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रिम धुरा उद्योग के लिए बजट मुफीद
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:02 AM IST
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शामली में रिम निर्माता कंपनी के प्रबंध निदेशक आलोक जैन और आशीष जैन।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में रिम धुरा उद्योग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शामली की अलग ही पहचान है। केंद्र सरकार के आम बजट में 50 से 250 करोड़ तक टर्न ओवर वाले उद्यमियों के लिए टैक्स का एक ही स्लैब निर्धारित कर दिया गया है। उद्यमियों का मानना है कि शामली के रिम धुरा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि एक्सपोर्ट इंसेंटिव में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
शामली में रिम धुरा निर्माण की करीब 25 इंडस्ट्री हैं। इनमें से करियर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शामली में बने रिम की सप्लाई देशभर के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही अमेरिका, फ्रांस और इंग्लैंड तक कर रही हैं। यहां बने रिम ट्रैक्टर निर्माता कंपनी एस्कोर्ट, सोनालिका, मैस्सी फग्र्यूशन, ऐश, प्रीथ, एल एंड टी और फ्रांस की एगको कंपनी को भी किए जा रहे हैं। करियर व्हील्स के प्रबंधक निदेशक आलोक जैन और आशीष जैन बताते हैं कि उनकी कंपनी का सालाना टर्न ओवर 35 करोड़ रुपये है। अभी तक 50 करोड़ तक टर्न ओवर वाले उद्यमी को 25 प्रतिशत इनकम टैक्स देना पड़ता था, जबकि उसके ऊपर 250 करोड़ तक के टर्न ओवर वाले उद्यमी पर 30 प्रतिशत इनकम टैक्स लगता था।
आम बजट में केंद्र सरकार ने 250 करोड़ रुपये तक टर्न ओवर पर 25 प्रतिशत इनकम टैक्स ही निर्धारित किया है, जिससे 50 करोड़ से ऊपर वाले उद्यमियों को लाभ पहुंचेगा। क्योंकि देश में 250 करोड़ रुपये टर्न ओवर से ऊपर वाले महज एक प्रतिशत ही उद्यमी है, जिन्हें 30 प्रतिशत इनकम टैक्स के दायरे में रखा गया है। आलोक जैन बताते हैं कि उनकी कंपनी में करीब 250 श्रमिक कार्य करते हैं। कच्चा माल मंगाने, लेबर, बिजली खर्च के अलावा मशीनों की मरम्मत आदि पर खर्च के कारण पूरे साल का बजट बनाकर चलना पड़ता है। सरकार ने टैक्स में बढ़ोतरी नहीं की, लेकिन बिजली की दरें पिछले समय में काफी बढ़ गई है। नतीजतन उद्योगों का उत्पादन लागत बढ़ जाती है। बिजली दरों में भी कमी की जानी जरूरी है। हालांकि म्यूचुअल फंड अब तक टैक्स के दायरे में नहीं आता था, लेकिन केंद्र सरकार ने अब उसे भी टैक्स के दायरे में ला दिया है।
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शामली में रिम धुरा निर्माण की करीब 25 इंडस्ट्री हैं। इनमें से करियर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शामली में बने रिम की सप्लाई देशभर के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही अमेरिका, फ्रांस और इंग्लैंड तक कर रही हैं। यहां बने रिम ट्रैक्टर निर्माता कंपनी एस्कोर्ट, सोनालिका, मैस्सी फग्र्यूशन, ऐश, प्रीथ, एल एंड टी और फ्रांस की एगको कंपनी को भी किए जा रहे हैं। करियर व्हील्स के प्रबंधक निदेशक आलोक जैन और आशीष जैन बताते हैं कि उनकी कंपनी का सालाना टर्न ओवर 35 करोड़ रुपये है। अभी तक 50 करोड़ तक टर्न ओवर वाले उद्यमी को 25 प्रतिशत इनकम टैक्स देना पड़ता था, जबकि उसके ऊपर 250 करोड़ तक के टर्न ओवर वाले उद्यमी पर 30 प्रतिशत इनकम टैक्स लगता था।
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आम बजट में केंद्र सरकार ने 250 करोड़ रुपये तक टर्न ओवर पर 25 प्रतिशत इनकम टैक्स ही निर्धारित किया है, जिससे 50 करोड़ से ऊपर वाले उद्यमियों को लाभ पहुंचेगा। क्योंकि देश में 250 करोड़ रुपये टर्न ओवर से ऊपर वाले महज एक प्रतिशत ही उद्यमी है, जिन्हें 30 प्रतिशत इनकम टैक्स के दायरे में रखा गया है। आलोक जैन बताते हैं कि उनकी कंपनी में करीब 250 श्रमिक कार्य करते हैं। कच्चा माल मंगाने, लेबर, बिजली खर्च के अलावा मशीनों की मरम्मत आदि पर खर्च के कारण पूरे साल का बजट बनाकर चलना पड़ता है। सरकार ने टैक्स में बढ़ोतरी नहीं की, लेकिन बिजली की दरें पिछले समय में काफी बढ़ गई है। नतीजतन उद्योगों का उत्पादन लागत बढ़ जाती है। बिजली दरों में भी कमी की जानी जरूरी है। हालांकि म्यूचुअल फंड अब तक टैक्स के दायरे में नहीं आता था, लेकिन केंद्र सरकार ने अब उसे भी टैक्स के दायरे में ला दिया है।
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