फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Change in thinking is necessary for drug addiction

नशा मुक्ति के लिए सोच में बदलाव होना जरूरी

Fri, 25 Jun 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
Change in thinking is necessary for drug addiction
नशा मुक्ति के लिए सोच में बदलाव होना जरूरी
विज्ञापन

शामली। नशे के कारण बहुत से घर परिवार बर्बाद हो रहे हैं। इसे लेकर अक्सर घर में कलह होती है। नशे की दलदल में फंसे लोग घर परिवार की बर्बादी कारण बनते हैं। कई लोगों की तो नशे के कारण मौत तक हो जाती है। इसके बाद भी नशा करने वाले लोगों की संख्या कम नहीं हो रही है।
शामली में कैराना रोड पर स्थित अनमोल फाउंडेशन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के संचालक प्रमेंद्र नंबरदार का कहना है कि नशा परिवार की बर्बादी का कारण है। नशा लत या बुरी आदत न होकर यह एक मानसिक रोग है। इसके लिए सोच बदलने की जरूरत है। सोच बदलने पर ही व्यक्ति नशे से छुटकारा पा सकता है। केंद्र पर नियमित रूप से काउंसिलिंग, प्राकृतिक योग, संकीर्तन आदि कराई जाती है, इससे लोगों की सोच में परिवर्तन आता है। यही नशा छुड़ाने का तरीका है। इस तरह से बहुत लोगों ने नशा त्यागकर फिर से नया जीवन शुरू किया है। नशे का त्याग करने वाले कुछ लोगों से बातचीत की गई।
विज्ञापन

--
केेस - एक
जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि वह शराब के अलावा नशे के इंजेक्शन और गोली समेत सभी तरह का नशा करता था। नशे के कारण उसकी पत्नी व बच्चे उसे छोड़कर चले गए थे। नशा मुक्ति केंद्र पर काउंसिलिंग के बाद उसकी सोच बदल गई है। उसे पता चल गया है कि नशा बर्बादी के अलावा कुछ और नहीं है। उसने अब तय कर लिया है कि वह नशा नहीं करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
केस- दो
नागल क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति प्रतिष्ठित परिवार से है। वह चार पहले शराब, नशे के इंजेक्शन और गोली खाता था, जिससे परिवार परेशान रहता था। आठ माह तक काउंसिलिंग के बाद उसने नशे का पूरी तरह त्याग कर दिया। साथ ही अब दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहा है।
---
केस-तीन
बाइक मैकेनिक का काम करने वाला 38 वर्षीय युवक नशे के दलदल में फंसा तो घर में कलह रहने लगी। पत्नी छोड़कर चली गई थी। उसने दुकान भी बेच दी थी। आठ माह की काउंसिलिंग के बाद उसकी समझ में आया कि नशे में बुराई के अलावा कुछ नहीं है। अब उसने नशे का त्याग कर दिया। अब वह फिर से अपना काम कर रहा है।

------
नशे के अवैैैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई
(एक जनवरी से 15 जून तक)
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
पंजीकृत अभियोग 50
गिरफ्तार अभियुक्त 72
---
बरामदगी (किलोग्राम में)
गांजा- 0.600
चरस - 188.602
अफीम- 1.000
डोडा - 66.300
अन्य मादक पदार्थ 0.726
------
आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई
पंजीकृत अभियोग 203
गिरफ्तार अभियुक्त 297
बरामदगी-
अंग्रेजी शराब 4453 लीटर
देसी शराब 3965 लीटर
कच्ची शराब 4325 लीटर
अवैध भट्ठी 12
------
कोट
जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस की लगातार कार्रवाई की जा रही है। सभी थाना प्रभारियों को अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - सुुकीर्ति माधव, एसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed