फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Befriend only after understanding the result

परिणाम को समझने के बाद ही करें मित्रता

Sun, 09 Aug 2020 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
Befriend only after understanding the result
ऑनलाइन कार्यशाला में अपने माता-पिता के साथ शामिल सोनम। - फोटो : SHAMLI
शामली। अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना एवं भारतीय जैन संगठना की ओर से चल रही चार दिवसीय आनलाइन कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। समापन अवसर पर कार्यशाला से जुड़ी बेटियों को मित्रता और प्रलोभन तथा अभिभावकों के साथ संवाद विषय पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षिका डा. रितु जैन ने बेटियों को जीवन में मित्रता के महत्व को समझाया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि मित्रता हमेशा परिणाम को समझने के उपरांत ही करनी चाहिए, क्योंकि आज के समय में सोशल मीडिया के माध्यम से आप बहुत सारे मित्रों का चयन करते हैं जो आपको कई प्रलोभन के साथ आकर्षित करते हैं। वह शुरू में बहुत अच्छे और सुंदर लगते हैं, लेकिन जब उनकी हकीकत सामने आती है तो उस समय स्थिति बहुत भयानक होती है। इसलिए बेटियों को मित्रता में आनंद के साथ उसके परिणामों के बारे में भी बहुत गहनता से सोचना चाहिए। इसलिए आपको किसी भी गलत व्यक्ति से मित्रता करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस समय मित्र को चुनने में की गई आपकी एक छोटी सी गलती आपके तथा आपके माता-पिता के सारे सपनों को खत्म कर सकती है।
विज्ञापन

कार्यक्रम में छात्राओं के साथ अभिभावकों ने भी प्रतिभाग किया। अभिभावकों से यह जानने की कोशिश की गई कि वे अपनी बेटियों से भावनात्मक तथा मानसिक रूप से कितना जुड़े हुए हैं। एनएसएस उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक डा. अशोक श्रोती, राज्य संपर्क अधिकारी लखनऊ डा. अंशुमाली शर्मा व भारतीय जैन संघटना के पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मोहित जैन ने संयुक्त रूप से बेटियों से सीधा संवाद किया। कार्यशाला के बाद उनके व्यवहार में आए हुए बदलाव के बारे में जाना। भारतीय जैन संघटना के प्रदेश महामंत्री सुनील जैन ने बेटियों को कार्यशाला में प्रतिभाग करने के प्रमाण पत्र दिए। हापुड़ से डॉ. शशि शर्मा, मेरठ से डा. अनीता जैन, स्मार्ट गर्ल प्रोग्राम के स्टेट हेड अजय जैन, डा. दीपा चौहान ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। संचालन एनएसएस के सह जिला नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोली बेटियां...
- कार्यशाला से जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का समझने का मौका मिला है। मित्रता और अभिभावकों से संवाद बेहद प्रभावी रहा। कार्यशाला में मिली जानकारी जीवन में बेहद उपयोगी साबित होगी।
- नैना एवं मानसी।
- कार्यशाला में शामिल होकर काफी बदलाव महसूस कर रही हूं। हमें मित्रता करते समय भी बहुत सारी बातों का ध्यान रखना चाहिए। अच्छे मित्र का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान होता है।
- कीर्ति संगल
- अभिभावक, रिश्तों और मित्रता का जीवन में बेहद अहम स्थान है। कार्यशाला में इन सभी बिंदुओं पर जानकारी दी गई। यह जानकारी जीवन में काफी बदलाव और कदम-कदम पर काम आने वाली है।

- काजल तोमर।
- कार्यशाला में दिए गए प्रशिक्षण को अपने जीवन में पूरी तरह शामिल करने का प्रयास करूंगी। मेरे अभिभावक भी इस कार्यशाला में शामिल होकर खुश हैं। जीवन में विभिन्न पहलुओं को जानने का मौका मिला है।
- सोनम।

ऑनलाइन कार्यशाला में अपने माता-पिता के साथ शामिल नैना व मानसी।

ऑनलाइन कार्यशाला में अपने माता-पिता के साथ शामिल नैना व मानसी।- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed