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अपराजिता बनकर हैवानों को सबक सिखाना होगा
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शामली नगर पालिका में तेलंगाना की घटना का विरोध करती अपराजिता टीम की सदस्य व समाजिक महिलाएं।
- फोटो : SHAMLI
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शामली। हैदराबाद में हुई हैवानियत भरी घटना ने समाज को झकझोर दिया है। हर कोई इस घटना से दुखी है। लोग इसे दिल्ली में हुए निर्भया कांड जैसा ही मान रहे हैं। महिलाएं इससे काफी आहत हैं। इस गंभीर मसले पर अमर उजाला ने नगर पालिका सभागार में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं से चर्चा की। सभी ने कहा कि अब महिलाओं को निर्भया नहीं बल्कि अपराजिता बनकर हैवानों को सबक सिखाना होगा। उन्होंने अपराजिता बनने का संकल्प लिया।
आत्म विश्ववास रखें, अतिविश्वास नहीं
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीलम शुक्ला ने कहा कि महिलाएं आत्मविश्वास रखें लेकिन अति विश्वास किसी पर ना करें। यही अति विश्वास गलत होने की वजह भी बन जाता है। महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनना होगा। खुद में इतना विश्वास पैदा करना होगा कि हैवान दंरिदगी करने की सोच ना सकें।
धर्म-जाति भूलकर एकजुट हो समाज
वैश्य समाज की महिला जिलाध्यक्ष अंजली गर्ग ने कहा कि इस तरह के हैवानियत भरे मसलों पर हम सबको धर्म जातिवाद भूलकर एकजुट होकर बेटी के न्याय की आवाज उठानी चाहिए। कहा कि महिलाओं को मन से मजबूत होना जरूरी है ताकि गलत इरादे वाला पहले ही अपना इरादा बदल ले।
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अपराजिता अभियान से जुड़े बेटियां
अपराजिता टीम की सक्रिय युवा सदस्य अंजली पांचाल कहती हैं कि हैदराबाद में जो कुछ हुआ वह किसी दरिंदगी से कम नहीं है। अब वक्त आ गया है कि हमें तन और मन से मजबूत बनना होगा। हमें अपराजिता बनकर ऐसे हैैवानों को सबक सिखाना होगा ताकि फिर से कोई इस तरह की जरूरत ना कर सके।
महिला को थोड़ा कठोर बनना होगा
ऐच्छिक ब्यूरो की सदस्य इशरत जहां ने कहा कि विकासशील देश की श्रेणी में शामिल भारत में आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं, बेटियों को ममता की मूरत कहा जाता है लेकिन उसे कठोर भी बनना होगा।
स्कूल लेवल से सिखाएं बेटियों को सेल्फ डिफेंस
ऐच्छिक ब्यूरो की सदस्य शिक्षिका रीना गौतम कहती हैं कि महिलाओं को सेल्फ डिफेंस के प्रति सजग होना होगा। स्कूल लेवल पर ही अपनी बेटियों को सेल्फ डिफेंस सिखाना होगा। उन्हें अंदर से इतना मजबूत बनाना होगा कि कोई उनके साथ गलत करने की सोच भी ना सके।
जल्दी मिले पीड़िताओं को न्याय
पूजा बंसल ने कहा कि बेटी के साथ जो कुछ हुआ वो सहन नहीं होगा। अच्छा ये है कि सब इसके खिलाफ आवाज उठाएं। इन घटनाओं को रोकने के लिए जल्द न्याय भी जरूरी है। इस तरह के केस में आरोपियों को यदि जल्दी सजा मिलने लगे तो ये घटनाएं खुद ही कम हो जाएंगी।
ये मुहिम सबको मिलकर चलानी पड़ेगी
अमर उजाला की सक्रिय सदस्य वीना अग्रवाल ने अपनी कविता के माध्यम से बताया कि हैैवानियत के खिलाफ मुहिम सबको मिलकर चलानी पडे़गी।
अलख अब दिलों में जलानी पडे़गी
हकीकत सभी को बतानी पड़ेेगी।
हटालो तिमिर अब, उजालों को लाओ
नई रोशनी अब जलानी पड़ेगी।
कहीं कल फिर ना बने कोई दरिंदा
तो बेटी को ताकत दिखानी पड़ेगी।
कहीं बुझ ना जाए दिया घर का।
यह मुहिम सबको मिलकर चलानी पड़ेगी।
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आत्म विश्ववास रखें, अतिविश्वास नहीं
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीलम शुक्ला ने कहा कि महिलाएं आत्मविश्वास रखें लेकिन अति विश्वास किसी पर ना करें। यही अति विश्वास गलत होने की वजह भी बन जाता है। महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनना होगा। खुद में इतना विश्वास पैदा करना होगा कि हैवान दंरिदगी करने की सोच ना सकें।
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धर्म-जाति भूलकर एकजुट हो समाज
वैश्य समाज की महिला जिलाध्यक्ष अंजली गर्ग ने कहा कि इस तरह के हैवानियत भरे मसलों पर हम सबको धर्म जातिवाद भूलकर एकजुट होकर बेटी के न्याय की आवाज उठानी चाहिए। कहा कि महिलाओं को मन से मजबूत होना जरूरी है ताकि गलत इरादे वाला पहले ही अपना इरादा बदल ले।
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अपराजिता अभियान से जुड़े बेटियां
अपराजिता टीम की सक्रिय युवा सदस्य अंजली पांचाल कहती हैं कि हैदराबाद में जो कुछ हुआ वह किसी दरिंदगी से कम नहीं है। अब वक्त आ गया है कि हमें तन और मन से मजबूत बनना होगा। हमें अपराजिता बनकर ऐसे हैैवानों को सबक सिखाना होगा ताकि फिर से कोई इस तरह की जरूरत ना कर सके।
महिला को थोड़ा कठोर बनना होगा
ऐच्छिक ब्यूरो की सदस्य इशरत जहां ने कहा कि विकासशील देश की श्रेणी में शामिल भारत में आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं, बेटियों को ममता की मूरत कहा जाता है लेकिन उसे कठोर भी बनना होगा।
स्कूल लेवल से सिखाएं बेटियों को सेल्फ डिफेंस
ऐच्छिक ब्यूरो की सदस्य शिक्षिका रीना गौतम कहती हैं कि महिलाओं को सेल्फ डिफेंस के प्रति सजग होना होगा। स्कूल लेवल पर ही अपनी बेटियों को सेल्फ डिफेंस सिखाना होगा। उन्हें अंदर से इतना मजबूत बनाना होगा कि कोई उनके साथ गलत करने की सोच भी ना सके।
जल्दी मिले पीड़िताओं को न्याय
पूजा बंसल ने कहा कि बेटी के साथ जो कुछ हुआ वो सहन नहीं होगा। अच्छा ये है कि सब इसके खिलाफ आवाज उठाएं। इन घटनाओं को रोकने के लिए जल्द न्याय भी जरूरी है। इस तरह के केस में आरोपियों को यदि जल्दी सजा मिलने लगे तो ये घटनाएं खुद ही कम हो जाएंगी।
ये मुहिम सबको मिलकर चलानी पड़ेगी
अमर उजाला की सक्रिय सदस्य वीना अग्रवाल ने अपनी कविता के माध्यम से बताया कि हैैवानियत के खिलाफ मुहिम सबको मिलकर चलानी पडे़गी।
अलख अब दिलों में जलानी पडे़गी
हकीकत सभी को बतानी पड़ेेगी।
हटालो तिमिर अब, उजालों को लाओ
नई रोशनी अब जलानी पड़ेगी।
कहीं कल फिर ना बने कोई दरिंदा
तो बेटी को ताकत दिखानी पड़ेगी।
कहीं बुझ ना जाए दिया घर का।
यह मुहिम सबको मिलकर चलानी पड़ेगी।