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बाइक स्कूटी नहीं चलाएंगे, ई-रिक्शा से ट्यूशन जाएंगे
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शामली सेन्टआरसी कान्वेंट स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते छात्र छात्रा
- फोटो : SHAMLI
शामली। सड़कों पर बाइक स्कूटी दौड़ा रहे नाबालिग छात्रों की ड्राइविंग रोकने के मंगलवार को शहर के सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
काउंसिलिंग के दौरान नाबालिग करीब 15 छात्र-छात्राओं ने खुद माना कि वे मम्मी पापा के वाहन चलाते हैं। कोई ट्यूशन जाता है तो कोई स्कूल। इन्होंने संकल्प लिया कि वे अब बाइक स्कूटी की बजाय ई रिक्शा का प्रयोग करेंगे। यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बताया कि बच्चों का वाहन चलाना उनकी जान के लिए खतरा है। हमारे जनपद में होने वाली 95 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों से होती हैं जबकि इनमें मरने वाले 99 प्रतिशत लोग बिना हेलमेट होते हैं। अमर उजाला के इस अभियान के अंतर्गत बच्चों की ड्राइविंग रोकने के लिए यातायात विभाग अब ओर सख्ती करेगा।
वो कभी कभी पापा की बाइक से बाजार आदि चले जाते हैं। परिजन तो मना करते हैं लेकिन बाइक स्कूटी चलाने का कुछ शोक है और वो कभी कभी बाइक बाजार ले जाता है लेकिन अब ऐसा नहीं करेगा। - चिराग, छात्र
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पापा की बाइक चलाता है। हालांकि मम्मी मना करती हैं। बाजार में भी ले जाता है लेकिन इस वर्कशॉप के बाद उसे पता चला कि ये कितना खतरनाक है। अब वो बाइक नहीं चलाएगा। - आदित्य गोयल, छात्र
कुछ लड़कों को बाइक चलाते देख उसका भी मन करता है। इसलिए वो भी कभी कभी पापा की बाइक बाजार ले जाते हैं। अमर उजाला की इस कार्यशाला से पता चला कि ये गैर कानूनी है। अब 18 साल पूरा होने परलाइसेंस लेकर ही बाइक चलाएगा। - इशांत कुमार
कभी कभी देर होने पर पापा की स्कूटी से ट्यूशन चली जाती है। या मार्केट का काम करती है। हालांकि मम्मी पापा काफी मना करते हैं, लेकिन आज इस वर्कशॉप में मिली जानकारी के बाद उसने अपना इरादा बदल लिया है। - श्वेता,
कक्षा 11 की तेजस्वी ने कहा कि वो भी स्कूटी चलाती है, हालांकि कभी कभी ही वो मार्केट जाती है लेकिन अब पता चला कि ये कितना खतरनाक है। आगे से वो टयूशन आदि के लिए ई रिक्शा से जाएगी।
अब चालान करेगी ट्रैफिक पुलिस
यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बच्चों को बताया कि दुपहिया वाहन चलाना कितना घातक है। उन्होंने बच्चों की काउंसिलिंग करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय आप दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं तो परिजनों को परेशानी तो होगी ही आपकी भी पढ़ाई प्रभावित होगी। अमर उजाला के अभियान में इसलिए ही बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। अब यातायात पुलिस सख्त अभियान चलाएगी और ऐसे बच्चों के वाहन पकड़कर ई चालान किए जाएंगे जो सीधे उनके मोबाइल पर जाएगा।
अमर उजाला की मुहिम के साथ हैं हम
सेंट आरसी कांवेट स्कूल के संचालक और पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने कहा कि ये अभियान तो पुलिस प्रशासन और स्कूल वालों को चलाना चाहिए। अमर उजाला ने ये मुहिम शुरू की जो बहुत जरूरी थी। आज एक समाचार पत्र ऐसे सामाजिक अभियान चला रहा है जो अपने आप में बहुत बड़ा बदलाव है। वे और उनका स्कूल इसमें पूरा सहयोग देगा।
घर में ही करें योग
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रितीनाथ शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को सर्दी से बचाव के उपाय बताए7 कहा कि इससे बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। कहा कि सर्दी में भी व्यायाम बहुत जरुरी है। ठंड में बाहर जाने की बजाय घर में ही योग करें। दुपहिया वाहन से बेहतर तो वे साइकिल से स्कूल मार्केट जाएं तो शरीर की एक्सरसाइज भी होगी।
नजर आने लगा अभियान का असर
अमर उजाला के अभियान का असर भी नजर आने लगा है। ट्रेफिक पुलिस की दो टीमों ने मंगलवार को कैराना रोड पर स्कूलों से दुपहिया वाहनों से आ रहे छात्र छात्राओं के वाहनों की धरपकड़ की। कई नाबालिग बाइक स्कूटी चलाते पकड़े गए। यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बताया कि मंगलवार को 15 नाबालिग बच्चों को पकड़ा गया है। उनके ई चालान किए गए हैं। उनके परिजनों के नाम पते मोबाइल नंबर लिए गए हैं। ये ईचालान उन्हें भेजे जाएंगे। ये अभियान जारी रहेगा।
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काउंसिलिंग के दौरान नाबालिग करीब 15 छात्र-छात्राओं ने खुद माना कि वे मम्मी पापा के वाहन चलाते हैं। कोई ट्यूशन जाता है तो कोई स्कूल। इन्होंने संकल्प लिया कि वे अब बाइक स्कूटी की बजाय ई रिक्शा का प्रयोग करेंगे। यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बताया कि बच्चों का वाहन चलाना उनकी जान के लिए खतरा है। हमारे जनपद में होने वाली 95 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों से होती हैं जबकि इनमें मरने वाले 99 प्रतिशत लोग बिना हेलमेट होते हैं। अमर उजाला के इस अभियान के अंतर्गत बच्चों की ड्राइविंग रोकने के लिए यातायात विभाग अब ओर सख्ती करेगा।
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वो कभी कभी पापा की बाइक से बाजार आदि चले जाते हैं। परिजन तो मना करते हैं लेकिन बाइक स्कूटी चलाने का कुछ शोक है और वो कभी कभी बाइक बाजार ले जाता है लेकिन अब ऐसा नहीं करेगा। - चिराग, छात्र
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पापा की बाइक चलाता है। हालांकि मम्मी मना करती हैं। बाजार में भी ले जाता है लेकिन इस वर्कशॉप के बाद उसे पता चला कि ये कितना खतरनाक है। अब वो बाइक नहीं चलाएगा। - आदित्य गोयल, छात्र
कुछ लड़कों को बाइक चलाते देख उसका भी मन करता है। इसलिए वो भी कभी कभी पापा की बाइक बाजार ले जाते हैं। अमर उजाला की इस कार्यशाला से पता चला कि ये गैर कानूनी है। अब 18 साल पूरा होने परलाइसेंस लेकर ही बाइक चलाएगा। - इशांत कुमार
कभी कभी देर होने पर पापा की स्कूटी से ट्यूशन चली जाती है। या मार्केट का काम करती है। हालांकि मम्मी पापा काफी मना करते हैं, लेकिन आज इस वर्कशॉप में मिली जानकारी के बाद उसने अपना इरादा बदल लिया है। - श्वेता,
कक्षा 11 की तेजस्वी ने कहा कि वो भी स्कूटी चलाती है, हालांकि कभी कभी ही वो मार्केट जाती है लेकिन अब पता चला कि ये कितना खतरनाक है। आगे से वो टयूशन आदि के लिए ई रिक्शा से जाएगी।
अब चालान करेगी ट्रैफिक पुलिस
यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बच्चों को बताया कि दुपहिया वाहन चलाना कितना घातक है। उन्होंने बच्चों की काउंसिलिंग करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय आप दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं तो परिजनों को परेशानी तो होगी ही आपकी भी पढ़ाई प्रभावित होगी। अमर उजाला के अभियान में इसलिए ही बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। अब यातायात पुलिस सख्त अभियान चलाएगी और ऐसे बच्चों के वाहन पकड़कर ई चालान किए जाएंगे जो सीधे उनके मोबाइल पर जाएगा।
अमर उजाला की मुहिम के साथ हैं हम
सेंट आरसी कांवेट स्कूल के संचालक और पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने कहा कि ये अभियान तो पुलिस प्रशासन और स्कूल वालों को चलाना चाहिए। अमर उजाला ने ये मुहिम शुरू की जो बहुत जरूरी थी। आज एक समाचार पत्र ऐसे सामाजिक अभियान चला रहा है जो अपने आप में बहुत बड़ा बदलाव है। वे और उनका स्कूल इसमें पूरा सहयोग देगा।
घर में ही करें योग
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रितीनाथ शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को सर्दी से बचाव के उपाय बताए7 कहा कि इससे बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। कहा कि सर्दी में भी व्यायाम बहुत जरुरी है। ठंड में बाहर जाने की बजाय घर में ही योग करें। दुपहिया वाहन से बेहतर तो वे साइकिल से स्कूल मार्केट जाएं तो शरीर की एक्सरसाइज भी होगी।
नजर आने लगा अभियान का असर
अमर उजाला के अभियान का असर भी नजर आने लगा है। ट्रेफिक पुलिस की दो टीमों ने मंगलवार को कैराना रोड पर स्कूलों से दुपहिया वाहनों से आ रहे छात्र छात्राओं के वाहनों की धरपकड़ की। कई नाबालिग बाइक स्कूटी चलाते पकड़े गए। यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बताया कि मंगलवार को 15 नाबालिग बच्चों को पकड़ा गया है। उनके ई चालान किए गए हैं। उनके परिजनों के नाम पते मोबाइल नंबर लिए गए हैं। ये ईचालान उन्हें भेजे जाएंगे। ये अभियान जारी रहेगा।

शामली सेन्टआरसी कान्वेंट स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छात्र छात्राओ को शपथ ?- फोटो : SHAMLI