{"_id":"669ee935f9011e87dc072cf6","slug":"budget-of-expectations-today-inflation-curbed-shamli-news-c-26-1-smrt1047-125017-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: उम्मीदों का बजट आज, महंगाई पर लगे अंकुश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: उम्मीदों का बजट आज, महंगाई पर लगे अंकुश
Tue, 23 Jul 2024 04:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 23 Jul 2024 04:50 AM IST
विज्ञापन
शामली। मंगलवार को संसद में पेश होने वाले आम बजट को लेकर जिले के उद्यमी, व्यापारी, किसान, आम नागरिक सुविधा की उम्मीद की लगाए बैठे हैं। उद्यमी चाहते है कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाए। उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करें। व्यापारी जीएसटी का सरलीकरण किए जाने, डीजल-पेट्रोल को जीएसटी की श्रेणी में जाने, रसोई गैस की कीमती को कम करने और महंगाई में अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं।
उद्यमियों की समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो
आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन का कहना है कि उद्यमियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग विभागों से होकर जाना पड़ता है। जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न होता है। सरकार को उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने को सिंगल विंडो सिस्टम लागू होना चाहिए।
लघु उद्योगों को मिले कम ब्याज पर ऋण
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल का कहना है कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार उद्योगों को विशेष बजट का प्रावधान करें। कम ब्याज दरों पर सस्ते ऋण सुविधा उपलब्ध कराए। जिससे एक औद्योगिक इकाई स्थापित होने पर एक सौ से लेकर दो सौ मजदूंरों को रोजगार मिलता है।
विज्ञापन
पेपर निर्यात पर कस्टम डयूटी लागू हो
पेपर मिल उद्यमी अशोक बंसल का कहना है कि विदेश से निर्यात होने वाले कागज पर कस्टम डयूटी लागू करने, जीएसटी सरलीकरण करने और पाेर्टल सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
व्यापारियों के उत्पीड़न पर लगे अकुंश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि आम बजट में व्यापारियों को आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें धारा 80 सी में मिलने वाली छूट जारी रखनी चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण कर व्यापारी के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने, 45 दिन के भुगतान के नियम को समाप्त करने, जीएसटी के 28 प्रतिशत के टैक्स स्लेब को समाप्त करने तथा पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर महंगाई पर अंकुश लगाने की माग की है।
फसलों के लिए कानूनी गारंटी लागू हो
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि किसानों की सभी फसलों के लिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की कानूनी गारंटी लागू करने, खेत मजदूरों की ऋण ग्रस्तता, किसानों को पलायन से मुक्ति के लिए ऋण माफी योजना लागू करने, बिजली क्षेत्र का निजीकरण रोकने उर्वरक, बीज, कीटनाशक, बिजली, सिंचाई, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और ट्रैक्टर पर सब्सिडी फिर से शुरू करने की मांग की है।
महंगाई नियंत्रण करने के लिए होम लोन की हो सुविधा
अधिवक्ता गौरव मित्तल का कहना है कि आम बजट में महंगाई को नियंत्रित किया जाए। होम लोन, कार लोन अथवा पर्सनल लोन के ब्याज पर छूट दिए जाने, बैंकों की रेपो रेट में कमी लाए जाने के कदम उठाए जाने की वकालत की है।
वित्त मंत्री से 10 लाख रुपये तक की आमदनी को आयकर के दायरे से बाहर किया जाने और अधिकतम आयकर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
उद्यमियों की समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो
आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन का कहना है कि उद्यमियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग विभागों से होकर जाना पड़ता है। जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न होता है। सरकार को उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने को सिंगल विंडो सिस्टम लागू होना चाहिए।
विज्ञापन
लघु उद्योगों को मिले कम ब्याज पर ऋण
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल का कहना है कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार उद्योगों को विशेष बजट का प्रावधान करें। कम ब्याज दरों पर सस्ते ऋण सुविधा उपलब्ध कराए। जिससे एक औद्योगिक इकाई स्थापित होने पर एक सौ से लेकर दो सौ मजदूंरों को रोजगार मिलता है।
विज्ञापन
पेपर निर्यात पर कस्टम डयूटी लागू हो
पेपर मिल उद्यमी अशोक बंसल का कहना है कि विदेश से निर्यात होने वाले कागज पर कस्टम डयूटी लागू करने, जीएसटी सरलीकरण करने और पाेर्टल सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
व्यापारियों के उत्पीड़न पर लगे अकुंश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि आम बजट में व्यापारियों को आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें धारा 80 सी में मिलने वाली छूट जारी रखनी चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण कर व्यापारी के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने, 45 दिन के भुगतान के नियम को समाप्त करने, जीएसटी के 28 प्रतिशत के टैक्स स्लेब को समाप्त करने तथा पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर महंगाई पर अंकुश लगाने की माग की है।
फसलों के लिए कानूनी गारंटी लागू हो
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि किसानों की सभी फसलों के लिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की कानूनी गारंटी लागू करने, खेत मजदूरों की ऋण ग्रस्तता, किसानों को पलायन से मुक्ति के लिए ऋण माफी योजना लागू करने, बिजली क्षेत्र का निजीकरण रोकने उर्वरक, बीज, कीटनाशक, बिजली, सिंचाई, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और ट्रैक्टर पर सब्सिडी फिर से शुरू करने की मांग की है।
महंगाई नियंत्रण करने के लिए होम लोन की हो सुविधा
अधिवक्ता गौरव मित्तल का कहना है कि आम बजट में महंगाई को नियंत्रित किया जाए। होम लोन, कार लोन अथवा पर्सनल लोन के ब्याज पर छूट दिए जाने, बैंकों की रेपो रेट में कमी लाए जाने के कदम उठाए जाने की वकालत की है।
वित्त मंत्री से 10 लाख रुपये तक की आमदनी को आयकर के दायरे से बाहर किया जाने और अधिकतम आयकर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किए जाने की मांग की है।