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शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा करने से शिवजी होते हैं प्रसन्न
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सोमवार रात 3.16 बजे से शुरू होगी चतुर्दशी
शामली। एक मार्च को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि पर इस वर्ष बहुत ही शुभ संयोग है। सोमवार रात 3.16 बजे से चतुर्दशी शुरू होगी।
शहर के बुढ़ाना रोड स्थित श्री हनुमान ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभु शंकर शास्त्री के मुताबिक महाशिवरात्रि पर चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 28 फरवरी सोमवार रात्रि 3:16 बजे से शुरू होगी। जो एक मार्च मंगलवार रात्रि एक बजे तक रहेगी। इस वर्ष महाशिवरात्रि एक मार्च 2022 पर भक्त दिनभर भगवान की पूजा-अर्चना कर सकेंगे। भक्तों के लिए विशेष फलदायी योग बन रहे हैं।
- अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:47 से दोपहर 12:34 तक।
- विजय मुहूर्त : दोपहर 02:07 से दोपहर 02:53 तक।
- गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:48 से 06:12 तक।
- सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:00 से 07:14 तक।
- निशिता या निशीथ मुहूर्त : रात्रि 11:45 से 12:35 तक।
पूजन की विधि
भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए विधिवत शिवलिंग पूजन के लिए स्वच्छ जल, गंगा जल से स्नान कराने के बाद देशी घी, दूध, दही, शहद, शकर, भस्म, भांग, गन्ने का रस, गुलाब जल, दूध व चंदन चढ़ाकर शिवलिंग पर लेप करना चाहिए। उसके बाद जनेऊ, कलावा, पुष्प, गुलाब की माला, धतूरा, भांग, जौ, केसर, चंदन, धूप, दीप, कलाकंद मिठाई (दूध की बर्फी) स्वेच्छानुसार चढ़ाने के बाद बेलपत्र चढ़ाएं।
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शामली। एक मार्च को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि पर इस वर्ष बहुत ही शुभ संयोग है। सोमवार रात 3.16 बजे से चतुर्दशी शुरू होगी।
शहर के बुढ़ाना रोड स्थित श्री हनुमान ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभु शंकर शास्त्री के मुताबिक महाशिवरात्रि पर चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 28 फरवरी सोमवार रात्रि 3:16 बजे से शुरू होगी। जो एक मार्च मंगलवार रात्रि एक बजे तक रहेगी। इस वर्ष महाशिवरात्रि एक मार्च 2022 पर भक्त दिनभर भगवान की पूजा-अर्चना कर सकेंगे। भक्तों के लिए विशेष फलदायी योग बन रहे हैं।
- अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:47 से दोपहर 12:34 तक।
- विजय मुहूर्त : दोपहर 02:07 से दोपहर 02:53 तक।
- गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:48 से 06:12 तक।
- सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:00 से 07:14 तक।
- निशिता या निशीथ मुहूर्त : रात्रि 11:45 से 12:35 तक।
पूजन की विधि
भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए विधिवत शिवलिंग पूजन के लिए स्वच्छ जल, गंगा जल से स्नान कराने के बाद देशी घी, दूध, दही, शहद, शकर, भस्म, भांग, गन्ने का रस, गुलाब जल, दूध व चंदन चढ़ाकर शिवलिंग पर लेप करना चाहिए। उसके बाद जनेऊ, कलावा, पुष्प, गुलाब की माला, धतूरा, भांग, जौ, केसर, चंदन, धूप, दीप, कलाकंद मिठाई (दूध की बर्फी) स्वेच्छानुसार चढ़ाने के बाद बेलपत्र चढ़ाएं।
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