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Shamli News: पोर्टल से आदेश जारी करते ही 10 मिनट में हो गई रिहाई
Sun, 30 Mar 2025 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:34 AM IST
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कैराना। प्रशासनिक न्यायाधीश हाईकोर्ट इलाहबाद के न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने जनपद न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश में शुरू किए एन-स्टेप व ई-प्रिजन पोर्टल के बारे में अधिवक्ताओं की जानकारी दी।
प्रशासनिक न्यायाधीश ने जनपद न्यायाधीश के चैंबर में साढ़े तीन बजे ई प्रिजन पोर्टल से मुजफ्फरनगर जेल में बंद 10 कैदियों की रिहाई के आदेश ऑनलाइन भेजे। 10 मिनट के अंदर सभी 10 कैदियों को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया
प्रशासनिक न्यायाधीश अरुण कुमार देशवाल की जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने अगवानी की। बार भवन में महासचिव राजकुमार चौहान के संचालन व बार अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशासनिक न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को बताया कि पहले आरोपी को वारंट व समन पुलिस द्वारा भेजे जाते थे। कुछ वारंट व समन आरोपी तक नहीं पहुंच पाते थे। एन-स्टेप द्वारा समन व वारंट सीधे आनलाइन संबंधित थाने के एसपी को भेजे जाएंगे। इसके बाद एसपी उन्हें थानों को भेजकर तामील कराएंगे। ई-प्रिजन पोर्टल के माध्यम से किसी भी जेल में बंद कैदी की रिहाई के आदेश तथा जमानत के आदेश सीधे संबंधित जेल अधीक्षक को भेजे जाएंगे।
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पहले अदालत पुलिसकर्मी द्वारा रिहाई परवाना जेल को भेजती थी। इसमें रिहाई में बहुत अधिक समय लग जाता था। अब पोर्टल के माध्यम से रिहाई आदेश भेजने के कुछ ही मिनट बाद कैदी की जेल से रिहाई हो सकेगी। इस मौके पर कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।े
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प्रशासनिक न्यायाधीश ने जनपद न्यायाधीश के चैंबर में साढ़े तीन बजे ई प्रिजन पोर्टल से मुजफ्फरनगर जेल में बंद 10 कैदियों की रिहाई के आदेश ऑनलाइन भेजे। 10 मिनट के अंदर सभी 10 कैदियों को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया
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प्रशासनिक न्यायाधीश अरुण कुमार देशवाल की जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने अगवानी की। बार भवन में महासचिव राजकुमार चौहान के संचालन व बार अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशासनिक न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को बताया कि पहले आरोपी को वारंट व समन पुलिस द्वारा भेजे जाते थे। कुछ वारंट व समन आरोपी तक नहीं पहुंच पाते थे। एन-स्टेप द्वारा समन व वारंट सीधे आनलाइन संबंधित थाने के एसपी को भेजे जाएंगे। इसके बाद एसपी उन्हें थानों को भेजकर तामील कराएंगे। ई-प्रिजन पोर्टल के माध्यम से किसी भी जेल में बंद कैदी की रिहाई के आदेश तथा जमानत के आदेश सीधे संबंधित जेल अधीक्षक को भेजे जाएंगे।
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पहले अदालत पुलिसकर्मी द्वारा रिहाई परवाना जेल को भेजती थी। इसमें रिहाई में बहुत अधिक समय लग जाता था। अब पोर्टल के माध्यम से रिहाई आदेश भेजने के कुछ ही मिनट बाद कैदी की जेल से रिहाई हो सकेगी। इस मौके पर कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।े