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चौतरफा घिरा किसान
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चौतरफा घिरा किसान, निकल नहीं रहा कोई निदान
शामली। जनपद में करीब 1,60,907 कृषि उपयोग की भूमि है। करीब सवा लाख किसान गन्ना और गेहूं सहित अन्य फसलें पैदा करते हैं। गन्ना सीजन चल रहा है, जिसमें किसान चार प्रमुख समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या गन्ना मूल्य भुगतान की है, तो क्रय केंद्रों पर घटतौली भी किसानों को गरीबी में आटा गीला करने का दर्द दे रही है। गन्ना पर्ची नहीं मिलने की वजह से गन्ना कटाई होने के बावजूद उसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शुगर मिलें 9 से दस हजार क्विंटल प्रति दिन औसत से कम चल पा रही हैं। शामली और ऊन मिल 9-9 हजार, थानाभवन दस हजार क्षमता से कम गन्ना पेराई कर रही हैं। जिले की तीन शुगर मिलों पर किसानों का करीब 446.91 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस सत्र में मिलों ने सिर्फ 18.74 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसके विपरीत किसानों के खिलाफ विद्युत बिल बकाया और बैंक कर्ज के रूप में आरसी लगातार जारी हो रही हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तीन वर्ष में 8125 रिकवरी नोटिस तहसीलों को भेजे गए। पिछले 4758 रिकवरी नोटिस अभी लंबित है।
- घट गया 1560 हेक्टेयर गेहूं का रकबा।
शामली। जिले में वर्ष 2018-19 में 50,480 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी। इस साल 31 जनवरी तक 48,924 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 1560 हेक्टेयर गेहूं का रकबा घट गया है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक के मुताबिक गन्ने के खेत खाली न होने और ज्यादा बारिश न होने से गेहूं की बुवाई के खेत तैयार नहीं हो पाए है।
- कोल्हू पर डालना पड़ा गन्ना
शुगर मिल की तरफ से समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं भिजवाई गई। खेत में खड़ा गन्ना कटाई करना जरूरी था, क्योंकि गेहूं की बुवाई करनी थी। इसीलिए करीब 12 बीघा खेत में खड़ा गन्ना मालैंडी और बधेव गांव में कोल्हू पर गन्ना डालना पड़ा। - धर्मवीर निर्वाल, प्रगतिशील किसान
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- देरी से चली मिलें, नहीं हुई गेहूं बुवाई
शामली शुगर मिल समय से न चलने और जल्दी - जल्दी खराब होने की वजह से उनके खेत खाली नहीं हो पाए। इस बार बारिश भी ज्यादा हुई, जिससे समय पर गेहूं की बुवाई नहीं करा पाए। - विक्की कादियान, भैंसवाल।
- समय पर नहीं हुए खेत खाली
गन्ना बाहुल क्षेत्र होने से समय पर किसानों की चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाई है। जिससे समय पर गेहूं की बुवाई किसान नहीं कर पाया है। ऋषिपाल, कंडेला।
- बिना पर्चियों के एडवांस तुलाई में फंस रहा किसान
इस सत्र में दरगाहपुर, चौंदाहेडी में किसानों द्वारा घटतौली की शिकायत की। डीएम के निर्देश पर घटतौली का मामला दर्ज किया गया। बिना पर्चियों के खरीद केंद्र पर एडवांस गन्ना तुलवाने का रंगाना और लांक गांव के खरीद केंद्रो का मामला सामने आया था। शिकायत पर शामली मिल ने तौल लिपिक को निलंबित किया था। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष भाकियू
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शुगर मिल - गन्ना खरीद - बकाया भुगतान
शामली- 51.52 लाख क्विंटल - 139.52 करोड़
थानाभवन- 71.16 - 191.26 करोड़
ऊन - 47.20 116.12 करोड़
कुल - 169.81 446.91 करोड़
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शामली। जनपद में करीब 1,60,907 कृषि उपयोग की भूमि है। करीब सवा लाख किसान गन्ना और गेहूं सहित अन्य फसलें पैदा करते हैं। गन्ना सीजन चल रहा है, जिसमें किसान चार प्रमुख समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या गन्ना मूल्य भुगतान की है, तो क्रय केंद्रों पर घटतौली भी किसानों को गरीबी में आटा गीला करने का दर्द दे रही है। गन्ना पर्ची नहीं मिलने की वजह से गन्ना कटाई होने के बावजूद उसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शुगर मिलें 9 से दस हजार क्विंटल प्रति दिन औसत से कम चल पा रही हैं। शामली और ऊन मिल 9-9 हजार, थानाभवन दस हजार क्षमता से कम गन्ना पेराई कर रही हैं। जिले की तीन शुगर मिलों पर किसानों का करीब 446.91 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस सत्र में मिलों ने सिर्फ 18.74 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसके विपरीत किसानों के खिलाफ विद्युत बिल बकाया और बैंक कर्ज के रूप में आरसी लगातार जारी हो रही हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तीन वर्ष में 8125 रिकवरी नोटिस तहसीलों को भेजे गए। पिछले 4758 रिकवरी नोटिस अभी लंबित है।
- घट गया 1560 हेक्टेयर गेहूं का रकबा।
शामली। जिले में वर्ष 2018-19 में 50,480 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी। इस साल 31 जनवरी तक 48,924 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 1560 हेक्टेयर गेहूं का रकबा घट गया है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक के मुताबिक गन्ने के खेत खाली न होने और ज्यादा बारिश न होने से गेहूं की बुवाई के खेत तैयार नहीं हो पाए है।
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- कोल्हू पर डालना पड़ा गन्ना
शुगर मिल की तरफ से समय पर गन्ने की पर्चियां नहीं भिजवाई गई। खेत में खड़ा गन्ना कटाई करना जरूरी था, क्योंकि गेहूं की बुवाई करनी थी। इसीलिए करीब 12 बीघा खेत में खड़ा गन्ना मालैंडी और बधेव गांव में कोल्हू पर गन्ना डालना पड़ा। - धर्मवीर निर्वाल, प्रगतिशील किसान
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- देरी से चली मिलें, नहीं हुई गेहूं बुवाई
शामली शुगर मिल समय से न चलने और जल्दी - जल्दी खराब होने की वजह से उनके खेत खाली नहीं हो पाए। इस बार बारिश भी ज्यादा हुई, जिससे समय पर गेहूं की बुवाई नहीं करा पाए। - विक्की कादियान, भैंसवाल।
- समय पर नहीं हुए खेत खाली
गन्ना बाहुल क्षेत्र होने से समय पर किसानों की चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाई है। जिससे समय पर गेहूं की बुवाई किसान नहीं कर पाया है। ऋषिपाल, कंडेला।
- बिना पर्चियों के एडवांस तुलाई में फंस रहा किसान
इस सत्र में दरगाहपुर, चौंदाहेडी में किसानों द्वारा घटतौली की शिकायत की। डीएम के निर्देश पर घटतौली का मामला दर्ज किया गया। बिना पर्चियों के खरीद केंद्र पर एडवांस गन्ना तुलवाने का रंगाना और लांक गांव के खरीद केंद्रो का मामला सामने आया था। शिकायत पर शामली मिल ने तौल लिपिक को निलंबित किया था। - कपिल खाटियान, जिलाध्यक्ष भाकियू
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शुगर मिल - गन्ना खरीद - बकाया भुगतान
शामली- 51.52 लाख क्विंटल - 139.52 करोड़
थानाभवन- 71.16 - 191.26 करोड़
ऊन - 47.20 116.12 करोड़
कुल - 169.81 446.91 करोड़