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स्वास्थ्य मेले में व्यवस्थाएं नहीं मिली दुरुस्त, लगाई फटकार
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शामली क्षेत्र के गांव बनत सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करती डीएम जसजीत कौर
- फोटो : SHAMLI
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शामली। डीएम जसजीत कौर ने पीएचसी बनत और सिलावर पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
शासन के निर्देश पर प्रत्येक रविवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें मरीजों की जांच कर उपचार दिए जाने की व्यवस्था की गई है। रविवार को डीएम ने पीएचसी बनत पर आयोजित स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पीएचसी परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। मौके पर कॉमन सर्विस सेंटर के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु लगाए गए वीएलई अनुपस्थित मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
डीएम ने संबंधित एमओआईसी व जिला प्रबंधक कॉमन सर्विस सेंटर को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने पीएचसी सिलावर पर व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान पीएचसी पर बिजली, पानी व स्वीपर आदि की व्यवस्था नहीं मिलने पर डीएम ने लापरवाही के चलते संबंधित चिकित्सक व स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण जारी किया। डीएम ने सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल से कहा कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार जन आरोग्य मेले का आयोजन कराया जाए। इसमें अगर लापरवाही मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य मेले में 667 मरीजों की हुई जांच
शामली। रविवार को जिले में सभी 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 667 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया।
कोरोना संक्रमण काल के बाद हुए दूसरे आरोग्य स्वास्थ्य मेले में भी मरीजों की संख्या कम रही। सभी पीएचसी पर 667 मरीजों की जांच कर दवा दी गई। इनमें 284 पुरुष मरीज रहे, जबकि 286 महिला मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनके अलावा 97 बच्चों की भी जांच कर उपचार दिया गया। 25 पीएचसी में मात्र छह पीएचसी पर 75 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए। सबसे अधिक 65 मरीज हथछोया पिंडोरा पीएचसी पर पहुंचे जबकि सबसे कम सात मरीज हथछोया पिंडोरा पीएचसी व आठ मरीज गढ़ीपुख्ता पर पहुंचे। स्वास्थ्य मेले में 38 चिकित्सक और 58 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी।
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शासन के निर्देश पर प्रत्येक रविवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें मरीजों की जांच कर उपचार दिए जाने की व्यवस्था की गई है। रविवार को डीएम ने पीएचसी बनत पर आयोजित स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पीएचसी परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। मौके पर कॉमन सर्विस सेंटर के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु लगाए गए वीएलई अनुपस्थित मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
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डीएम ने संबंधित एमओआईसी व जिला प्रबंधक कॉमन सर्विस सेंटर को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने पीएचसी सिलावर पर व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान पीएचसी पर बिजली, पानी व स्वीपर आदि की व्यवस्था नहीं मिलने पर डीएम ने लापरवाही के चलते संबंधित चिकित्सक व स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण जारी किया। डीएम ने सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल से कहा कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार जन आरोग्य मेले का आयोजन कराया जाए। इसमें अगर लापरवाही मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य मेले में 667 मरीजों की हुई जांच
शामली। रविवार को जिले में सभी 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 667 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया।
कोरोना संक्रमण काल के बाद हुए दूसरे आरोग्य स्वास्थ्य मेले में भी मरीजों की संख्या कम रही। सभी पीएचसी पर 667 मरीजों की जांच कर दवा दी गई। इनमें 284 पुरुष मरीज रहे, जबकि 286 महिला मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनके अलावा 97 बच्चों की भी जांच कर उपचार दिया गया। 25 पीएचसी में मात्र छह पीएचसी पर 75 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए। सबसे अधिक 65 मरीज हथछोया पिंडोरा पीएचसी पर पहुंचे जबकि सबसे कम सात मरीज हथछोया पिंडोरा पीएचसी व आठ मरीज गढ़ीपुख्ता पर पहुंचे। स्वास्थ्य मेले में 38 चिकित्सक और 58 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी।