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Shamli News: टूटी मजहबी दीवार, डा. रिहान फ्री कर रहे भोलों का उपचार

Fri, 14 Jul 2023 11:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jul 2023 11:35 PM IST
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Broken religious wall, Dr. Rihan is doing free treatment of the innocent
शामली में घायल कांव​ड़िये का उपचार करते डॉ. रिहान जैदी।
- डा. रिहान जैदी शिवभक्तों को निशुल्क उपचार के साथ ही कर रहे भंडारा आयोजित
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- अब तक पांच हजार से अधिक शिवभक्तों को भोजन कराने के साथ एक हजार से ज्यादा का कर चुके हैं उपचार

- इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानने वाले डा. जैदी करते हैं शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा
फोटो समाचार
महबूब अली

शामली। ''''मेरा मजहब इश्क का मजहब, जिसमें कोई तफरीक नहीं, मेरे हल्के में आते हैं ''''तुलसी'''' भी और ''''जामी'''' भी। शायर कैशर शमीम की यह शायरी डा. रिहान जैदी पर बिल्कुल सटीक बैठती है। डा. जैदी कांवड़ यात्रा के दौरान न केवल कांवड़ियों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं, बल्कि भंडारा भी चला रहे हैं। बिना किसी दूसरे के सहयोग से सांप्रदायिक सौहार्द को समर्पित उनके इस कार्य की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

शहर के कृष्णा एन्क्लेव में रहने वाले डॉ. रिहान जैदी ने पिछले एक सप्ताह से सिसौली बस अड्डे के पास कांवड़ियों के लिए निशुल्क भंड़ारा और मेडिकल कैंप लगाया हुआ है। जिसमें एक अब तक एक हजार से अधिक शिवभक्ताें का उपचार कर चुके हैं। इसके अलावा पांच हजार से अधिक शिवभक्तों को प्रसाद के रूप में भोजन करा चुके हैं। शिवभक्तों का डॉ. रिहान जैदी और उनकी टीम फूल बरसाकर स्वागत भी कर रही हैं।
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डॉ. रिहान जैदी मूल रूप से मेरठ शहर की रामबाग कॉलोनी के रहने वाले हैं। पिछले कुछ समय से शामली में ही कृष्णा एन्क्लेव में रहते हैं और शामली के विभिन्न अस्पतालों में सर्जरी करते हैं। जरूरतमंदों को निशुल्क उपचार भी देते हैं। डा. रिहान जैदी ने बताया कि उनके पिता मौ. बाकर जैदी सहकारिता विभाग से अस्सिटेंट कमिश्नर के पद से रिटायर हैं। उनसे सीख लेकर ही शामली में शिवभक्तों के लिए शिविर लगाने का निर्णय लिया था। डा. जैदी का मानना है कि इंसानियत से बड़ी कोई चीज नहीं है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वह सौहार्द बिगाड़ने के बजाए इंसानियत का संदेश देते हुए एक दूसरे की मदद करें। संवाद
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एक हजार को दिया उपचार, 5 हजार को खिलाया भंड़ारा
डॉ. रिहान जैदी एमबीबीएस एमएस जर्नल सर्जन हैं। बताया कि एक सप्ताह में वह एक हजार शिवभक्तों का उपचार कर चुके हैं। आठ शिवभक्तों की हालत गंभीर होने पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जिसका खर्च उन्होंने खुद ही वहन किया है। पांच हजार शिवभक्तों को भंड़ारा खिलाया। भंडारे में शुद्ध शाकाहारी भोजन और दूध आदि दिया जाता है। अब तक तीन लाख से अधिक का खर्च आ चुका है। दवाइयों का इंतजाम भी खुद ही किया गया है। उन्हें इस पुनीत कार्य में डा. योगेश चौधरी, डा. अर्जुन सिंह का भी सहयोग मिल रहा है।

जरूरतमंदों का खुद के खर्च पर कराते हैं उपचार

डॉ. रिहान जैदी शामली में वैसे तो प्राइवेट अस्पतालों में सर्जरी करते हैं। मगर जहां पर भी उन्हें लगता है कि मरीजों के पास उपचार के रुपये नहीं है। वे ऐसे मरीजों का निशुल्क उपचार करने के लिए भी तैयार रहते हैं। 50 से अधिक का अभी तक उपचार किया जा चुका है।



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शहर की खुशहाली को कांवड़ लेकर पहुंचे पानीपत के 25 दोस्त

पानीपत के रहने वाले सुखबीर, इंद्रपाल, बाबूुराम, संदीप समेत 25 दोस्त हरिद्वार से कांवड़ और जल लेकर शामली पहुंचे। यहां पर पहुंचने पर सभी का लोगों ने जोरदार स्वागत किया। संदीप ने बताया कि वे पिछले पांच साल से शहर की खुशहाली के लिए हरिद्वार से कांवड़ और जल लेकर आ रहे हैं। पानीपत पहुंचने पर भंड़ारा भी आयोजित किया जाता है।

इस बार पति-पत्नी सबसे अधिक गंगाजल लेने पहुंचे

इस बार देखने में अहा रहा है कि पति और पत्नी अपनी मनोकामना पूरी होने पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंच रहे हैं। रोहतक के संजय कुमार, पानीपत की मनोरमा, सुनीता ने बताया कि परिवार में खुशहाली के लिए गंगाजल लेकर जा रहे हैं। सुनीता ने कहा कि उसने अच्छा पति मिलने पर हर साल कांवड़ लाने का वायदा किया था, जिसे पूरा करने के लिए वह पति के साथ कांवड़ ला रही हैं।
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