{"_id":"585c236a4f1c1bf248e3afcb","slug":"bank-mein-hungama","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक में हंगामा, कर्मचारियों-ग्राहकों में नोकझाेंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक में हंगामा, कर्मचारियों-ग्राहकों में नोकझाेंक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
शामली इंडियन बैंक में नोट निकालने के लिए लगी लाइन ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊन (शामली)। नोटबंदी के बाद बैंकों में लगातार कैश की कमी के चलते जनता परेशान हैं। कस्बे के जिला सहकारी बैंक में कैश न मिलने के कारण किसानों ने प्रदर्शन किया। इलाहाबाद बैंक पर भी उपभोक्ताओं और बैंक कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हुई। जिसके बाद पुलिस ने बैंक पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की कमी के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कस्बा ऊन में सबसे ज्यादा स्थित खराब जिला सहकारी बैंक की है। इसमें ऊन क्षेत्र के चार खाते हैं। किसानों के गन्ने के भुगतान के खाते भी सबसे ज्यादा इसी बैंक में हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि आए दिन बैंक में नो कैश का बोर्ड लगा दिया जाता है जब बैंक में कैश आता है तो केवल
दो हजार रुपये ही किसानों को मिल पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी बैंक में कैश नहीं आया। इसके कारण लोगों का गुस्सा भड़क गया और उपभोक्ताओं ने बैंक के बाहर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इलाहाबाद बैंक पर भी उपभोक्ताओं और बैंक मैनेजर के बीच नोकझोंक हो गई। ग्राहकों का आरोप है कि बैंक मैनेजर ने केवल एक घंटे कैश बांटकर नौ कैश का बोर्ड लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया।
उधर,गढीपुख्ता के ओरियंटल बैंक में पिछले दो दिन से सर्वर डाउन होने से ग्राहकों को कोई कैश की सुविधा नही मिल पा रही है। जिसके कारण लोग सुबह से ही सारा काम छोड़कर बैंक के बाहर सर्वर सही होने की प्रतीक्षा करते रहते है। जिसके बाद दो दिन से बिना कैश के ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। कस्बे केे जसवंत, सोनू, बालि, हनीफ, रामनरेश ने बताया कि पिछले कई दिनों से घर में एक भी पैसा नहीं है। जिस कारण घर का खाने पीने का सामान खरीदने को भी पैसे नही है जिस कारण भूखा मरने की नौबत आ गई।
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद बैंकों में कैश की कमी के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कस्बा ऊन में सबसे ज्यादा स्थित खराब जिला सहकारी बैंक की है। इसमें ऊन क्षेत्र के चार खाते हैं। किसानों के गन्ने के भुगतान के खाते भी सबसे ज्यादा इसी बैंक में हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि आए दिन बैंक में नो कैश का बोर्ड लगा दिया जाता है जब बैंक में कैश आता है तो केवल
विज्ञापन
दो हजार रुपये ही किसानों को मिल पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी बैंक में कैश नहीं आया। इसके कारण लोगों का गुस्सा भड़क गया और उपभोक्ताओं ने बैंक के बाहर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इलाहाबाद बैंक पर भी उपभोक्ताओं और बैंक मैनेजर के बीच नोकझोंक हो गई। ग्राहकों का आरोप है कि बैंक मैनेजर ने केवल एक घंटे कैश बांटकर नौ कैश का बोर्ड लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया।
उधर,गढीपुख्ता के ओरियंटल बैंक में पिछले दो दिन से सर्वर डाउन होने से ग्राहकों को कोई कैश की सुविधा नही मिल पा रही है। जिसके कारण लोग सुबह से ही सारा काम छोड़कर बैंक के बाहर सर्वर सही होने की प्रतीक्षा करते रहते है। जिसके बाद दो दिन से बिना कैश के ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। कस्बे केे जसवंत, सोनू, बालि, हनीफ, रामनरेश ने बताया कि पिछले कई दिनों से घर में एक भी पैसा नहीं है। जिस कारण घर का खाने पीने का सामान खरीदने को भी पैसे नही है जिस कारण भूखा मरने की नौबत आ गई।