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यूक्रेन पर हमला, फंसे छात्रों के परिजनों की सांस अटकी
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शामली : जलालाबाद के ईशू ने भेजा यूक्रेन का फोटो।
- फोटो : SHAMLI
शामली। रूस के यूक्रेन पर हमले से शामली में परेशानी बढ़ा दी है। शामली जिले के कई बच्चे एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अपने परिवार से दूर यूक्रेन में फंस गए हैं। अभी तक सारी स्थिति सामान्य सी लग रही थी लेकिन बृहस्पतिवार सुबह अचानक हुए हमले के कारण हवाई यात्रा प्रभावित हो गई। जो बच्चे घर आने की आस लगाए बैठे थे, वह सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनकी जल्द से जल्द देश वापसी का इंतजाम किया जाए।
यूक्रेन में फंसे शहर के मंडी जवाहर गंज निवासी आदी जैन के पिता पंकज जैन और माता ऋतु जैन ने बताया कि हम लगातार अपने पुत्र से संपर्क बनाए हुए हैं, लेकिन इस समय बहुत चिंतित हैं। आदी ने बताया कि यहां पर माहौल खराब है सरकार ने बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आसपास बम विस्फोट की आवाज आने लगी है। दिन रात सायरन बज रहे हैं। जिसे सुनकर मन में बहुत घबराहट होती है। आदी जैन की छोटी बहन धानी जैन ने देश के प्रधानमंत्री से प्रार्थना की है कि वह उसके भाई को वहां से सुरक्षित कर लाने में मदद करें।
एटीएम खाली हो गए, खाने-पीने की हुई दिक्कत
फोटो समाचार
शामली। धीमानुपरा निवासी प्रभात भार्गव के दो बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। पुत्र अंश और पुत्री मानवी वहां इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन पर हुए हमले के बाद से दोनों भाई-बहन घर वापसी को लेकर काफी चिंतित हैं। अंश और मानवी ने बताया कि हम राजधानी से काफी दूर हैं। इसलिए ऐसा लग रहा था कि यहां कुछ नहीं होगा। लेकिन बुधवार की रात से उनसे कुछ किमी की दूरी पर धमाके हुए। फाइटर प्लेन की आवाज पूरी रात गूंजती रही। वहां की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। भारतीय दूतावास ने उन्हें बाहर न निकलने की एडवायजरी जारी की है। यहां एटीएम खाली हो गए हैं और खाने-पीने के सामान की भी दिक्कत होने लगी हैं। बच्चों को लेकर पिता प्रभात भार्गव और माता रश्मि भार्गव काफी चिंतित हैं।
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बच्चों से दो किमी दूर हुए धमाके
शामली। बुढ़ाना रोड बलभद्र निवासी प्रमोद मलिक का पुत्र कुशाग्र भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। कुशाग्र ने भी यूक्रेन पर हुए हमले के बाद परिजनों से बात की। बताया कि करीब दो किमी दूर धमाके हो रहे हैं। बच्चे अपने हॉस्टलों में कैद हैं। जिससे वह और बाकी छात्र घबराए हुए हैं। सरकार से हमारी मांग है कि बच्चों को वहां से जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी कराए।
हर तरफ है अफरातफरी का माहौल
शामली। मोहल्ला पंसारियान निवासी मोहम्मद शाहिद अपनी बेटी जवेरिया नूर की सलामती को लेकर परेशान हैं। उनकी बेटी भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष की छात्रा है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में इस समय भारी अफरातफरी का माहौल है। बच्चे आज कुछ समय के लिए अपने हॉस्टल से बाहर निकले और खाने-पीने का कुछ दिनों का सामान खरीदा। वह बेटी से लगातार फोन के माध्यम से संपर्क में हैं। खुदा से सभी बच्चों की सलामती और जल्द ही सुरक्षित देश वापसी की दुआ कर रहे हैं।
जलालाबाद का एक छात्र व एक छात्रा यूक्रेन में फंसे
फोटो समाचार
जलालाबाद। कस्बे के मोहल्ला मोहमदीगंज निवासी डॉ. धर्मवीर पाल का पुत्र ईशु सिद्धार्थ पाल एमबीबीएस में चतुर्थ व डॉ. सोमनाथ पच्चीसिया की पुत्री ईशा पच्चीसिया तृतीय वर्ष यूक्रेन की विनिस्या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। ईशू सिद्धार्थ ने अपने घर पर वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाया कि किस तरह से वहां पर गोलाबारी हो रही है। वहां पर सभी बच्चे दहशत में है। ईशू ने बताया कि रात्रि 3 बजे भारी गोलाबारी हो रही है। वाहनों व बिल्डिंगों पर मिसाइल से हमले किए जा रहे हैं। सब छात्रों को कई दिनों से उनके कमरों से बाहर निकलना बंद किया हुआ है। जिससे उनको खाने पीने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने बताया कि जिन छात्रों के पेपर हो चुके थे वो अपने घर चले गए थे। लेकिन जिन छात्रों के पेपर नहीं हुए थे वे छात्र वहीं फंस गए हैं। एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ है। जिससे वहां के एयरपोर्ट को खाली करा दिया गया। भारत की फ्लाइट को वापस खाली फ्लाइट भेज दिया। यूक्रेन में भारत के करीब 20000 हजार छात्र फंसे हुए है। इनमें से 240 ही वापस लौटे है। ईशू की माताजी जी कुसुमलता पाल जो भाजपा में महिला मोर्चा कि जिलाध्यक्ष है। ईशा पच्चीसिया के पिता डॉ. सोमनाथ ने बताया कि जब से उन्हें गोलाबारी की सूचना मिली है तब से परिवार के सभी लोग घबराए हुए हैं। दोनों छात्र माता पिता सभी बच्चों की सलामती के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं।
मुझसे 700 किमी दूर गिरी मिसाइल: वैभव
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थानाभवन। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूक्रेन में रहने वाले भारतीयों की चिंता बढ़ने लगी है। क्षेत्र के गांव कुतुबगढ़ निवासी सूबेदार विक्रांत शर्मा के पुत्र वैभव शर्मा तीन साल पहले एमबीएसएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गया था। फिलहाल भी वैभव यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। वैभव के ताऊ प्रवीण शर्मा ने बताया कि सुबह जब यूक्रेन पर रूस के हमले की सूचना मिली तो परिवार चिंतित हो उठा। इसके बाद उन्होंने दिन में दो बार वैभव को फोन किया। वैभव ने उन्हें जानकारी देकर बताया कि छह मार्च को उसकी भारत वापसी की फ्लाइट थी। लेकिन जब आज यूक्रेन पर हमला हुआ तो वहां की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया। जिस कारण फिलहाल उसकी फ्लाइट रद्द हो गई है। बताया कि सुबह जिस मिसाइल से यूक्रेन पर हमला किया गया वह उससे सात सौ किलोमीटर दूर है। वैभव ने बताया कि फिलहाल वह पूरी तरह से सुरक्षित है।
बंकर में छिपकर प्रशांत ने बचाई अपनी जान
फोटो समाचार
झिंझाना। कस्बा निवासी प्राइवेट चिकित्सक रामनिवास कश्यप ने बताया कि यूक्रेन के शहर जफरोजा के मेडिकल इंस्टिट्यूट में उसका बेटा प्रशांत कश्यप एमबीबीएस के चौथे वर्ष का छात्र है। परिजनों के हवाले से प्रशांत ने बताया कि हमले की आशंका को देखते हुए वापस भारत आने के लिए बृहस्पतिवार में हवाई जहाज के टिकट हो चुके थे। प्रशांत अपने कुछ साथियों के साथ एक टैक्सी से पूरी रात का सफर करने के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव के हवाई अड्डे पहुंच चुके थे। मगर वहां से उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वापस होना पड़ा। इसके बाद वह भारतीय दूतावास पहुंचे तो वह भी उन्हें बंद मिला। उसके बाद बमबारी की आवाज आने से उन सभी छात्रों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सभी ने वहां एक बंकर में छिपकर अपनी जान बचाई। बंकर में छिपे होने की सूचना सभी छात्रों ने अपने-अपने परिजनों को फोन करके या व्हाट्सएप चैटिंग से दी।
यूक्रेन-रूस बमबारी में फंसा चौसाना का युवक
फोटो
चौसाना। यूक्रेन पर हुए हमले में चौसाना निवासी 27 वर्षीय जहांगीर खानपुत्र फजल इलाही भी फंस गया। जहांगीर ने यूक्रेन स्थित भारतीय उच्चायोग में मदद की गुहार लगाई है। जहांगीर के परिजनों ने बताया कि हमारा बेटा 5 महीने पहले यूक्रेन गया था। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध में फंस गया है। हम लोग लगातार अपने बेटे से बातचीत कर रहे हैं और वीडियो कॉल से भी संपर्क में है। उसकी कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। जहांगीर का कहना है कि भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय हम लोगों से संपर्क कर आश्वासन दे रहा है और व्यवस्था बनाने में मदद कर रहा है। जल्द ही पोलैंड से बॉर्डर का रास्ता खुल सकता है। जिससे यूक्रेन से बाहर निकला जाएगा। परिवार भी लगातार भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं।
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यूक्रेन में फंसे शहर के मंडी जवाहर गंज निवासी आदी जैन के पिता पंकज जैन और माता ऋतु जैन ने बताया कि हम लगातार अपने पुत्र से संपर्क बनाए हुए हैं, लेकिन इस समय बहुत चिंतित हैं। आदी ने बताया कि यहां पर माहौल खराब है सरकार ने बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आसपास बम विस्फोट की आवाज आने लगी है। दिन रात सायरन बज रहे हैं। जिसे सुनकर मन में बहुत घबराहट होती है। आदी जैन की छोटी बहन धानी जैन ने देश के प्रधानमंत्री से प्रार्थना की है कि वह उसके भाई को वहां से सुरक्षित कर लाने में मदद करें।
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एटीएम खाली हो गए, खाने-पीने की हुई दिक्कत
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शामली। धीमानुपरा निवासी प्रभात भार्गव के दो बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। पुत्र अंश और पुत्री मानवी वहां इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन पर हुए हमले के बाद से दोनों भाई-बहन घर वापसी को लेकर काफी चिंतित हैं। अंश और मानवी ने बताया कि हम राजधानी से काफी दूर हैं। इसलिए ऐसा लग रहा था कि यहां कुछ नहीं होगा। लेकिन बुधवार की रात से उनसे कुछ किमी की दूरी पर धमाके हुए। फाइटर प्लेन की आवाज पूरी रात गूंजती रही। वहां की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। भारतीय दूतावास ने उन्हें बाहर न निकलने की एडवायजरी जारी की है। यहां एटीएम खाली हो गए हैं और खाने-पीने के सामान की भी दिक्कत होने लगी हैं। बच्चों को लेकर पिता प्रभात भार्गव और माता रश्मि भार्गव काफी चिंतित हैं।
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बच्चों से दो किमी दूर हुए धमाके
शामली। बुढ़ाना रोड बलभद्र निवासी प्रमोद मलिक का पुत्र कुशाग्र भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। कुशाग्र ने भी यूक्रेन पर हुए हमले के बाद परिजनों से बात की। बताया कि करीब दो किमी दूर धमाके हो रहे हैं। बच्चे अपने हॉस्टलों में कैद हैं। जिससे वह और बाकी छात्र घबराए हुए हैं। सरकार से हमारी मांग है कि बच्चों को वहां से जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी कराए।
हर तरफ है अफरातफरी का माहौल
शामली। मोहल्ला पंसारियान निवासी मोहम्मद शाहिद अपनी बेटी जवेरिया नूर की सलामती को लेकर परेशान हैं। उनकी बेटी भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष की छात्रा है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में इस समय भारी अफरातफरी का माहौल है। बच्चे आज कुछ समय के लिए अपने हॉस्टल से बाहर निकले और खाने-पीने का कुछ दिनों का सामान खरीदा। वह बेटी से लगातार फोन के माध्यम से संपर्क में हैं। खुदा से सभी बच्चों की सलामती और जल्द ही सुरक्षित देश वापसी की दुआ कर रहे हैं।
जलालाबाद का एक छात्र व एक छात्रा यूक्रेन में फंसे
फोटो समाचार
जलालाबाद। कस्बे के मोहल्ला मोहमदीगंज निवासी डॉ. धर्मवीर पाल का पुत्र ईशु सिद्धार्थ पाल एमबीबीएस में चतुर्थ व डॉ. सोमनाथ पच्चीसिया की पुत्री ईशा पच्चीसिया तृतीय वर्ष यूक्रेन की विनिस्या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। ईशू सिद्धार्थ ने अपने घर पर वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाया कि किस तरह से वहां पर गोलाबारी हो रही है। वहां पर सभी बच्चे दहशत में है। ईशू ने बताया कि रात्रि 3 बजे भारी गोलाबारी हो रही है। वाहनों व बिल्डिंगों पर मिसाइल से हमले किए जा रहे हैं। सब छात्रों को कई दिनों से उनके कमरों से बाहर निकलना बंद किया हुआ है। जिससे उनको खाने पीने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने बताया कि जिन छात्रों के पेपर हो चुके थे वो अपने घर चले गए थे। लेकिन जिन छात्रों के पेपर नहीं हुए थे वे छात्र वहीं फंस गए हैं। एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ है। जिससे वहां के एयरपोर्ट को खाली करा दिया गया। भारत की फ्लाइट को वापस खाली फ्लाइट भेज दिया। यूक्रेन में भारत के करीब 20000 हजार छात्र फंसे हुए है। इनमें से 240 ही वापस लौटे है। ईशू की माताजी जी कुसुमलता पाल जो भाजपा में महिला मोर्चा कि जिलाध्यक्ष है। ईशा पच्चीसिया के पिता डॉ. सोमनाथ ने बताया कि जब से उन्हें गोलाबारी की सूचना मिली है तब से परिवार के सभी लोग घबराए हुए हैं। दोनों छात्र माता पिता सभी बच्चों की सलामती के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं।
मुझसे 700 किमी दूर गिरी मिसाइल: वैभव
फोटो समाचार
थानाभवन। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूक्रेन में रहने वाले भारतीयों की चिंता बढ़ने लगी है। क्षेत्र के गांव कुतुबगढ़ निवासी सूबेदार विक्रांत शर्मा के पुत्र वैभव शर्मा तीन साल पहले एमबीएसएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गया था। फिलहाल भी वैभव यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। वैभव के ताऊ प्रवीण शर्मा ने बताया कि सुबह जब यूक्रेन पर रूस के हमले की सूचना मिली तो परिवार चिंतित हो उठा। इसके बाद उन्होंने दिन में दो बार वैभव को फोन किया। वैभव ने उन्हें जानकारी देकर बताया कि छह मार्च को उसकी भारत वापसी की फ्लाइट थी। लेकिन जब आज यूक्रेन पर हमला हुआ तो वहां की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया। जिस कारण फिलहाल उसकी फ्लाइट रद्द हो गई है। बताया कि सुबह जिस मिसाइल से यूक्रेन पर हमला किया गया वह उससे सात सौ किलोमीटर दूर है। वैभव ने बताया कि फिलहाल वह पूरी तरह से सुरक्षित है।
बंकर में छिपकर प्रशांत ने बचाई अपनी जान
फोटो समाचार
झिंझाना। कस्बा निवासी प्राइवेट चिकित्सक रामनिवास कश्यप ने बताया कि यूक्रेन के शहर जफरोजा के मेडिकल इंस्टिट्यूट में उसका बेटा प्रशांत कश्यप एमबीबीएस के चौथे वर्ष का छात्र है। परिजनों के हवाले से प्रशांत ने बताया कि हमले की आशंका को देखते हुए वापस भारत आने के लिए बृहस्पतिवार में हवाई जहाज के टिकट हो चुके थे। प्रशांत अपने कुछ साथियों के साथ एक टैक्सी से पूरी रात का सफर करने के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव के हवाई अड्डे पहुंच चुके थे। मगर वहां से उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वापस होना पड़ा। इसके बाद वह भारतीय दूतावास पहुंचे तो वह भी उन्हें बंद मिला। उसके बाद बमबारी की आवाज आने से उन सभी छात्रों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सभी ने वहां एक बंकर में छिपकर अपनी जान बचाई। बंकर में छिपे होने की सूचना सभी छात्रों ने अपने-अपने परिजनों को फोन करके या व्हाट्सएप चैटिंग से दी।
यूक्रेन-रूस बमबारी में फंसा चौसाना का युवक
फोटो
चौसाना। यूक्रेन पर हुए हमले में चौसाना निवासी 27 वर्षीय जहांगीर खानपुत्र फजल इलाही भी फंस गया। जहांगीर ने यूक्रेन स्थित भारतीय उच्चायोग में मदद की गुहार लगाई है। जहांगीर के परिजनों ने बताया कि हमारा बेटा 5 महीने पहले यूक्रेन गया था। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध में फंस गया है। हम लोग लगातार अपने बेटे से बातचीत कर रहे हैं और वीडियो कॉल से भी संपर्क में है। उसकी कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। जहांगीर का कहना है कि भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय हम लोगों से संपर्क कर आश्वासन दे रहा है और व्यवस्था बनाने में मदद कर रहा है। जल्द ही पोलैंड से बॉर्डर का रास्ता खुल सकता है। जिससे यूक्रेन से बाहर निकला जाएगा। परिवार भी लगातार भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं।

शामली : जलालाबाद में चिंतित यूक्रेन में फंसे ईशू और ईशा के परिजन।- फोटो : SHAMLI