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Shamli News: कलक्ट्रेट पर भाकियू ने किया प्रदर्शन
Sat, 03 Jan 2026 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:48 AM IST
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कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता । संवाद
शामली। जिले में बकाया गन्ना भुगतान दिलाने और औद्योगिक इकाइयों में आरडीएफ के नाम पर कूड़ा-कचरा जलाए जाने का आरोप लगा शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।
भाकियू के जिला अध्यक्ष शांता प्रधान एवं प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटियान,मास्टर जाहिद के संयुक्त नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि चीनी मिलों द्वारा समय पर गन्ना भुगतान न किए जाने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि जिले की चीनी मिलों पर किसानों का कुल 178 करोड़ दो लाख रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण किसान खेती, बीज, खाद और घरेलू खर्चों तक के लिए परेशान हैं। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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इसके साथ ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले की कई औद्योगिक इकाइयों में आरडीएफ के नाम पर बाहर से लाया गया कूड़ा-करकट, पॉलिथीन, प्लास्टिक, कपड़ा और कांच ईंधन के रूप में जलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में वायु और जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
भाकियू का कहना है कि पेपर मिलों और चीनी मिलों से निकलने वाला प्रदूषित पानी नदियों और नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सांस की बीमारी, अस्थमा, एलर्जी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। संगठन ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर विदेश मलिक, जगवीर फौजी, कुलदीप पंवार, मास्टर जाहिद, मोहित शर्मा, अमरपाल बालियान, श्रीराम शर्मा, गौतम पंवार, अरविंद कुमार (खोडसमा) सहित बड़ी संख्या में किसान और भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बॉक्स–1 : जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान
थानाभवन चीनी मिल : 137.77 करोड़ रुपये
ऊन चीनी मिल : 15.17 करोड़ रुपये
शामली चीनी मिल : 15.08 करोड़ रुपये
कुल बकाया : 178.02 करोड़ रुपये
-- -- भाकियू की प्रमुख मांगें
किसानों का बकाया गन्ना भुगतान शीघ्र कराया जाए
कूड़ा-कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगे
प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की जांच हो
जल एवं वायु प्रदूषण से ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए
दोषी फैक्टरियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
स्मार्ट मीटरों से किसानों को दूर रखा जाए
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भाकियू के जिला अध्यक्ष शांता प्रधान एवं प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटियान,मास्टर जाहिद के संयुक्त नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि चीनी मिलों द्वारा समय पर गन्ना भुगतान न किए जाने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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ज्ञापन में बताया गया कि जिले की चीनी मिलों पर किसानों का कुल 178 करोड़ दो लाख रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण किसान खेती, बीज, खाद और घरेलू खर्चों तक के लिए परेशान हैं। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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इसके साथ ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले की कई औद्योगिक इकाइयों में आरडीएफ के नाम पर बाहर से लाया गया कूड़ा-करकट, पॉलिथीन, प्लास्टिक, कपड़ा और कांच ईंधन के रूप में जलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में वायु और जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
भाकियू का कहना है कि पेपर मिलों और चीनी मिलों से निकलने वाला प्रदूषित पानी नदियों और नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सांस की बीमारी, अस्थमा, एलर्जी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। संगठन ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर विदेश मलिक, जगवीर फौजी, कुलदीप पंवार, मास्टर जाहिद, मोहित शर्मा, अमरपाल बालियान, श्रीराम शर्मा, गौतम पंवार, अरविंद कुमार (खोडसमा) सहित बड़ी संख्या में किसान और भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बॉक्स–1 : जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान
थानाभवन चीनी मिल : 137.77 करोड़ रुपये
ऊन चीनी मिल : 15.17 करोड़ रुपये
शामली चीनी मिल : 15.08 करोड़ रुपये
कुल बकाया : 178.02 करोड़ रुपये
किसानों का बकाया गन्ना भुगतान शीघ्र कराया जाए
कूड़ा-कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगे
प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की जांच हो
जल एवं वायु प्रदूषण से ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए
दोषी फैक्टरियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
स्मार्ट मीटरों से किसानों को दूर रखा जाए