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गर्मी में बच्चे डायरिया की चपेट में
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:47 AM IST
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निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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शामली। गर्मी बढ़ने के कारण संक्रामक बीमारियों की चपेट में लोग आने लगे हैं। बेइंतहा गर्मी के चलते बीमार हुए बच्चों को शामली अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरे दिन अस्पताल में हैजा, उल्टी दस्त के मरीज आते रहे।
पिछले कई दिनों से गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते जनमानस परेशान है। युवक तो इस गर्मी को काफी हद तक अभी सहन कर पा रहे हैं, लेकिन नौनिहाल गर्मी का ताप झेल नहीं पा रहे हैं और बीमार हो रहे है। बृहस्पतिवार को शामली अस्पताल में ऐसे ही मामले देखने केे मिले। शामली अस्पताल में जिले से एक दर्जन से अधिक बच्चों को अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार की बीमारी के चलते लोगों को अस्पताल में लाना पड़ा। पूूरा दिन ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों का इलाज करते रहे। इस दौरान अस्पताल में आसिफ पिंडौरा, सागर कांधला, पिंकी कंडेला, चीनू ऊन, आबिद कैराना, आयशा, दीक्षा आदि बच्चों को बीमारी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनको उपचार दिया गया।
क्या है बीमारी का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में जितनी गर्मी हर साल पड़ती है, इस बार उससे अधिक गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ रहा है। परिजन अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं। बच्चों को पानी नहीं पिलाते तथा साथ ही खाने का भी ध्यान नहीं है। इसी गर्मी तथा खाने का सही समय नहीं होने के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं।
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क्या है इसका समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को हल्का खाना पहले दें और उसके बाद पानी जरूर दें। यही नहीं पूरा दिन बच्चों को समय-समय पर तरल पदार्थ दिया जाए, जैसे शिकंजी, जूस, घर में बनाए ठंडे पेयजल आदि बच्चों को पिलाए। इसके साथ ही धूप में बिल्कुल न निकले। जरूरी हो तो छाता लगाकर बच्चों को धूप से बचाए। ज्यादातर प्रयास करें कि छांव में रहे। दस्त होने पर बच्चों को तत्काल ओआरएस तथा जिंक की गोलियां दे। दही खिचड़ी ओर केला का सेवन करें।
बढ़ती गर्मी के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। परिजनों को उनका ध्यान रखना चाहिए। खासकर गर्मी से बचाने के साथ ही उनको समय-समय पर तरल पदार्थ जरूर दिया जाए। बीमार होने पर सबसे पहले डाक्टर से संपर्क किया जाए। -डा. अनुपम सक्सेना , बाल रोग विशेेषज्ञ , सीएचसी शामली
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पिछले कई दिनों से गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते जनमानस परेशान है। युवक तो इस गर्मी को काफी हद तक अभी सहन कर पा रहे हैं, लेकिन नौनिहाल गर्मी का ताप झेल नहीं पा रहे हैं और बीमार हो रहे है। बृहस्पतिवार को शामली अस्पताल में ऐसे ही मामले देखने केे मिले। शामली अस्पताल में जिले से एक दर्जन से अधिक बच्चों को अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार की बीमारी के चलते लोगों को अस्पताल में लाना पड़ा। पूूरा दिन ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों का इलाज करते रहे। इस दौरान अस्पताल में आसिफ पिंडौरा, सागर कांधला, पिंकी कंडेला, चीनू ऊन, आबिद कैराना, आयशा, दीक्षा आदि बच्चों को बीमारी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनको उपचार दिया गया।
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क्या है बीमारी का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में जितनी गर्मी हर साल पड़ती है, इस बार उससे अधिक गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ रहा है। परिजन अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं। बच्चों को पानी नहीं पिलाते तथा साथ ही खाने का भी ध्यान नहीं है। इसी गर्मी तथा खाने का सही समय नहीं होने के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं।
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क्या है इसका समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को हल्का खाना पहले दें और उसके बाद पानी जरूर दें। यही नहीं पूरा दिन बच्चों को समय-समय पर तरल पदार्थ दिया जाए, जैसे शिकंजी, जूस, घर में बनाए ठंडे पेयजल आदि बच्चों को पिलाए। इसके साथ ही धूप में बिल्कुल न निकले। जरूरी हो तो छाता लगाकर बच्चों को धूप से बचाए। ज्यादातर प्रयास करें कि छांव में रहे। दस्त होने पर बच्चों को तत्काल ओआरएस तथा जिंक की गोलियां दे। दही खिचड़ी ओर केला का सेवन करें।
बढ़ती गर्मी के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। परिजनों को उनका ध्यान रखना चाहिए। खासकर गर्मी से बचाने के साथ ही उनको समय-समय पर तरल पदार्थ जरूर दिया जाए। बीमार होने पर सबसे पहले डाक्टर से संपर्क किया जाए। -डा. अनुपम सक्सेना , बाल रोग विशेेषज्ञ , सीएचसी शामली