शामली। शहर में विजय चौक पर लगे जाम में गर्भवती को ला रही एंबुलेंस फंस गई। जिसके चलते एंबुलेंस में ही महिला को प्रसव हो गया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद सीएचसी पर जच्चा और नवजात को ले जाया गया। उन्हें जांच कर उपचार दिया गया। दोनों के स्वस्थ होने पर देर रात छुट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव कसेरवा खुर्द निवासी फरीद की गर्भवती पत्नी आसमां को बृहस्पतिवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने सरकारी एंबुलेंस को कॉल किया। कॉल करने पर 102 एंबुलेंस गांव में पहुंची और गर्भवती महिला को सीएचसी शामली के लिए लेकर चल दी। एंबुलेंस में गर्भवती आसमां के साथ उसकी सास फातिमा के अलावा चालक पुष्पेंद्र, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) जितेंद्र पाल और आशा सुमन मौजूद थी। फरीद के मुताबिक शामली में घुसते ही झिंझाना रोड पर विजय चौक के निकट बड़े वाहनों और गन्ने की ट्रालियां खड़ी होने से जाम लगे जाम में फंस गई। इसी दौरान गर्भवती को प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी, लेकिन ट्राली में दोनों तरफ गन्ने निकले होने के कारण एंबुलेंस को साइड से निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। एंबुलेंस को वहां से निकलने में पांच से सात मिनट का समय लग गया। इस दौरान महिला को प्रसव हो गया और महिला ने एंबुलेंस में ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद सीएचसी ले जाकर जच्चा और नवजात बच्ची की जांच की गई, जिसमें दोनों स्वस्थ्य पाए गए। आसमां की सास ने बताया कि देर रात अस्पताल से वह छुट्टी लेकर घर आ गए। जच्चा और नवजात बच्ची दोनों स्वस्थ्य है। इस संबंध में सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा. रमेशचंद्रा का कहना है कि एंबुलेंस में लेबर रूम की सुविधा होती है और प्रशिक्षित स्टाफ रहता है। अगर किसी को रास्ते में कोई परेशानी होती है तो वहीं पर उसे संभाल लिया जाता है।