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Shamli News: अध्यापक के डांटने पर बच्चे खटखटा रहे चाइल्ड लाइन का दरवाजा, कई मामले आए सामने

Wed, 03 Jan 2024 09:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 03 Jan 2024 09:19 AM IST
सार

शामली जनपद के स्कूलों में बच्चों के डांटने से नाराज बच्चे सीधे चाइल्डलाइन का दरवाजा खटखटा रहे हैं। जिले में अब तक कई मामले सामने आए हैं। 

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Children are knocking on the door of Child Line after being scolded by the teacher.
हेल्पलाइन। - फोटो : amar ujala

विस्तार

शामली जिले के बच्चे परिजनों और अध्यापकों के डांटने से क्षुब्ध होकर चाइल्ड लाइन का दरवाजा खटखटा रहे हैं। यही नहीं अध्यापक को धमकी देते हैं कि यदि फिर से डांटा तो शिकायत कर कार्रवाई करा दी जाएगी। इस तरह के मामले चाइल्ड लाइन अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। मासूमों की काउंसिलिंग कर परिजनों और अध्यापकों को समझाया जा रहा है। साथ ही बच्चों को नहीं डांटने की अपील की जा रही है।

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केस-1
दस दिन पहले चाइल्ड लाइन और वन स्टाॅप सेंटर के प्रभारियों के पास बाबरी के कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले छात्र ने शिकायत की। कहा कि अध्यापक ने उसकी बेवजह पिटाई है, उसे स्कूल से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। जांच करने पर चाइल्ड लाइन प्रभारी ने पाया कि होम वर्क नहीं करने पर अध्यापक ने छात्र को डांट दिया था। इस कारण अध्यापक की शिकायत कर दी। बाद में छात्र ने अध्यापक को फिर से डांटने पर शिकायत की धमकी दी। अध्यापक को प्यार के साथ व्यवहार करने को कहा गया है।

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केस-2
गढ़ीपुख्ता के रहने वाले कक्षा 4 के छात्र ने चाइल्ड लाइन पर कॉल कर बताया कि पिता बेवजह उसके साथ मारपीट करते हैं। कई बार उसे डांटा भी जाता है। जांच में पता चला कि अधिकतर समय घर से बाहर खेलने के कारण पिता ने बेटे को डांट दिया था। इस पर बच्चे ने चाइल्ड लाइन से शिकायत कर दी।

केस-3
कैराना के रहने वाले कक्षा पांच के छात्र ने शिकायत करते हुए कहा कि अध्यापक उसके साथ बेवजह मारपीट करते हैं। इसके कारण वह सही से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि पढ़ाई नहीं करने के कारण अध्यापक ने छात्र को डांट दिया था।

यह तीन मामले तो बानगी भर हैं। हर माह 8 से 10 मामले चाइल्ड लाइन पर इस तरह के आ रहे हैं, जिसमें मासूम पिता-माता और अध्यापकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत कर रहे हैं।

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काउंसिलिंग की जाती है
वन स्टाॅप सेंटर और चाइल्ड लाइन प्रभारी गजाला त्यागी ने बताया कि परिजनों, अध्यापकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए छात्र शिकायत कर रहे हैं। इस तरह के मामलों में बच्चे की काउंसिलिंग की जाती है। इसके अलावा उसके परिजनों और अध्यापक को भी समझाया जाता है। चार माह में इस तरह की शिकायतें बढ़ी हैं।
 
प्यार के साथ आएं पेश
मनोवैज्ञानिक डाॅ. अरुण राय का कहना है कि अभिभावकों या फिर अध्यापकों को बच्चों के साथ प्यार के साथ पेश आना चाहिए। कई बार अधिक डांटने पर बच्चा अधिक गुस्से में आ जाता है। होमवर्क करने या फिर अन्य कामों को प्यार से बताया जाए तो बच्चे जल्दी करने का प्रयास करते हैं। बच्चों की गतिविधियों पर भी अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए।

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