फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   BEO Princi's role in bribery case will be investigated

Shamli News: रिश्वत प्रकरण में बीईओ प्रिंसी की भूमिका की होगी जांच

Sun, 12 Jan 2025 06:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 12 Jan 2025 06:04 AM IST
विज्ञापन
BEO Princi's role in bribery case will be investigated
शामली। शिक्षक विजय सिंह के एरियर का भुगतान करने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बीआरसी कार्यालय से सहायक शिक्षक दिनेश कुमार को एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार करने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी शामली कुमारी प्रिंसी की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है।
विज्ञापन

बीएसए लता राठौर का कहना है कि इस प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। एडी बेसिक के निर्देश और एंटी करप्शन टीम की जांच रिपोर्ट मिलने पर बीईओ की संलिप्तता की जांच होगी।
विज्ञापन

गांव धनैना के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक विजय सिंह की शिकायत पर शुक्रवार को एंटी करप्शन सहारनपुर की टीम ने बीआरसी कार्यालय में आधार ऑपरेटर का पटल देख रहे दिनेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित शिक्षक विजय सिंह ने एंटी करप्शन इकाई सहारनपुर को जो शिकायत की है, उसमें कहा गया कि उसने 28 नवंबर को निलंबन अवधि के बकाया वेतन एरियर ढ़ाई लाख रुपये (एरियर) भुगतान के लिए मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सभी आवश्यक प्रपत्रों को अपलोड किया था, लेकिन एक माह से भी अधिक समय बाद भी बीईओ प्रिंसी के कार्यालय स्तर पर लंबित रही जबकि वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा परिषद उप्र प्रयागराज ने आवेदित अभिलेखों का नियमानुसार परीक्षण कर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विलंबतम तीन कार्य दिवस में अग्रसारण कर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षक का आरोप है कि रिश्वत ना मिलने के कारण बीईओ ने आवेदन के करीब 37 दिन बाद नो अटेचमेंट एवलेबल रिमार्क करते हुए एरियर का आवेदन वापस कर दिया, जबकि उसने पोर्टल पर सभी आवश्यक प्रपत्र अपलोड किए थे।
छह जनवरी को उसने दोबारा एरियर संबंधी सभी अभिलेख पोर्टल पर अपलोड किए। सवाल यह उठ रहा है कि जब तीन दिन में आवेदन परीक्षण कर अग्रसारण करने के निर्देश हैं तो 37 दिन बाद तक उसे लंबित क्यों रखा गया। इससे बीईओ की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है।

गिरफ्तारी के बाद दिनेश ने आरोप लगाया था कि खंड शिक्षा अधिकारी के कहने पर उसने शिक्षक विजय सिंह से लिफाफा लिया था। लिफाफे के अंदर क्या था, उसे नहीं पता था। हालांकि बीईओ प्रिंसी ने शिक्षकों के लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद व निराधार बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed