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Shamli News: केवाईसी के लिए लिंक भेजकर साइबर ठगी की कोशिश
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सतर्कता व जागरूकता से साइबर ठग के झांसे में आने से बचे
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। फोन पे, पेटीएम या बैंक खाते की केवाईसी के लिए अनजान नंबर से कॉल या व्हाटसएप पर लिंक आए तो पहले उसकी जानकारी कर लेनी चाहिए। यह साइबर ठगी का प्रयास हो सकता है। जिले में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सतर्कता और जागरूकता से ठगी होने से बच गई।
साइबर के शातिर ऑनलाइन ठगी करने के लिए नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने झांसे में लेकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ा लेते हैं, लेकिन कई मामलों में लोगों की सतर्कता व जागरूकता से साइबर ठगी का शिकार होने से बचे हैं। साइबर सेल को भी पूर्व में शिकायतें मिल चुकी हैं। साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। अनजान नंबर से आने वाली कॉल या व्हाट्सएप पर आने वाले लिंक के बारे में पहले जानकारी कर लेनी चाहिए। अगर किसी के साथ ठगी हो जाती है तो उसकी सूचना तत्काल डायल 1930 पर, या साइबर सेल को दें। 24 घंटे के अंदर सूचना देने पर ठगी गई रकम वापसी की पूरी संभावना रहती है।
केस एक : मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी आमिर ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके पेटीएम की केवाईसी होनी है। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उसमें बैंक खाते की डिटेल भरने के लिए कहा। उसने डिटेल भरी तो कहा कि केवाईसी हो गई है। अब वह 50 हजार रुपये तक ट्रांजक्शन कर सकते हैं। इसके बाद 45 हजार रुपये का मैसेज भेजा और कहा कि उनके परिचित के खाते में 50 हजार भेज दो। उनके फोन से यह रकम ट्रांजक्शन नहीं हो रही है, लेकिन उसके खाते में 45 हजार रुपये नहीं आए तो वह समझ गया कि यह साइबर ठगी की कोशिश है। इसके बाद उसने फोन काट दिया।
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केस दो : शहर के माजरा रोड निवासी सतीश ने बताया कि उसके पास अनजान नंबर से कॉल आई। उसने कहा कि फोन पे की केवाईसी नहीं हो रही है। अगर उन्होंने केवाईसी नहीं कराई तो फोन पे बंद हो जाएगा। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उसमें डिटेल भरने को कहा। उसने डिटेल भर दी। इसके बाद एक और लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने को कहा तो वह समझ गया कि कोई साइबर ठग उन्हें झांसे में लेने की कोशिश कर रहा है। उसने लिंक पर क्लिक नहीं किया और फोन काट दिया। इसके बाद फिर फोन आया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। फोन पे, पेटीएम या बैंक खाते की केवाईसी के लिए अनजान नंबर से कॉल या व्हाटसएप पर लिंक आए तो पहले उसकी जानकारी कर लेनी चाहिए। यह साइबर ठगी का प्रयास हो सकता है। जिले में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सतर्कता और जागरूकता से ठगी होने से बच गई।
साइबर के शातिर ऑनलाइन ठगी करने के लिए नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने झांसे में लेकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ा लेते हैं, लेकिन कई मामलों में लोगों की सतर्कता व जागरूकता से साइबर ठगी का शिकार होने से बचे हैं। साइबर सेल को भी पूर्व में शिकायतें मिल चुकी हैं। साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। अनजान नंबर से आने वाली कॉल या व्हाट्सएप पर आने वाले लिंक के बारे में पहले जानकारी कर लेनी चाहिए। अगर किसी के साथ ठगी हो जाती है तो उसकी सूचना तत्काल डायल 1930 पर, या साइबर सेल को दें। 24 घंटे के अंदर सूचना देने पर ठगी गई रकम वापसी की पूरी संभावना रहती है।
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केस एक : मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी आमिर ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके पेटीएम की केवाईसी होनी है। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उसमें बैंक खाते की डिटेल भरने के लिए कहा। उसने डिटेल भरी तो कहा कि केवाईसी हो गई है। अब वह 50 हजार रुपये तक ट्रांजक्शन कर सकते हैं। इसके बाद 45 हजार रुपये का मैसेज भेजा और कहा कि उनके परिचित के खाते में 50 हजार भेज दो। उनके फोन से यह रकम ट्रांजक्शन नहीं हो रही है, लेकिन उसके खाते में 45 हजार रुपये नहीं आए तो वह समझ गया कि यह साइबर ठगी की कोशिश है। इसके बाद उसने फोन काट दिया।
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केस दो : शहर के माजरा रोड निवासी सतीश ने बताया कि उसके पास अनजान नंबर से कॉल आई। उसने कहा कि फोन पे की केवाईसी नहीं हो रही है। अगर उन्होंने केवाईसी नहीं कराई तो फोन पे बंद हो जाएगा। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उसमें डिटेल भरने को कहा। उसने डिटेल भर दी। इसके बाद एक और लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने को कहा तो वह समझ गया कि कोई साइबर ठग उन्हें झांसे में लेने की कोशिश कर रहा है। उसने लिंक पर क्लिक नहीं किया और फोन काट दिया। इसके बाद फिर फोन आया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया।