Cylinder Blast: एक माह पहले ही अमित के पास गए थे भाई और मां, परिवार में शोक की लहर
मुजफ्फरनगर में हुए सिलेंडर ब्लास्ट के हादसे में हुई कानूनगो, उनके भाई और मां की मौत से शामली में रह रहे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सभी सदस्य मुजफ्फरनगर पहुंच गए। एक माह पहले ही कानूनगो अमित की मां सुशीला और भाई नितिन शामली से मुजफ्फरनगर उनके साथ रहने आये थे। अमित अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गये।
विस्तार
मुजफ्फरनगर के वसुंधरा रेजीडेंसी में मकान में गैस सिलेंडर फटने से कानूनगो अमित गौड़ (48), उनके भाई नितिन गौड़ उर्फ कन्हैया (43) और मां सुशीला देवी (70) की मौत होने की जानकारी शामली में मिली तो परिवार में गम का माहौल बन गया। मोहल्ले में शोक छा गया। आसपास के लोगों व परिचितों ने उनके आवास पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली और दुख व्यक्त किया। परिजन मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।
शामली के रहने वाले थे कानूनगो अमित गौड़
शामली के मोहल्ला मलूकशाह गांधी चौक निवासी अमित गौड़ अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ मुजफ्फरनगर में किराये के मकान में रहते थे। अमित के तहेरे भाई देवानंद गौड़ ने बताया कि अमित गौड़ व नितिन उर्फ कन्हैया दो भाई थे। नितिन अविवाहित थे। उनके पिता राममोहन गौड़ पूर्व में शामली तहसील में अमीन थे। करीब 12 साल पहले उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया था। मृतक आश्रित में उन्हें शामली तहसील में अमीन के पद पर नौकरी मिली थी। इसके बाद वे बुढ़ाना तहसील में तैनात रहे। करीब डेढ़ साल पहले कानूनगो बनने पर अमित गौड़ वर्तमान में देवबंद तहसील में नियुक्त थे। देवानंद गौड़ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें तो यकीन नहीं हो रहा कि इस तरह से अचानक उनकी चाची व दो चचेरे भाइयों का निधन हो गया।
एक माह पहले मुजफ्फरनगर गए थे नितिन और सुशीला
देवानंद गौड़ ने बताया कि कानूनगो अमित गौड़ की करीब एक साल से तबियत खराब चल रही थी। उनका उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा था। उनकी चाचाी सुशीला व चचेरा भाई नितिन करीब एक माह पहले ही अपने घर पर ताला लगाकर अमित के पास गए थे। एक सप्ताह पहले दोनों एक रात के लिए अपने घर पर आए थे और फिर चले गए थे। उन्हें क्या पता था कि अब वे शामली में फिर वापस नहीं आएंगे और हमेशा के लिए इस तरह चले जाएंगे।