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सावधान, सेहत बिगाड़ सकता है मिलावटी मावा
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शामली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार में एक सप्ताह का समय बचा है। त्योहार पर मावे की खपत को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। गांवों और देहात में मावा तैयार करने की भट्ठियां धधकनी शुरू हो गई हैं। मुनाफे के लालच में मिलावटखोर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही सेहत के लिए भारी पड़ सकती है।
जन्माष्टमी के त्योहार पर घर-घर में मावे की मिठाइयां और पेड़े बनाए जाते हैं। इसके चलते बाजार में मावे की डिमांड ज्यादा रहती है। घरों में एक सप्ताह पहले से ही मावा तैयार किया जाने लगता है, जिससे बाजार में दूध की कमी पड़ जाती है। एक तरफ दूध की कमी तो दूसरी तरफ मावे की डिमांड। इसी का फायदा मिलावटखोर उठाते हैं। डिमांड और और अधिक मुनाफे के लालच में मावे में मिलावट की जाती है। ऐसी स्थिति में शुद्ध मावा मिलना मुश्किल होता है। इसलिए त्योहार पर मावा व उससे बनी मिठाइयों को खरीदने में सावधानी बरतनी चाहिए।
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ऐसे करें शुद्ध मावे की पहचान
- मावे की गोली बनाकर आयोडीन टिंचर की दो बूंदे डालें, पांच मिनट बाद रंग बदलता है तो मिलावटी है।
- हाथ या अंगुठे से रगड़ने से शुद्ध् मावा घी छोड़ता और महक आती है। मिलावटी मावे में सूंघने की अजीब सी खुशबू आती है।
- चखने पर मिलावटी मावा कड़वा या अजीब सा स्वाद लगता है।
- मिलावटी मावा आसानी से पानी में नहीं घुलता।
- मिलावटी मावे की गोली हथेली पर रगड़ने से फट जाती है।
- मिलावटी मावे में चीनी मिलाकर गर्म करने पर पानी छोड़ता है।
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इस तरह तैयार होता है मिलावटी मावा
मिलावटी मावा तैयार करने में मिलावटखोर रिफाइंड, वेजिटेबल ऑयल और मिल्क पाउडर का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। इसके अलावा शकरकंद, सिंघाडे का आटा, आलू और मैदा मिलाया जाता है। वजन बढ़ाने के लिए आटा भी मिलाया जाता है। मिलावटी मावे को असली मावे जैसा दिखाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
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मिलावटी मावे का किडनी, लीवर पर असर
शामली। सीएचसी शामली के चिकित्साधिकारी डा. विजेंद्र कुमार ने बताया कि मिलावटी मावा किडनी और लीवर को ज्यादा प्रभावित करता है। इससे संक्रमण होने का खतरा रहता है। मिलावटी मावे से बनी चीजे खाने से सिर दर्द, पेट दर्द, आंतों में संक्रमण और त्वचा रोग और फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा रहता है।
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त्योहारों पर ही सक्रिय होता है खाद्य सुरक्षा विभाग
शामली। अक्सर देखने में आता है कि जब भी त्योहार आते हैं, तभी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय होते हैं। त्योहारों पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जांच करने का सिलसिला शुरू होता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जुुलाई माह में खाद्य पदार्थों के 15 नमूने लिए गए हैं, इनमें घेवर, पनीर, शक्कर, गुड़ आदि के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
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इस बार नहीं अच्छे कारोबार की उम्मीद
- इस बार मिठाइयों की डिमांड पिछले साल के मुकाबले बेहद कम रही है। पिछले साल जन्माष्टमी से कई दिन पहले से मावे की बिक्री शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अभी मांग ज्यादा नहीं है। - नीरज कुमार, मावा विक्रेता, फव्वारा चौक
- ईद पर तो कुछ कारोबार नहीं हुआ। रक्षाबंधन पर पिछले साल के मुकाबले आधा कारोबार हुआ। अब जन्माष्टमी पर भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है। - देशपाल मलिक, मिठाई विक्रेता, अजंता चौक
- कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस बार आधा भी काम नहीं है। जन्माष्टमी से कुछ उम्मीद है, लेकिन बहुत ज्यादा कारोबार होना मुश्किल है। - मनोज कुमार, मिठाई विक्रेता, पंजाबी कालोनी
कोट
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मिलावटी मावा और उसे बनी मिठाइयों की रोकथाम व जांच के लिए खाद्य निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण और सैंपल लेने की कार्रवाई चल रही है। मिलावटी मावा या खाद्य पदार्थ पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - विनय चतुर्वेदी, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं सुरक्षा विभाग।
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जन्माष्टमी के त्योहार पर घर-घर में मावे की मिठाइयां और पेड़े बनाए जाते हैं। इसके चलते बाजार में मावे की डिमांड ज्यादा रहती है। घरों में एक सप्ताह पहले से ही मावा तैयार किया जाने लगता है, जिससे बाजार में दूध की कमी पड़ जाती है। एक तरफ दूध की कमी तो दूसरी तरफ मावे की डिमांड। इसी का फायदा मिलावटखोर उठाते हैं। डिमांड और और अधिक मुनाफे के लालच में मावे में मिलावट की जाती है। ऐसी स्थिति में शुद्ध मावा मिलना मुश्किल होता है। इसलिए त्योहार पर मावा व उससे बनी मिठाइयों को खरीदने में सावधानी बरतनी चाहिए।
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ऐसे करें शुद्ध मावे की पहचान
- मावे की गोली बनाकर आयोडीन टिंचर की दो बूंदे डालें, पांच मिनट बाद रंग बदलता है तो मिलावटी है।
- हाथ या अंगुठे से रगड़ने से शुद्ध् मावा घी छोड़ता और महक आती है। मिलावटी मावे में सूंघने की अजीब सी खुशबू आती है।
- चखने पर मिलावटी मावा कड़वा या अजीब सा स्वाद लगता है।
- मिलावटी मावा आसानी से पानी में नहीं घुलता।
- मिलावटी मावे की गोली हथेली पर रगड़ने से फट जाती है।
- मिलावटी मावे में चीनी मिलाकर गर्म करने पर पानी छोड़ता है।
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इस तरह तैयार होता है मिलावटी मावा
मिलावटी मावा तैयार करने में मिलावटखोर रिफाइंड, वेजिटेबल ऑयल और मिल्क पाउडर का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। इसके अलावा शकरकंद, सिंघाडे का आटा, आलू और मैदा मिलाया जाता है। वजन बढ़ाने के लिए आटा भी मिलाया जाता है। मिलावटी मावे को असली मावे जैसा दिखाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
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मिलावटी मावे का किडनी, लीवर पर असर
शामली। सीएचसी शामली के चिकित्साधिकारी डा. विजेंद्र कुमार ने बताया कि मिलावटी मावा किडनी और लीवर को ज्यादा प्रभावित करता है। इससे संक्रमण होने का खतरा रहता है। मिलावटी मावे से बनी चीजे खाने से सिर दर्द, पेट दर्द, आंतों में संक्रमण और त्वचा रोग और फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा रहता है।
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त्योहारों पर ही सक्रिय होता है खाद्य सुरक्षा विभाग
शामली। अक्सर देखने में आता है कि जब भी त्योहार आते हैं, तभी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय होते हैं। त्योहारों पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जांच करने का सिलसिला शुरू होता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जुुलाई माह में खाद्य पदार्थों के 15 नमूने लिए गए हैं, इनमें घेवर, पनीर, शक्कर, गुड़ आदि के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
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इस बार नहीं अच्छे कारोबार की उम्मीद
- इस बार मिठाइयों की डिमांड पिछले साल के मुकाबले बेहद कम रही है। पिछले साल जन्माष्टमी से कई दिन पहले से मावे की बिक्री शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अभी मांग ज्यादा नहीं है। - नीरज कुमार, मावा विक्रेता, फव्वारा चौक
- ईद पर तो कुछ कारोबार नहीं हुआ। रक्षाबंधन पर पिछले साल के मुकाबले आधा कारोबार हुआ। अब जन्माष्टमी पर भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है। - देशपाल मलिक, मिठाई विक्रेता, अजंता चौक
- कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस बार आधा भी काम नहीं है। जन्माष्टमी से कुछ उम्मीद है, लेकिन बहुत ज्यादा कारोबार होना मुश्किल है। - मनोज कुमार, मिठाई विक्रेता, पंजाबी कालोनी
कोट
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मिलावटी मावा और उसे बनी मिठाइयों की रोकथाम व जांच के लिए खाद्य निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण और सैंपल लेने की कार्रवाई चल रही है। मिलावटी मावा या खाद्य पदार्थ पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - विनय चतुर्वेदी, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं सुरक्षा विभाग।