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शामली में कैंसर जांच की सुविधा तक नहीं

Sun, 03 Feb 2019 11:24 PM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 03 Feb 2019 11:24 PM IST
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Can not help in cancer detection in Shamli
cancer
शामली। चार फरवरी का दिन हर साल विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को कैंसर की जानकारी और बचाव को लेकर जागरूक करना है। शामली जिले की बात करें तो यहां उपचार तो दूर की बात है। यहां पर कैंसर की जांच तक की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पास कैंसर पीड़ितों का डाटा तक उपलब्ध नहीं है।
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कैंसर जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर समय रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो इससे बचाव संभव है। जरूरत इस बात की है कि इस घातक बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही कैंसर से निपटने की व्यवहारिक रणनीति विकसित की जाए। देश में हर साल हजारों लोग कैंसर की भेंट चढ़ जाते हैं। शामली जिले में भी कैंसर से कई पीड़ित लोग सामने आते रहते हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सरकारी स्तर पर यहां इस बीमारी से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
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उपचार की बात तो दूर, यहां जांच तक की सुविधा नहीं है। कैंसर के विशेषज्ञ चिकित्सक भी यहां पर तैनात नहीं हैं। यही वजह है कि जब तक मरीज को बीमारी का पता चलता है तब तक वह गंभीर स्थिति में पहुंच जाती है। कैंसर का पता चलने पर मरीज को बाहर बड़े शहरों में सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है, तब तक स्थिति काफी विकट बन जाती है।
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हालात ये है कि स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में कैंसर से पीड़ित मरीजों का कोई डाटा भी उपलब्ध नहीं है। चिकित्सकों की माने तो फेफड़ों और गालों के कैंसर से पीड़ित मरीज अधिक सामने आ रहे हैं, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर के केस अधिकतर होते हैं। जागरूकता ही कैंसर से सबसे बड़ा बचाव है। उधर, एसीएमओ डॉ. सफल कुमार ने बताया कि अस्पताल में अभी कैंसर के लिए कोई जांच सुविधा उपलब्ध नहीं है। शामली में जिला अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिला अस्पताल बनने के बाद जांच और उपचार की सुविधा संभव है।


साढ़े सात साल बाद भी नहीं बना जिला अस्पताल
शामली को जिला मुख्यालय का दर्जा 28 सितंबर 2011 को मिला था। उस समय लोगों को यहां पर स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जागी थी। स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो यहां पर मुख्य चिकित्साधिकारी और उनके स्टाफ की तैनाती तो हो गई और उसका कार्यालय भी नए भवन में शुरू हो गया, लेकिन जिला अस्पताल का निर्माण अधर में लटका है। जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य धीमी गति से चला रहा है। यही वजह है कि जिला बनने के करीब साढ़े सात साल बाद भी जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।

 सावधानियां
1. तंबाकू उत्पादों का सेवन करने से बचें।
2. कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले संक्रमण से बचें।
3. चोट लगने पर सही उपचार करें।
4. दिनचर्या को स्वस्थ बनाए।
5. खानपान पर विशेष ध्यान रखना।

 लक्षण

1. शरीर में किसी भी तरह की गांठ का अनियंत्रित बढ़ना।
2. किसी घाव का लंबे समय तक ठीक न होना।
3. भूख कम लगना, वजन कम होना।
4. दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी का रहना।




 
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