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35 करोड़ का कारोबार प्रभावित, आधा रह गया प्रदूषण का मानक
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35 करोड़ का कारोबार प्रभावित, आधा रह गया प्रदूषण का मानक
शामली । कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यूू का सर्वसमाज ने समर्थन दिया। लोग घरों में रहे । बाजार, दुकान, ट्रेनें, बस ,ई रिक्शा तक बंद रही। सड़कें सूनी थी। एक दिन के इस जनता कर्फ्य्रू से जिले का 35 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हालांकि प्रदूषण का मानक स्तर घटकर आधा रह गया है, लेकिन हर किसी का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ये कोई मायने नहीं रखता। पहले जान है बाद में व्यापार -कारोबार।
बंद से ये हुआ नुकसान
व्यापार-कारोबार थोक रिटेल -15 करोड़ (6000 इकाईयां)
उधोग - 5 करोड़ (240 इकाईयां )
रोडवेज नुकसान - 2.50 लाख
निजी बसें 1.75 लाख
पेट्रोल पंप 60 लाख
पेट्रोल पंप की सेल 90 फीसदी गिरी
शामली। शामली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 27 पेट्रोल पंप हैं। इनमें प्रतिदिन औसतन ढाई लाख रुपये की सेल होती है । इस तरह प्रतिदिन करीब 67 लाख का पेट्रोल, डीजल बिकता है, लेकिन रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते ये बिक्री 90 प्रतिशत घट गई है। जो 10 प्रतिशत बिक्री हुई है उसमें भी सरकारी वाहनों की अधिक है। यानि एक दिन में करीब 60 लाख की सेल प्रभावित हुई है, लेकिन ये कोई चिंता की बात नहीं है।
आधा घट गया प्रदूषण का मानक स्तर
सामान्य दिनों में प्रदूषण का स्तर करीब 150-200 एक्यूआई रहता था, लेकिन बसें और अन्य वाहन बंद रहने की वजह से प्रदूषण का स्तर में भी गिरावट आई है। प्रदूषण नियंत्रण के वरिष्ठ अधिकारी डीसी पांडे ने बताया कि शामली में प्रदूषण मापने की स्थायी ऑन लाइन व्यवस्था नहीं है, लेकिन सामान्यत जिले का प्रदूषण 150 से 200 एक्यूआई रहता है। इसमें सबसे ज्यादा वाहनों के प्रदूषण से होता है, लेकिन रविवार को वाहन बंद रहे और सड़कों पर लोग भी नहीं थे। लिहाजा संभावना है कि ये घटकर 100 के आसपास रह गया होगा। सोमवार को प्रदूषण मापा जाएगा।
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सरकार के फैसले के साथ उद्योग जगत
शामली मैन्यूफैक्चयरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल, निखिल एरन, अनुज गर्ग ने बताया कि जिले में छोटी बड़ी 300 कारखानें हैं। इससे 1600 करोड़ का सालाना टर्न ओवर है। प्रतिदिन करीब पांच करोड़ के आसपास का काम है, लेकिन सबसे पहले जान है। कोरोना जैसे वायरस के खिलाफ प्रधानमंत्री और सरकार के हर प्रयास के साथ पूरा उद्योग जगत है। सभी को साथ रहना भी चाहिए। कोराना वायरस के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। शामली पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता कहते हैं ,व्यापार कारोबार बाद की बातें हैं पहले तो जान सुरक्षित होनी चाहिए। हम सरकार के हर कदम के साथ हैं।
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शामली । कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यूू का सर्वसमाज ने समर्थन दिया। लोग घरों में रहे । बाजार, दुकान, ट्रेनें, बस ,ई रिक्शा तक बंद रही। सड़कें सूनी थी। एक दिन के इस जनता कर्फ्य्रू से जिले का 35 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हालांकि प्रदूषण का मानक स्तर घटकर आधा रह गया है, लेकिन हर किसी का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में ये कोई मायने नहीं रखता। पहले जान है बाद में व्यापार -कारोबार।
बंद से ये हुआ नुकसान
व्यापार-कारोबार थोक रिटेल -15 करोड़ (6000 इकाईयां)
उधोग - 5 करोड़ (240 इकाईयां )
रोडवेज नुकसान - 2.50 लाख
निजी बसें 1.75 लाख
पेट्रोल पंप 60 लाख
पेट्रोल पंप की सेल 90 फीसदी गिरी
शामली। शामली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 27 पेट्रोल पंप हैं। इनमें प्रतिदिन औसतन ढाई लाख रुपये की सेल होती है । इस तरह प्रतिदिन करीब 67 लाख का पेट्रोल, डीजल बिकता है, लेकिन रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते ये बिक्री 90 प्रतिशत घट गई है। जो 10 प्रतिशत बिक्री हुई है उसमें भी सरकारी वाहनों की अधिक है। यानि एक दिन में करीब 60 लाख की सेल प्रभावित हुई है, लेकिन ये कोई चिंता की बात नहीं है।
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आधा घट गया प्रदूषण का मानक स्तर
सामान्य दिनों में प्रदूषण का स्तर करीब 150-200 एक्यूआई रहता था, लेकिन बसें और अन्य वाहन बंद रहने की वजह से प्रदूषण का स्तर में भी गिरावट आई है। प्रदूषण नियंत्रण के वरिष्ठ अधिकारी डीसी पांडे ने बताया कि शामली में प्रदूषण मापने की स्थायी ऑन लाइन व्यवस्था नहीं है, लेकिन सामान्यत जिले का प्रदूषण 150 से 200 एक्यूआई रहता है। इसमें सबसे ज्यादा वाहनों के प्रदूषण से होता है, लेकिन रविवार को वाहन बंद रहे और सड़कों पर लोग भी नहीं थे। लिहाजा संभावना है कि ये घटकर 100 के आसपास रह गया होगा। सोमवार को प्रदूषण मापा जाएगा।
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सरकार के फैसले के साथ उद्योग जगत
शामली मैन्यूफैक्चयरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल, निखिल एरन, अनुज गर्ग ने बताया कि जिले में छोटी बड़ी 300 कारखानें हैं। इससे 1600 करोड़ का सालाना टर्न ओवर है। प्रतिदिन करीब पांच करोड़ के आसपास का काम है, लेकिन सबसे पहले जान है। कोरोना जैसे वायरस के खिलाफ प्रधानमंत्री और सरकार के हर प्रयास के साथ पूरा उद्योग जगत है। सभी को साथ रहना भी चाहिए। कोराना वायरस के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा। शामली पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता कहते हैं ,व्यापार कारोबार बाद की बातें हैं पहले तो जान सुरक्षित होनी चाहिए। हम सरकार के हर कदम के साथ हैं।