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कोतवाली में जंग खा रहीं प्रवासी श्रमिकों की साइकिलें

Mon, 17 Aug 2020 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2020 11:48 PM IST
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Bicycles of migrant workers rusting in Kotwali
शामली कोतवाली में खड़ीं प्रवासी श्रमिकों की साईकिलें। - फोटो : SHAMLI
शामली। लॉकडाउन में करीब चार माह पहले घर लौटने वाले श्रमिकों की साइकिलें शहर कोतवाली में जंग खा रही हैं। प्रशासन ने इन साइकिलों को पुलिस की सुपुर्दगी में दिया है। अभी तक कोई भी श्रमिक साइकिल लेने नहीं पहुंचा है।
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कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा मार्च में पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया था। इस दौरान सभी काम धंधे बंद हो गए थे और परिवहन सेवाएं भी बंद रही थीं। श्रमिकों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई थी। दूसरे राज्यों हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और गैर जनपदों के श्रमिक घरों की तरफ लौटने लगे। इनमें कुछ श्रमिक पैदल तो कुछ श्रमिक साइकिल से ही घर की ओर निकल पड़े थे। उस दौरान पूर्वांचल के जिलों के रहने वाले श्रमिक शामली जनपद से होकर गए थे। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए बसें लगाई थीं। प्रशासन ने श्रमिकों की साइकिलों को थानों में जमा करा दिया था। उस दौरान शहर कोतवाली में प्रवासी श्रमिकों की 19 साइकिलें खड़ी कराई गई थी। शहर कोतवाली में सभी साइकिलें जंग खा रही है। पुलिस का कहना है कि इन साइकिलों को लेने के लिए अभी तक कोई श्रमिक नहीं आया है। ये साइकिलें राजस्व विभाग की तरफ से जमा कराई गई है। सीओ सिटी जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों साइकिलें थाने पर दाखिल है। जब भी श्रमिक साइकिल लेने आएंगे, उन्हें नियमानुसार लौटा दी जाएगी।
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