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नहीं मिल रहा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य
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कैराना स्थित धान खरीद केंद्र पर अभी खरीद की तैयारियां शुरू नहीं हुईं।
- फोटो : SHAMLI
नहीं मिल रहा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य
शामली। कानून बन चुके कृषि अध्यादेशों को लेकर देशभर में हंगामा मचा है। किसान संगठन एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अनिवार्य रूप से खरीद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उत्पादकों का धान एमएसपी पर नहीं बिक पा रहा।
जिले में ज्यादातर किसान बासमती उगाते हैं, जबकि मोटा धान बहुत कम बोया जाता है। जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बासमती धान की प्रजाति पीबी-1509, पीबी 1121, पीबी वन की पैदावार होती है। बासमती धान की उत्पादकता 23.41 क्विंटल हेक्टेयर आंकी गई है। जिले में पीआर 113, पीआर 114 कॉमन धान का रकबा 1172 हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 31784 क्विंटल उत्पादन होता है। इस धान की उत्पादकता 27.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
पिछले 15 दिनों से बासमती और मोटे धान की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश में धान की खरीद चालू न होने से यमुना खादर और सहारनपुर जिले के किसान बासमती और कामन धान को लेकर हरियाणा की मंडियों में बिक्री के लिए जा रहे हैं। कामन धान के दाम इस बार 1868 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन किसानों को यह मूल्य नहीं मिल पा रहा है। अब तक हरियाणा में बेचे गए मोटे धान के दाम 1400- 1500 रुपये प्रति क्विंटल ही मिले हैं। हरियाणा में रविवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। इसलिए वहां उत्तर प्रदेश के मोटे धान की खरीद बंद कर दी गई है। इसके चलते रविवार को धान लेकर हरियाणा जा रहे किसानों के वाहनों को रोक दिया गया था। मोटा धान तो सस्ता बिका ही साथ ही बासमती के दाम भी बेहद कम मिले हैं। किसानों को हरियाणा की मंडी में बासमती के दाम पिछले साल के मुकाबले 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक कम मिल रहे हैं।
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केंद्रों पर तैयारी नहीं, कैसे होगी सरकारी खरीद
शामली। प्रदेश में एक अक्तूबर से मोटे धान की खरीद शुरू होनी है, लेकिन जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी कोई तैयारी नहीं है। जिले में धान खरीद के लिए सात केंद्र खोले गए हैं। 52670 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। जिले की विपणन अधिकारी निहारिका सिंह ने बताया कि गत वर्ष शासन की ओर से 20 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया था। यह लक्ष्य पूरा हो गया था। इस बार अभी शासन से लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। हरियाणा में मोटे धान की खरीद नहीं होने से धान खरीद पर हरियाणा द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शामली जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। कोरोना काल में बार्डर पर सख्ती के चलते गेहूं खरीद की रिकार्ड तोड़ जिले में खरीद हो पाई थी।
जिले में उगाई जाने वाली धान की प्रजातियां
- पीबी- 1509, पीबी 1121, पीबी वन,
- पीआर 113, पीआर 114
रकबा एवं उत्पादन प्रति क्विंटल ....
धान की प्रजाति रकबा उत्पादन -- उत्पादकता
सुगंधित धान 20 हजार हेक्टेयर 468200 क्विंटल 23.41 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
कॉमन धान 1172 हेक्टेयर 31784 क्विंटल 27.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
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शामली। कानून बन चुके कृषि अध्यादेशों को लेकर देशभर में हंगामा मचा है। किसान संगठन एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अनिवार्य रूप से खरीद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उत्पादकों का धान एमएसपी पर नहीं बिक पा रहा।
जिले में ज्यादातर किसान बासमती उगाते हैं, जबकि मोटा धान बहुत कम बोया जाता है। जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बासमती धान की प्रजाति पीबी-1509, पीबी 1121, पीबी वन की पैदावार होती है। बासमती धान की उत्पादकता 23.41 क्विंटल हेक्टेयर आंकी गई है। जिले में पीआर 113, पीआर 114 कॉमन धान का रकबा 1172 हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 31784 क्विंटल उत्पादन होता है। इस धान की उत्पादकता 27.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
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पिछले 15 दिनों से बासमती और मोटे धान की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश में धान की खरीद चालू न होने से यमुना खादर और सहारनपुर जिले के किसान बासमती और कामन धान को लेकर हरियाणा की मंडियों में बिक्री के लिए जा रहे हैं। कामन धान के दाम इस बार 1868 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन किसानों को यह मूल्य नहीं मिल पा रहा है। अब तक हरियाणा में बेचे गए मोटे धान के दाम 1400- 1500 रुपये प्रति क्विंटल ही मिले हैं। हरियाणा में रविवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। इसलिए वहां उत्तर प्रदेश के मोटे धान की खरीद बंद कर दी गई है। इसके चलते रविवार को धान लेकर हरियाणा जा रहे किसानों के वाहनों को रोक दिया गया था। मोटा धान तो सस्ता बिका ही साथ ही बासमती के दाम भी बेहद कम मिले हैं। किसानों को हरियाणा की मंडी में बासमती के दाम पिछले साल के मुकाबले 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक कम मिल रहे हैं।
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केंद्रों पर तैयारी नहीं, कैसे होगी सरकारी खरीद
शामली। प्रदेश में एक अक्तूबर से मोटे धान की खरीद शुरू होनी है, लेकिन जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी कोई तैयारी नहीं है। जिले में धान खरीद के लिए सात केंद्र खोले गए हैं। 52670 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। जिले की विपणन अधिकारी निहारिका सिंह ने बताया कि गत वर्ष शासन की ओर से 20 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया था। यह लक्ष्य पूरा हो गया था। इस बार अभी शासन से लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। हरियाणा में मोटे धान की खरीद नहीं होने से धान खरीद पर हरियाणा द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शामली जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। कोरोना काल में बार्डर पर सख्ती के चलते गेहूं खरीद की रिकार्ड तोड़ जिले में खरीद हो पाई थी।
जिले में उगाई जाने वाली धान की प्रजातियां
- पीबी- 1509, पीबी 1121, पीबी वन,
- पीआर 113, पीआर 114
रकबा एवं उत्पादन प्रति क्विंटल ....
धान की प्रजाति रकबा उत्पादन -- उत्पादकता
सुगंधित धान 20 हजार हेक्टेयर 468200 क्विंटल 23.41 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
कॉमन धान 1172 हेक्टेयर 31784 क्विंटल 27.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर