गई थी। इस बार यह मिल 26 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त कर देगी। ऊन मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत के मुताबिक गन्ने के अभाव में कुल 66 गन्ना खरीद केंद्रों में से 55 गन्ना खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। सिर्फ 11 गन्ना खरीद केंद्र चालू हैं। जिनमें ऊन मिल के चालू गन्ना खरीद केंद्रों में खेड़की, सिकंदरपुर, भूरा, झिंझाना, रंगाना, म्यान कस्बा, ऊंचा गांव, टांडा, तुगाना ए और बी, गंगेरू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ऊन चीनी मिल की ओर से 26 अप्रैल को बंदी का नोटिस दिया गया है। पिछले दो दिनों से नो केन में चीनी मिल बंद चल रही है। अगर गन्ना आया तो एक दो दिन और ऊन मिल चल सकती है।
उधर, बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल एक करोड़ 30 लाख क्विंटल गन्ना पेेराई कर चुकी है। गत वर्ष 15 मई को थानाभवन मिल एक करोड़ 44 लाख क्विंटल गन्ने की पेेराई बंद हुई थी। थानाभवन मिल के यूनिट हैड वीरपाल सिंह ने बताया कि अभी तक 82 खरीद केंद्र चालू हैं, किंतु ज्यादातर मिल के सभी खरीद केंद्रों पर गन्ने की आवक घटी है। वहीं, सरशादी लाल समूह की अपर दोआब मिल 90 लाख क्विंटल गन्ने की पेेराई कर चुकी है। गत वर्ष चीनी मिल 26 मई को एक करोड़ 15 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हुई थी। इस बार चीनी मिल मई माह पूरा लेने की संभावना है। मिल के अफसरों का कहना है कि एक फरवरी के बाद चीनी मिल नियमित पेराई नहीं कर पा रही है। शामली मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दस लाख क्विंटल गन्ना कम है। गन्ने के अभाव में सात-आठ गन्ना खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती का कहना है कि अभी तक किसी चीनी मिल का पेराई सत्र बंद होने का नोटिस नहीं मिला है। खेतों में गन्ना खड़ा होने तक जिले की चीनी मिले बंद नहीं होंगी।
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जिले की सभी चीनी मिलों का गन्ना पेराई का सभी डाटा क्विंटल में
शुगर मिल मौजूदा गन्ना पेराई गत वर्ष गन्ना पेराई बंद होने की तिथि
शामली 88 लाख क्विंटल 1 करोड़ 15 लाख 26 मई 2018
ऊन 81.50 लाख क्विंटल 80 लाख क्विंटल 7 मई 2018
थानाभवन 1 करोड़ 30 लाख क्विंटल 1 करोड़ 44 लाख 15 मई 2018
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शामली मिल 88 लाख क्विंटल, ऊन मिल 81 लाख 50 हजार क्विंटल, थानाभवन मिल एक करोड़ 30 लाख गन्ने की पेेराई कर चुकी हैं। राणा समूह की ऊन चीनी मिल इस पेराई सत्र में सबसे पहले बंद होगी। ऊन चीनी मिल गत वर्ष 80 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके बंद हो गई थी। इस बार यह मिल 26 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त कर देगी। ऊन मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत के मुताबिक गन्ने के अभाव में कुल 66 गन्ना खरीद केंद्रों में से 55 गन्ना खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। सिर्फ 11 गन्ना खरीद केंद्र चालू हैं। जिनमें ऊन मिल के चालू गन्ना खरीद केंद्रों में खेड़की, सिकंदरपुर, भूरा, झिंझाना, रंगाना, म्यान कस्बा, ऊंचा गांव, टांडा, तुगाना ए और बी, गंगेरू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ऊन चीनी मिल की ओर से 26 अप्रैल को बंदी का नोटिस दिया गया है। पिछले दो दिनों से नो केन में चीनी मिल बंद चल रही है। अगर गन्ना आया तो एक दो दिन और ऊन मिल चल सकती है।
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उधर, बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल एक करोड़ 30 लाख क्विंटल गन्ना पेेराई कर चुकी है। गत वर्ष 15 मई को थानाभवन मिल एक करोड़ 44 लाख क्विंटल गन्ने की पेेराई बंद हुई थी। थानाभवन मिल के यूनिट हैड वीरपाल सिंह ने बताया कि अभी तक 82 खरीद केंद्र चालू हैं, किंतु ज्यादातर मिल के सभी खरीद केंद्रों पर गन्ने की आवक घटी है। वहीं, सरशादी लाल समूह की अपर दोआब मिल 90 लाख क्विंटल गन्ने की पेेराई कर चुकी है। गत वर्ष चीनी मिल 26 मई को एक करोड़ 15 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हुई थी। इस बार चीनी मिल मई माह पूरा लेने की संभावना है। मिल के अफसरों का कहना है कि एक फरवरी के बाद चीनी मिल नियमित पेराई नहीं कर पा रही है। शामली मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दस लाख क्विंटल गन्ना कम है। गन्ने के अभाव में सात-आठ गन्ना खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती का कहना है कि अभी तक किसी चीनी मिल का पेराई सत्र बंद होने का नोटिस नहीं मिला है। खेतों में गन्ना खड़ा होने तक जिले की चीनी मिले बंद नहीं होंगी।
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जिले की सभी चीनी मिलों का गन्ना पेराई का सभी डाटा क्विंटल में
शुगर मिल मौजूदा गन्ना पेराई गत वर्ष गन्ना पेराई बंद होने की तिथि
शामली 88 लाख क्विंटल 1 करोड़ 15 लाख 26 मई 2018
ऊन 81.50 लाख क्विंटल 80 लाख क्विंटल 7 मई 2018
थानाभवन 1 करोड़ 30 लाख क्विंटल 1 करोड़ 44 लाख 15 मई 2018