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Shamli News: जिला अस्पताल में रसोई शुरू होने से पहले टेंडर को लेकर बखेड़ा
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शामली। जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए भोजन उपलब्ध कराने की टेंडर प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। सहारनपुर के एक फर्म संचालक ने तकनीकी अर्हता पूरी होने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से बाहर किए जाने का आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद शनिवार को टेंडर नहीं खोला जा सका।
फर्म संचालक शमीम खान ने जेम बिड सेल समिति लखनऊ के अध्यक्ष को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल शामली में रसोई के लिए भोजन टेंडर निकाले गए थे, जिसमें उन्होंने अपनी फर्म के नाम से आवेदन किया था। कुल 14 फर्मों ने टेंडर डाले थे। खान का दावा है कि उन्होंने सभी शर्तों को पूरा किया और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। इसके बावजूद उनकी फर्म को नियम विरुद्ध तरीके से अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्हें अपनी अर्हता साबित करने का कोई समय नहीं दिया गया। फर्म को अयोग्य ठहराने का कारण पिछले छह माह की जीएसटीआर रसीद अपलोड न करना बताया गया। हालांकि, खान ने इसे अपलोड करने का दावा किया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जेम बिड के नियमों के अनुसार, तकनीकी रूप से अयोग्य ठहराई गई कंपनी को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
-आरोपों का विवरण
शमीम खान ने आरोप लगाया कि उनकी फर्म सहित कुल 11 फर्मों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि केवल तीन फर्मों को ही टेंडर प्रक्रिया में योग्य माना गया है। खान ने पूरी टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी फर्म को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर उन्हें बाहर किया गया है
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-अस्पताल प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मनोज कुमार अखौरी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को टेंडर खोला जाना था, लेकिन यह मामला सामने आने के बाद इसे रोक दिया गया है। अखौरी ने स्पष्ट किया कि टेंडर खोलने से पहले इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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फर्म संचालक शमीम खान ने जेम बिड सेल समिति लखनऊ के अध्यक्ष को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल शामली में रसोई के लिए भोजन टेंडर निकाले गए थे, जिसमें उन्होंने अपनी फर्म के नाम से आवेदन किया था। कुल 14 फर्मों ने टेंडर डाले थे। खान का दावा है कि उन्होंने सभी शर्तों को पूरा किया और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। इसके बावजूद उनकी फर्म को नियम विरुद्ध तरीके से अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्हें अपनी अर्हता साबित करने का कोई समय नहीं दिया गया। फर्म को अयोग्य ठहराने का कारण पिछले छह माह की जीएसटीआर रसीद अपलोड न करना बताया गया। हालांकि, खान ने इसे अपलोड करने का दावा किया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जेम बिड के नियमों के अनुसार, तकनीकी रूप से अयोग्य ठहराई गई कंपनी को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
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-आरोपों का विवरण
शमीम खान ने आरोप लगाया कि उनकी फर्म सहित कुल 11 फर्मों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि केवल तीन फर्मों को ही टेंडर प्रक्रिया में योग्य माना गया है। खान ने पूरी टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी फर्म को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर उन्हें बाहर किया गया है
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-अस्पताल प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मनोज कुमार अखौरी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को टेंडर खोला जाना था, लेकिन यह मामला सामने आने के बाद इसे रोक दिया गया है। अखौरी ने स्पष्ट किया कि टेंडर खोलने से पहले इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।