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बोर्ड परीक्षा : अनुक्रमांक में त्रुटि मिली तो प्रधानाचार्यों पर गिरेगी गाज

Fri, 22 Sep 2023 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:45 AM IST
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Board Exam: Principals will be punished if error is found in roll number
शामली। वर्ष 2024 में होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद अलर्ट हो गया है। इसको देखते हुए पहली बार परिषद ने वेबसाइट पर ऑनलाइन अपडेट करने की व्यवस्था की है और प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी सौंपते हुए 10वीं और 12वीं के छात्रों के दस्तावेज व अभिभावकों को बुलाकर ऑनलाइन चेक करने के निर्देश दिए। यदि उसके बाद त्रुटि रहती है, तो प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि ताकि छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो। यदि उसके बाद भी खामियां रहती है तो संबंधित प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी।
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प्रदेश में हर बार यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को परीक्षा के दौरान अनुक्रमांक में नाम, पता, पिता का नाम व अन्य त्रुटि होने के कारण परीक्षा में बैठने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है, और कभी तो परीक्षा तक में नहीं बैठने दिया जाता है। प्रधानाचार्य भी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते और वेबसाइट पर डाटा अपलोड करने से छोड़ देते हैं, बाद में परीक्षा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों से अनुक्रमांक की मांग करते हैं। जिससे अंतिम अनुक्रमांक पाए छात्रों द्वारा परीक्षा में नकल करने एवं अन्य कार्रवाई में शामिल होने की संभावना अधिक रहती थी।
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इसको देखते हुए परिषद ने पहली बार व्यवस्था कर ऑनलाइन वेबसाइट जारी की है। इस वेबसाइट के माध्यम से प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं के काॅलेज में जमा अभिलेखों से मिलान करेंगे और उसके बाद परिजनों को बुलाकर चेक लिस्ट की जांच कराएंगे, ताकि बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को परेशानी न हो। प्रधानाचार्यों को जांच कराने के बाद अंतिम डाटा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। यदि उसके बाद भी प्रधानाचार्य की लापरवाही मिलती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने प्रदेश के सभी डीआईओएस को आदेश जारी किए है। जिसके बाद डीआईओएस जेएस शाक्य ने प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कर कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और कार्य को गंभीरता से करते हुए समय से पूरा करें, ताकि छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा बिना किसी दिक्कत से दे सकें। बताया कि वर्ष 2020 से 2022 तक प्रदेश के प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई करते हुए 199 विद्यालयों को डिबार किया जा चुका है।
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