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Shamli News: आईएसआई नेटवर्क की कड़ियां खोलने में जुटी एटीएस

Tue, 11 Nov 2025 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:32 AM IST
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ATS engaged in uncovering links of ISI network
शामली। अहमदाबाद में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में झिंझाना निवासी आजाद शेख की गिरफ्तारी के बाद एटीएस, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अलर्ट हो गई है। जांच एजेंसियों को शक है कि आजाद के संपर्क पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा से जुड़े हो सकते हैं, जो लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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सूत्रों के अनुसार अहमदाबाद एटीएस ने झिंझाना निवासी आजाद, लखीमपुर खीरी के सुहैल और डॉ. अहमद के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में पाकिस्तान से जुड़े कुछ संदिग्ध नंबरों और ऑनलाइन चैट की जानकारी मिली है। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन उपकरणों के माध्यम से आईएसआई नेटवर्क को जानकारी या आर्थिक मदद दी जा रही थी।
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-पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं पुराने रिश्ते

कैराना के इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा का नाम पिछले तीन दशकों से देशविरोधी गतिविधियों में आता रहा है। वर्ष 1995 में दिल्ली में जब बड़ी संख्या में पाकिस्तान निर्मित पिस्टलें बरामद हुईं, तो उनमें इकबाल काना का नाम भी सामने आया था। दबाव बढ़ने पर दोनों पाकिस्तान भाग गए और वहीं से अब भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप हैं।
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शामली निवासी कलीम और तहसीम को भी डेढ़ वर्ष पहले आईएसआई एजेंटों से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों के तार भी इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा से जुड़े पाए गए थे।




-वेस्ट यूपी के युवा बने सॉफ्ट टारगेट

एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को आसान निशाना बना रहे हैं। चंद रुपये, मोबाइल रिचार्ज या विदेश भेजने के लालच में युवाओं को फंसाया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पानीपत सीआईए ने कैराना के नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर इकबाल काना के संपर्क में रहकर पाकिस्तान को भारतीय सेना की मूवमेंट की जानकारी भेजता था।



-डिजिटल फुटप्रिंट पर सख्ती से नजर

अहमदाबाद एटीएस के डीएसपी हर्ष कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से मिले डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द नेटवर्क के वांछित सदस्यों तक पहुंचा जाएगा।




-पुलिस सतर्क, एजेंसियों का संयुक्त ऑपरेशन

शामली, कैराना और झिंझाना पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। एटीएस ने स्थानीय खुफिया इकाइयों से कहा है कि जिन युवाओं का संपर्क सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के जरिए विदेशों से है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। बताया जा रहा है कि इकबाल काना का व्हाट्सएप नंबर पहले भी शामली पुलिस के पास ट्रेस हुआ था, जो लगातार एक्टिव पाया गया था।
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