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जागरूक करने वाले महकमे में ही बीमारियों से घिरे
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शामली सीएचसी की कालोनी में कूलर की जांच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम
- फोटो : SHAMLI
शामली। शामली सीएचसी के डाक्टरों और कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने वाला महकमा खुद ही डेंगू और मलेरिया के लार्वा और प्यूपा से घिरा हुआ पाया गया। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत दिल्ली से स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने सरकारी अस्पताल और आवासीय कालोनी में पहुंचकर जांच की तो वहां अधिकतर कूलर में डेंगू और मलेरिया के लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। ये टीम अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को देगी। टीम ने अधिकारियों को एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय से मलेरिया इंस्पेक्टर राजकुमार, इनसेक्ट इंस्पेक्टर मनीष कुमार, अमरनाथ सिंह और रामकिशोर झा शामली पहुंचे। टीम ने जिले के संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. श्रीकांत और जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार के साथ सबसे पहले सीएचसी शामली पहुंचकर कूलर और प्लास्टिक के कंटेनर आदि की जांच की। इस दौरान इमरजेंसी में लगे कूलर के पानी में डेंगू का लार्वा मिला, जबकि सीएमओ के पुराने कार्यालय के एक कक्ष में लगे कूलर में डेंगू का प्यूपा मिला। इसके अलावा अन्य कूलर में मलेरिया और डेंगू के लार्वा पाए गए। इसके बाद सीएचसी की आवासीय कालोनी के कूलर की जांच की गई तो उनके पानी में भी डेंगू के लार्वा पाए गए। सीएचसी के चार कूलर और कालोनी में भी कुछ आवासों में लगे कूलर की जांच की गई तो अधिकतर कूलर में डेंगू व मलेरिया के लार्वा पाए गए। जांच टीम ने इसे गंभीर मानते हुए अधिकारियों को एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
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रेलवे स्टेशन और कालोनी में भी मिले लार्वा
स्वास्थ्य टीम ने रेलवे स्टेशन, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कालोनी में कूलर व कंटेनर की जांच की। वहां भी डेंगू के लार्वा पाए गए। कालोनी के पीछे नाले में मलेरिया और डेंगू दोनों के लार्वा मिले। इसके बाद पंसारियान में एक घर में दो कूलर व मटके में भरे पानी में भी लार्वा मिले। इसके अलावा पीडब्लूडी कार्यालय परिसर में रखे तारकोल के ड्रम में भी डेंगू के लार्वा पाए गए। वहां ड्रम में भरे पानी को निकलवाकर केरोसीन का तेल डलवाया गया।
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नर्सिंग होम के कूलर में भी डेंगू का लार्वा
जांच टीम शाम को गगन विहार और काकानगर पहुंची। वहां एक नर्सिंग होम के कूलर में डेंगू का लार्वा पाया गया। इसके अलावा अन्य कई घरों में जांच की गई तो वहां भी कई कूलर में डेंगू के लार्वा पाए गए।
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जहां लार्वा मिले उन्हें जारी होंगे नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि सीएचसी में डेंगू व मलेरिया के लार्वा मिलना गंभीर मामला है। इस मामले में चिकित्साधीक्षक और स्टाफ को नोटिस जारी किए जाएंगे। तीन दिन फिर जांच की जाएगी। इसी तरह रेलवे विभाग और पीडब्लूडी समेत जहां भी लार्वा मिले हैं, उन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद अगर दोबारा जांच में लार्वा मिलता है तो नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
अभी कूलर चल रहे हैं। चलते हुए कूलर में डेंगू या मलेरिया का लार्वा मिलने की संभावना बहुत कम होती है। वे आज सहारनपुर मीटिंग में गए थे। इस मामले की जांच कराई जाएगी। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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बचने को ये सावधानियां बरतें
- कूलर में कम से कम सप्ताह में एक बार पानी निकालकर सुखाएं।
- साफ पानी में डेेंगू मच्छर पैदा होता है, इसलिए पानी को बदलते रहे।
- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। जमा हुए पानी में मिट्टी, डीजल या काले तेल की बूंदे डालें।
- गंदगी न होने दे, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- शरीर को अधिक से अधिक ढकने वाले कपड़े पहने।
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शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय से मलेरिया इंस्पेक्टर राजकुमार, इनसेक्ट इंस्पेक्टर मनीष कुमार, अमरनाथ सिंह और रामकिशोर झा शामली पहुंचे। टीम ने जिले के संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. श्रीकांत और जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार के साथ सबसे पहले सीएचसी शामली पहुंचकर कूलर और प्लास्टिक के कंटेनर आदि की जांच की। इस दौरान इमरजेंसी में लगे कूलर के पानी में डेंगू का लार्वा मिला, जबकि सीएमओ के पुराने कार्यालय के एक कक्ष में लगे कूलर में डेंगू का प्यूपा मिला। इसके अलावा अन्य कूलर में मलेरिया और डेंगू के लार्वा पाए गए। इसके बाद सीएचसी की आवासीय कालोनी के कूलर की जांच की गई तो उनके पानी में भी डेंगू के लार्वा पाए गए। सीएचसी के चार कूलर और कालोनी में भी कुछ आवासों में लगे कूलर की जांच की गई तो अधिकतर कूलर में डेंगू व मलेरिया के लार्वा पाए गए। जांच टीम ने इसे गंभीर मानते हुए अधिकारियों को एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
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रेलवे स्टेशन और कालोनी में भी मिले लार्वा
स्वास्थ्य टीम ने रेलवे स्टेशन, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कालोनी में कूलर व कंटेनर की जांच की। वहां भी डेंगू के लार्वा पाए गए। कालोनी के पीछे नाले में मलेरिया और डेंगू दोनों के लार्वा मिले। इसके बाद पंसारियान में एक घर में दो कूलर व मटके में भरे पानी में भी लार्वा मिले। इसके अलावा पीडब्लूडी कार्यालय परिसर में रखे तारकोल के ड्रम में भी डेंगू के लार्वा पाए गए। वहां ड्रम में भरे पानी को निकलवाकर केरोसीन का तेल डलवाया गया।
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नर्सिंग होम के कूलर में भी डेंगू का लार्वा
जांच टीम शाम को गगन विहार और काकानगर पहुंची। वहां एक नर्सिंग होम के कूलर में डेंगू का लार्वा पाया गया। इसके अलावा अन्य कई घरों में जांच की गई तो वहां भी कई कूलर में डेंगू के लार्वा पाए गए।
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जहां लार्वा मिले उन्हें जारी होंगे नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि सीएचसी में डेंगू व मलेरिया के लार्वा मिलना गंभीर मामला है। इस मामले में चिकित्साधीक्षक और स्टाफ को नोटिस जारी किए जाएंगे। तीन दिन फिर जांच की जाएगी। इसी तरह रेलवे विभाग और पीडब्लूडी समेत जहां भी लार्वा मिले हैं, उन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद अगर दोबारा जांच में लार्वा मिलता है तो नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
अभी कूलर चल रहे हैं। चलते हुए कूलर में डेंगू या मलेरिया का लार्वा मिलने की संभावना बहुत कम होती है। वे आज सहारनपुर मीटिंग में गए थे। इस मामले की जांच कराई जाएगी। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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बचने को ये सावधानियां बरतें
- कूलर में कम से कम सप्ताह में एक बार पानी निकालकर सुखाएं।
- साफ पानी में डेेंगू मच्छर पैदा होता है, इसलिए पानी को बदलते रहे।
- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। जमा हुए पानी में मिट्टी, डीजल या काले तेल की बूंदे डालें।
- गंदगी न होने दे, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- शरीर को अधिक से अधिक ढकने वाले कपड़े पहने।