अंकित हत्याकांड: सत्यम के नाम से फर्जी आईडी बनाकर धमकी भरे वीडियो वायरल, दो पर प्राथमिकी
अंकित हत्याकांड में वांछित सत्यम के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर धमकी भरे वीडियो वायरल किए गए। शामली पुलिस ने दो अज्ञात के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में वांछित चल रहे एक लाख रुपये के इनामी सत्यम के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर धमकी भरे वीडियो अपलोड करने का मामला सामने आया है। पिछले तीन दिनों से इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग अकाउंट से वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे। मामले में पुलिस ने दो अज्ञात के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।
वीडियो में दी जा रही थी धमकी
पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में धमकी भरी बातें कही जा रही थीं। इनमें जल्द ही और मर्डर होने की बात भी कही गई थी। अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट से इस तरह के कई वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और साइबर टीम सक्रिय हो गई।
यह भी पढ़ें: मस्जिद ध्वस्त: सहारनपुर-मुजफ्फरनगर में लगे दंगे से जुड़े होर्डिंग्स, अतुल प्रधान और सांसद हरेंद्र मलिक नजरबंद
फर्जी आईडी की जांच में जुटी पुलिस
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यम के नाम से फर्जी आईडी बनाकर धमकी भरे वीडियो अपलोड किए जा रहे थे। इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आईडी किसने बनाई, उसे कौन संचालित कर रहा था और धमकी भरे वीडियो किस जगह से अपलोड किए गए।
तकनीकी साक्ष्य जुटा रही साइबर टीम
पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों, वीडियो अपलोड किए जाने के समय और उससे जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साइबर टीम की मदद से फर्जी आईडी संचालित करने वालों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा: एसपी
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो या पोस्ट की सत्यता की पुष्टि किए बिना उसे आगे शेयर न करें।
उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो मिलने पर उन्हें वायरल करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। फर्जी आईडी और धमकी भरे वीडियो अपलोड करने वालों के बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस को बताकर जांच में सहयोग करें।