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आंदोलन के छह माह पूरे होने पर मनाया काला दिवस
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आंदोलन के छह माह पूरे होने पर मनाया काला दिवस
शामली। किसान आंदोलन के छह माह पूर्व होने पर भाकियू व अन्य किसान संगठनों के साथ ही सपा और रालोद ने काला दिवस मनाया। घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया। इस दौरान ऊन, कांधला तथा बनत में केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। कई किसान नेताओं को पुलिस ने उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ।
भारतीय किसान यूनियन ने बनत में प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया। ट्रैक्टर पर काले झंडे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान गुड्डू बनत, एजाज, अनुज, विनोद, सलीम, सुधीर आदि मौजूद रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने बताया कि पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कई भाकियू नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर लिया था। गांव-गांव में किसानों ने काला दिवस मनाते हुए विरोध दर्ज कराया। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार ने भाकियू कार्यालय पर काला झंडा लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अजीत निर्वाल, ऋषिपाल सिलावर एवं राजीव आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू नेता मास्टर जाहिद को भी पुलिस ने उनके घर पर नजरबंद रखा। ऊन ब्लॉक अध्यक्ष सुमित को उनके घर पर नजरबंद करने को लेकर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
रालोद नेताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। पार्टी जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने वर्चुअल बैठक में कहा कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में रालोद किसानों को समर्थन दे रही है। कानूनों को रद्द कराने तक विरोध-प्रदर्शन एवं किसान आंदोलन को समर्थन जारी रहेगा। राष्ट्रीय महासचिव युवा अशरफ अली खान, रालोद जिला उपाध्यक्ष डॉ. विक्रांत जावला ने कहा कि सभी कार्यकर्ता व आम जनमानस जयंत चौधरी को किसान, नौजवान व व्यापारियों के लिए नई उम्मीद के रूप में देख रहा है। बैठक में प्रदेश महासचिव तरसपाल मलिक, सत्यवीर पंवार, अनवार चौधरी, ऋषिराज राझड़, देशराज भनेड़ा, रंधावा मलिक, उमेश पवार, अमित खेड़ी, अरविंद पंवार आदि शामिल रहे।
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उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सपा कार्यकर्ताओं ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध किया। सपा नेता प्रोफ़ेसर सुधीर पंवार के नेतृत्व में कांधला में चौधरी चरणसिंह की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि शामली के किसानों पर भी सरकार के इशारे पर पुलिस ने फ़र्जी केस लगाए हैं। भैंसवाल गांव में रालोद के जिला पंचायत सदस्य उमेश पंवार के घर पर ट्रैक्टर पर काला झंडा लगाया। बाद में रालोद कार्यकर्ताओं ने गांव के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर कार्यकर्ता तितर-बितर हो गए। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुढ़ाना रोड पर काले झंडे लगाए। किसान यूनियन के अध्यक्ष सवित मलिक ने अपने गांव कुड़ाना में आवास पर काला झंडा लगाया। पूूरे दिन रालोद, सपा नेताओं के अलावा अन्य किसान संगठनों के नेताओं के घर पर पुलिस का पहरा रहा। गांव डांगरौल में किसान नेता राजन जावला ने ट्रैक्टर पर काला झंडा लगाकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक कृषि कानून वापस नहीं लेती आंदोलन जारी रहेगा।
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शामली। किसान आंदोलन के छह माह पूर्व होने पर भाकियू व अन्य किसान संगठनों के साथ ही सपा और रालोद ने काला दिवस मनाया। घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया। इस दौरान ऊन, कांधला तथा बनत में केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। कई किसान नेताओं को पुलिस ने उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ।
भारतीय किसान यूनियन ने बनत में प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया। ट्रैक्टर पर काले झंडे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान गुड्डू बनत, एजाज, अनुज, विनोद, सलीम, सुधीर आदि मौजूद रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने बताया कि पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कई भाकियू नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर लिया था। गांव-गांव में किसानों ने काला दिवस मनाते हुए विरोध दर्ज कराया। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार ने भाकियू कार्यालय पर काला झंडा लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अजीत निर्वाल, ऋषिपाल सिलावर एवं राजीव आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू नेता मास्टर जाहिद को भी पुलिस ने उनके घर पर नजरबंद रखा। ऊन ब्लॉक अध्यक्ष सुमित को उनके घर पर नजरबंद करने को लेकर भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
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रालोद नेताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। पार्टी जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने वर्चुअल बैठक में कहा कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में रालोद किसानों को समर्थन दे रही है। कानूनों को रद्द कराने तक विरोध-प्रदर्शन एवं किसान आंदोलन को समर्थन जारी रहेगा। राष्ट्रीय महासचिव युवा अशरफ अली खान, रालोद जिला उपाध्यक्ष डॉ. विक्रांत जावला ने कहा कि सभी कार्यकर्ता व आम जनमानस जयंत चौधरी को किसान, नौजवान व व्यापारियों के लिए नई उम्मीद के रूप में देख रहा है। बैठक में प्रदेश महासचिव तरसपाल मलिक, सत्यवीर पंवार, अनवार चौधरी, ऋषिराज राझड़, देशराज भनेड़ा, रंधावा मलिक, उमेश पवार, अमित खेड़ी, अरविंद पंवार आदि शामिल रहे।
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उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सपा कार्यकर्ताओं ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध किया। सपा नेता प्रोफ़ेसर सुधीर पंवार के नेतृत्व में कांधला में चौधरी चरणसिंह की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि शामली के किसानों पर भी सरकार के इशारे पर पुलिस ने फ़र्जी केस लगाए हैं। भैंसवाल गांव में रालोद के जिला पंचायत सदस्य उमेश पंवार के घर पर ट्रैक्टर पर काला झंडा लगाया। बाद में रालोद कार्यकर्ताओं ने गांव के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर कार्यकर्ता तितर-बितर हो गए। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुढ़ाना रोड पर काले झंडे लगाए। किसान यूनियन के अध्यक्ष सवित मलिक ने अपने गांव कुड़ाना में आवास पर काला झंडा लगाया। पूूरे दिन रालोद, सपा नेताओं के अलावा अन्य किसान संगठनों के नेताओं के घर पर पुलिस का पहरा रहा। गांव डांगरौल में किसान नेता राजन जावला ने ट्रैक्टर पर काला झंडा लगाकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक कृषि कानून वापस नहीं लेती आंदोलन जारी रहेगा।