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तकनीक का कमाल, कम मेहनत और काम बेमिसाल

Wed, 19 Aug 2020 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:12 AM IST
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Amazing technique, less work and unmatched work
तकनीक का कमाल, कम मेहनत और काम बेमिसाल
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शामली। हर कोई अपने जीवन के खास लम्हों को कैमरे में कैद करके यादगार के रूप में रखना चाहता है। पहले ये इतना आसान नहीं था। स्मार्ट फोन और तकनीक ने इस काम को बेहद आसान कर दिया है। बीते कुछ वर्षों में फोटोग्राफी की दुनिया तेजी से बदली है। अब तकनीक के सहारे कम खर्च में हर कोई अपनी यादों को संजोकर रख सकता है। स्मार्ट फोन तो इसे और भी आसान बना दिया है। लंबे समय से फोटोग्राफी से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले फोटोग्राफी बड़ी मेहनत और खर्चे का काम था। अब तो कम मेहनत में भी अच्छा परिणाम हासिल कर सकते हैं।
शहर के पुराने फोटोग्राफर नरेंद्र कुमार उर्फ मुन्नू बताते हैं कि पहले रील वाले कैमरे होते थे। उनसे फोटोग्राफी करना आसान नहीं होता था। फोटोग्राफी के लिए लंबा प्रशिक्षण लेना पड़ता है। फोकस करना, स्पीड, अपरचर आदि को मेंटेन करके फोटोग्राफी करना मुश्किल होता था। इसके बाद रील को धुलवाना और फोटो बनवाना भी मुश्किल काम था। अब तकनीक ने सब कुछ आसान कर दिया है। लंबे समय से फोटोग्राफी कर रहे इंडिया स्टूडियो के संचालक रामनाथ सैनी बताते हैं कि मोबाइल ने फोटोग्राफी को बेहद आसान कर दिया है। अब लोग फोटो बनवाने के बजाय वीडियो और फोटो डिवाइस में रखते हैं। बदलती तकनीक ने फोटोग्राफी को काफी आसान कर दिया है। डिजिटल कैमरे से ऑटो मोड पर फोटो लिए जाते हैं और उन्हें कंप्यूटर पर साफ्टवेयर की मदद से ठीक भी किया जा सकता है। पहले ऐसा नहीं हो सकता था। फोटोग्राफी के लिए लंबे प्रशिक्षण की जरूरत थी।
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अभी भी रखें हैं कई पुराने कैमरे
मुन्नू फोटोग्राफर के पास अभी कई कई पुराने कैमरे रखे हैं। ये सभी रील वाले हैं। वह बताते हैं कि अब इनका कोई प्रयोग नहीं होता। अभी फोटोग्राफी की दुनिया में और बदलाव होने हैं। यह काफी आसान हो जाएगी।
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इसलिए मनाया जाता है फोटोग्राफी दिवस
1839 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुईस जेकस तथा मेंडे डाग्युरे ने फोटो तत्व खोजने का दावा किया। ब्रिटिश वैज्ञानिक विलियम हेनरी फॉक्सटेल बोट ने नेगेटिव-पॉजीटिव प्रासेस ढूंढा। 1834 में टेल बॉट ने लाइट सेंसेटिव पेपर का आविष्कार किया। फ्रांसीसी वैज्ञानिक आर्गो ने सात जनवरी 1839 को फ्रेंच अकादमी ऑफ साइंस के लिए एक रिपोर्ट तैयार की। फ्रांस सरकार ने यह प्रासेस रिपोर्ट खरीदकर उसे आम लोगों के लिए 19 अगस्त 1939 को फ्री घोषित किया। इसलिए 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है।
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