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सावधान: क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर हो रही ठगी

Mon, 20 Feb 2023 11:17 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:17 PM IST
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Beware: Fraud in the name of getting a credit card
-पिछले तीन माह में तीन लोग हुए ठगी के शिकार, एक के पैसे बमुश्किल आए वापस
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साइबर क्राइम
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। यदि आपने शॉपिंग क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया है, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि आवेदन के साथ ही आपका डाटा चोरी हो चुका है। जिसके बाद साइबर ठग आपसे संपर्क कर विभिन्न प्रलोभन देकर आपका पैसा लूट सकते हैं। अकेले हसनपुर लुहारी स्थित बैंक से संबंधित चार लोगों के साथ पिछले तीन माह के अंदर ठगी हो चुकी है।
पहला मामला कादरगढ़ का है। गांव निवासी पंकज सिंह ने हसनपुर लुहारी स्थित बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया। जैसे ही पंकज सिंह का क्रेडिट कार्ड डिस्पैच हुआ तो उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया और क्रेडिट कार्ड चालू करने के नाम पर पंकज से ओटीपी पूछ कर खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए।
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अलीपुरा निवासी मुकेश ने बताया कि डेढ़ माह पहले उसने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। उसकी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर अज्ञात ठगों ने उसके खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए।
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बलवाखेड़ी निवासी जल सिंह ने बताया कि 18 दिन पहले उसकी भी लिमिट बढ़ाने का आश्वासन देकर फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए।
हसनपुर लुहारी निवासी विक्की सैनी एक क्रेडिट कार्ड से 65 हजार रुपये दो माह पूर्व निकाले गए थे। हालांकि साइबर पुलिस के सतर्कता के कारण दो दिन बाद विक्की के पैसे वापस आ गए थे।
उपभोक्ताओं को फोन करने वाले लोग खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बताते हैं। जिसके बाद लोगों को झांसा देकर यह उनके पैसे ठग लेते हैं।

आवेदन करते ही डाटा हो रहा चोरी
उपभोक्ताओं को फोन करने वाले लोग खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बताते हैं। इसके बाद जब भी कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो तुरंत बैंक या क्रेडिट कार्ड बनाने वाली कंपनी से उपभोक्ता का डाटा चोरी होकर साइबर ठगों के पास पहुंच जाता है। क्योंकि जैसे ही उपभोक्ता का क्रेडिट कार्ड कंपनी से डिस्पैच होता है तो उसे साइबर ठगों के फोन आने शुरू हो जाते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर उपभोक्ताओं का डाटा किस स्तर से चोरी हो रहा है।

वर्जन...
यदि कोई व्यक्ति किसी उपभोक्ता को फोन कर उससे ओटीपी पूछता है तो किसी भी कीमत पर ओटीपी ना बताएं। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक से संपर्क करें और बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर से ही संपर्क करें।--श्रीपाल सैनी, प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक
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