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सिन संघर्ष समिति का एलान: जारी रहेगा धरना
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बुटराड़ा में धरना स्थल पर सभा में शेर सुनाकर किसानों में जोश भरते हाजी तुफैल।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि मुआवजा बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों का बुटराड़ा में धरना 32वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर हुई सभा में किसान संघर्ष समिति ने एलान किया कि सभी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। साथ ही आंदोलन को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि मुआवजा बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर बुटराड़ा में किसान 28 जुलाई से धरने पर बैठे हैं। हाईवे के निर्माण के लिए 22 में से 21 गांवों में प्रशासन ने भूमि पर कब्जा ले लिया है। लांक गांव में चकबंदी प्रक्रिया की वजह अधिग्रहण नहीं हो पाया है। वहीं, किसान कंपनी को हाईवे का निर्माण शुरू नहीं करने दे रहे हैं। वे कई बार कंपनी के कर्मचारियों को लौटा चुके हैं।
वहीं, डीएम व एडीएम ने शुक्रवार को हाईवे के दायरे में आ रहे गांवों के प्रधान के साथ बैठक की थी। उनसे निर्माण कार्य में अड़चन पैदा न करने की अपील की थी। साथ ही किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर मुआवजा लेकर बाकी किसानों को बरगलाने का आरोप एडीएम ने लगाया था। डीएम और एडीएम ने शनिवार को किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। जिस पर पदाधिकारियों ने दो दिन का वक्त मांगा था। रविवार को धरनास्थल पर हुई किसान संघर्ष समिति बैठक में निर्णय किया गया कि यदि प्रशासन दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाता है तो उस पर विमर्श किया जाएगा। साथ ही निर्णय किया कि जब तक किसानों की सभी मांग पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि किसान एकजुट होकर हक की लड़ाई लड़ेंगे। सभा की अध्यक्षता इंद्रपाल शर्मा ने की तथा संचालन संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने किया। सभा में आम आदमी पार्टी पउप्र अध्यक्ष संजीव श्योरान, भोपाल सिंह, सतवीर मूंछ, डॉ. देवेंद्र ठाकुर, चंद्रपाल, सतवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, शुभम मलिक, देवी सिंह, डॉ. तेजपाल सिंह, सुरेश आदि मौजूद रहे।
किसानों व प्रशासन के बीच हो सकता है टकराव
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। बीते वर्ष उन्होंने देहरादून में इस हाईवे का शिलान्यास किया था। 2024 के चुनाव से पहले इस हाईवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि प्रशासन के काफी प्रयास के बावजूद अभी तक जिले में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यदि निर्माण शुरू कराने के लिए सख्ती बरती जाती है तो टकराव हो सकता है।
किसानों के लिए सिर कटाकर हम भी देखेंगे...
धरने को संबोधित करते हुए किसान हाजी तुफैल ने एक शेर सुनाकर किसानों में जोश भर दिया। उन्होंने सुनाया कि तेरी महफिल में किस्मत आजमाकर हम भी देखेंगे, या तो सरकार मुआवजे के लिए मानेगी नहीं तो किसानों के लिए सिर कटाकर हम भी देखेंगे।
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शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि मुआवजा बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों का बुटराड़ा में धरना 32वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर हुई सभा में किसान संघर्ष समिति ने एलान किया कि सभी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। साथ ही आंदोलन को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि मुआवजा बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर बुटराड़ा में किसान 28 जुलाई से धरने पर बैठे हैं। हाईवे के निर्माण के लिए 22 में से 21 गांवों में प्रशासन ने भूमि पर कब्जा ले लिया है। लांक गांव में चकबंदी प्रक्रिया की वजह अधिग्रहण नहीं हो पाया है। वहीं, किसान कंपनी को हाईवे का निर्माण शुरू नहीं करने दे रहे हैं। वे कई बार कंपनी के कर्मचारियों को लौटा चुके हैं।
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वहीं, डीएम व एडीएम ने शुक्रवार को हाईवे के दायरे में आ रहे गांवों के प्रधान के साथ बैठक की थी। उनसे निर्माण कार्य में अड़चन पैदा न करने की अपील की थी। साथ ही किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर मुआवजा लेकर बाकी किसानों को बरगलाने का आरोप एडीएम ने लगाया था। डीएम और एडीएम ने शनिवार को किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। जिस पर पदाधिकारियों ने दो दिन का वक्त मांगा था। रविवार को धरनास्थल पर हुई किसान संघर्ष समिति बैठक में निर्णय किया गया कि यदि प्रशासन दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाता है तो उस पर विमर्श किया जाएगा। साथ ही निर्णय किया कि जब तक किसानों की सभी मांग पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि किसान एकजुट होकर हक की लड़ाई लड़ेंगे। सभा की अध्यक्षता इंद्रपाल शर्मा ने की तथा संचालन संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने किया। सभा में आम आदमी पार्टी पउप्र अध्यक्ष संजीव श्योरान, भोपाल सिंह, सतवीर मूंछ, डॉ. देवेंद्र ठाकुर, चंद्रपाल, सतवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, शुभम मलिक, देवी सिंह, डॉ. तेजपाल सिंह, सुरेश आदि मौजूद रहे।
किसानों व प्रशासन के बीच हो सकता है टकराव
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। बीते वर्ष उन्होंने देहरादून में इस हाईवे का शिलान्यास किया था। 2024 के चुनाव से पहले इस हाईवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि प्रशासन के काफी प्रयास के बावजूद अभी तक जिले में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यदि निर्माण शुरू कराने के लिए सख्ती बरती जाती है तो टकराव हो सकता है।
किसानों के लिए सिर कटाकर हम भी देखेंगे...
धरने को संबोधित करते हुए किसान हाजी तुफैल ने एक शेर सुनाकर किसानों में जोश भर दिया। उन्होंने सुनाया कि तेरी महफिल में किस्मत आजमाकर हम भी देखेंगे, या तो सरकार मुआवजे के लिए मानेगी नहीं तो किसानों के लिए सिर कटाकर हम भी देखेंगे।