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गुरु गोबिंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
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शामली सरस्वती विद्या मन्दिर इन्टर कॉलेज में गूरू गोविन्द सिंह के चित्र पर पुष्पअर्पित करते शिक्
- फोटो : SHAMLI
गुरु गोबिंद सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में गुरू गोबिंद सिंह की जयंती मनाई गई। इस दौरान छात्रों से उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और सिक्खों के 10वें गुरू गोबिंद सिंह के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से किया। आचार्य नितिन कुमार ने गुरू गोबिंद सिंह के जीवन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि धर्म एवं समाज की रक्षा के लिए वर्ष 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने सभी जातियों के भेदभाव को समाप्त करके समानता स्थापित की और उनमें आत्म सम्मान की भावना भी पैदा की। गुरू गोबिंद सिंह 42 वर्षों तक निरंतर मुगलों के जुल्म के खिलाफ डटकर मुकाबला करते हुए सन् 1708 को वीरगति को प्राप्त हुए।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने छात्रों को बताया कि गुरु गोबिंद सिंह बड़े त्यागी, साहसी, धर्म के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने धर्म की रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, अशोक कुमार, महेंद्र सिंह, पवन कुमार, अंकुर कुमार, मधुबन शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, योगेंद्र सैनी, सुखदेव सैनी, अक्षय कुमार, ब्रजपाल सिंह, ब्रिजेश कुमार, अंकित भार्गव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सोमदत्त आर्य ने किया।
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शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में गुरू गोबिंद सिंह की जयंती मनाई गई। इस दौरान छात्रों से उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और सिक्खों के 10वें गुरू गोबिंद सिंह के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से किया। आचार्य नितिन कुमार ने गुरू गोबिंद सिंह के जीवन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि धर्म एवं समाज की रक्षा के लिए वर्ष 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने सभी जातियों के भेदभाव को समाप्त करके समानता स्थापित की और उनमें आत्म सम्मान की भावना भी पैदा की। गुरू गोबिंद सिंह 42 वर्षों तक निरंतर मुगलों के जुल्म के खिलाफ डटकर मुकाबला करते हुए सन् 1708 को वीरगति को प्राप्त हुए।
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कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने छात्रों को बताया कि गुरु गोबिंद सिंह बड़े त्यागी, साहसी, धर्म के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने धर्म की रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, अशोक कुमार, महेंद्र सिंह, पवन कुमार, अंकुर कुमार, मधुबन शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, योगेंद्र सैनी, सुखदेव सैनी, अक्षय कुमार, ब्रजपाल सिंह, ब्रिजेश कुमार, अंकित भार्गव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सोमदत्त आर्य ने किया।
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