{"_id":"5c630af8bdec224dce166c3a","slug":"bhoolekh-kaksh-me-rahi-aapadhaapi","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूलेख कक्ष पर मची रही आपाधापी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूलेख कक्ष पर मची रही आपाधापी
Tue, 12 Feb 2019 11:35 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
amarujala
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 12 Feb 2019 11:35 PM IST
विज्ञापन
file
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पहले चरण में कैराना तहसील में 4800 पात्र किसानों का डाटा फीड हुआ है। इस चरण का अंतिम दिन होने के चलते मंगलवार को भूलेख कंप्यूटर कक्ष पर राजस्व नकल निकलवाने के लिए आपाधापी मची रही।
लघु एवं सीमांत किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाई है। इसके तहत पहले चरण में 6 फरवरी से 12 फरवरी तक किसानों का डाटा फीड कराए जाने का तहसील प्रशासन को जिम्मा दिया गया था। योजना में उन किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी भूमि दो हेक्टेयर या फिर इससे कम हैं, इसमें प्रत्येक किसान को छह हजार रुपये की धनराशि सरकार खातों में भेजेगी। यह धनराशि तीन किश्तों में भेजी जाएगी। वहीं, मंगलवार को पहले चरण का अंतिम दिन होने के चलते तहसील मुख्यालय पर किसानों की भीड़ लगी रही। भूलेख कंप्यूटर कक्ष की खिड़की पर भूमि की नकल निकलवाने के लिए किसानों में दिनभर आपाधापी मची। किसानों में योजना फॉर्म भरवाने को होड़ सी मची रही। एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा के अनुसार प्रथम चरण में कृषि विभाग में पंजीकृत 4800 पात्र किसानों का डाटा वेरिफिकेशन कर फीड किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी से दूसरा चरण शुरू हो रहा है, जिसमें गांव और शहर के किसानों का डाटा फीड किया जाएगा और उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों का डाटा उपलब्ध नहीं होगा, वे योजना से वंचित रह जाएंगे।
विज्ञापन
लघु एवं सीमांत किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाई है। इसके तहत पहले चरण में 6 फरवरी से 12 फरवरी तक किसानों का डाटा फीड कराए जाने का तहसील प्रशासन को जिम्मा दिया गया था। योजना में उन किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी भूमि दो हेक्टेयर या फिर इससे कम हैं, इसमें प्रत्येक किसान को छह हजार रुपये की धनराशि सरकार खातों में भेजेगी। यह धनराशि तीन किश्तों में भेजी जाएगी। वहीं, मंगलवार को पहले चरण का अंतिम दिन होने के चलते तहसील मुख्यालय पर किसानों की भीड़ लगी रही। भूलेख कंप्यूटर कक्ष की खिड़की पर भूमि की नकल निकलवाने के लिए किसानों में दिनभर आपाधापी मची। किसानों में योजना फॉर्म भरवाने को होड़ सी मची रही। एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा के अनुसार प्रथम चरण में कृषि विभाग में पंजीकृत 4800 पात्र किसानों का डाटा वेरिफिकेशन कर फीड किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी से दूसरा चरण शुरू हो रहा है, जिसमें गांव और शहर के किसानों का डाटा फीड किया जाएगा और उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों का डाटा उपलब्ध नहीं होगा, वे योजना से वंचित रह जाएंगे।
विज्ञापन