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Shamli News: किसानों, व्यापारियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट

Tue, 06 Feb 2024 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Feb 2024 12:59 AM IST
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Budget did not meet the expectations of farmers and traders
शामली। यूपी सरकार का आम बजट सोमवार को पेश किया गया। बजट को व्यापारियों, किसानों ने नाकाफी बताया। कहा कि बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। इस बजट से जिले के उद्योगों-व्यापारियों और किसानों को कोई भला नहीं हो पाएगा।
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-बजट में व्यापारियों की अनदेखी की गई
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि बजट में प्रदेश के व्यापारियों की हर तरह से अनदेखी की गई है। प्रदेश में व्यापारी भाजपा का वोटर है, मगर फिर भी व्यापारी को प्रदेश सरकार ने कतई तवज्जो नहीं दी। पूरे बजट में केवल सड़कों के निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, पुलों का निर्माण, धर्मार्थ क्षेत्र में सड़कों का निर्माण, गांव में पुलों का निर्माण के लिए बजट रखा गया। व्यापारी हित में किसी भी प्रकार के बजट की घोषणा नहीं की गई। व्यापारियों को निशाशा हाथ लगी है।
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-गन्ना भुगतान की बजट में हो व्यवस्थ
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सवित मलिक ने कहा कि मुफ्त बिजली किसान को नहीं मिल पा रही है। किसान को बिल देना पड़ रहा है। गन्ना रेट भी बढ़ना चाहिए था, मगर नहीं बढ़ा। किसानों के हाथ निराशा लगी है।
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-किसानों के लिए बजट की नहीं की व्यवस्था
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव अनिल मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में किसान कों फसल एमएसपी की खरीद की गारंटी, किसानों के नलकूपों की बिजली फ्री करने की घोषणा नहीं की गई। बजट से किसानों को निराशा हाथ लगी है।

-किसानों और मजदूरों की अनदेखी
विधायक प्रसन्न चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों, मजदूरों, आम लोगों को ये उम्मीद थी कि इस बजट में उनकी अनदेखी नहीं की जाएगी। पिछले बजट में किसानों को फ्री बिजली का वादा हुआ था, उस पर इस बार कोई चर्चा नहीं हुई। किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया। पश्चिम यूपी से सरकार ने किनारा करते हुए शामली, मुजफ्फरनगर के किसानों को बजट के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा वाली बात हुई। इस बजट से साफ है, ये सरकार किसान, कमेरे लोगों का हित नहीं चाहती है। इसका जवाब यहां की जनता आगामी चुनाव में देगी

-किसानों के लिए कोई राहत नहीं
भाकियू नेता कपिल खाटियान का कहना है कि किसानों के इस्तेमाल में आने वाले यंत्रों को प्रदेश सरकार ने जीएसटी मुक्त नहीं किया। मुफ्त बिजली, गन्ना भुगतान, आवारा पशु, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि सिर्फ आंकड़ों में नजरआ रही है, धरातल पर नहीं। बजट में किसानों के लिए कोई राहत नहीं है।



-बजट नाकाफी
पूर्व विधायक राव वारिश का कहना है कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बजट जारी होना चाहिए था। किसानों के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई। बजट लोगों, किसानों, मजदूरों के लिए नाकाफी है।
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