अलंकार बोले: 'मेरा इस्तीफा स्वीकार करे सरकार, खेल खत्म'; शासन को तीन बिंदुओं पर तीन दिन में देंगे जवाब
निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को शामली पहुंचे, जहां जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने उन्हें बरेली मंडलायुक्त द्वारा भेजा गया आरोप पत्र सौंपा। तीन बिंदुओं वाले आरोप पत्र पर जवाब देने के लिए उन्होंने तीन दिन का समय मांगा है।
विस्तार
शासन की ओर से निलंबित किए गए बरेली के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को शामली पहुंचे। डीएम अरविंद कुमार चौहान से मिले। डीएम ने बरेली मंडलायुक्त की ओर से शामली भेजे गए आरोप पत्र को उन्हें रिसीव कराया।
निलंबित पीसीएस अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शासन उनके द्वारा दिए गए इस्तीफे को स्वीकार करे, खेल खत्म। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी के नियमों और एससी/एसटी एक्ट के विरोध में उनका संघर्ष जारी रहेगा।
यूजीसी के नए कानून के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जनवरी माह में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। उन्हें शामली में अटैच कर दिया गया था। उनके विरुद्ध आरोप पत्र मंडलायुक्त बरेली ने डीएम शामली को भेजा गया था।
सोमवार दोपहर निलंबित पीसीएस अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम अरविंद कुमार चौहान से मिले। डीएम ने बरेली मंडलायुक्त की ओर से जारी आरोप पत्र निलंबित पीसीएस अधिकारी को रिसीव कराया। आरोप पत्र पर तीन बिंदुओं में जवाब मांगा गया है, जिसे निलंबित पीसीएस अधिकारी ने तीन दिन में देने की बात कही। उन्होंने शासन की ओर से जारी निलंबन पत्र को अवैध मानते हुए इस्तीफा स्वीकार करने की मांग उठाई।
निलंबित पीसीएस अधिकारी से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि क्या वे विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह यूजीसी के नियमों और एससी/एसटी एक्ट के विरोध में संघर्ष जारी रखेंगे। चुनाव अभी दूर हैं, निर्णय बाद में लेंगे।
ब्राहमण सभा के पदाधिकारियों ने किया स्वागत
निलंबित पीसीएस अधिकारी शहर के विश्वकर्मा नगर में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के आवास पर पहुंचे। यहां उनका ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्वागत किया। स्वागत करने वालों में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष डॉ. उनेन्द्र कुमार शर्मा, ब्राह्मण एकता महासभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम किशोर कोठारी, विनोद कुमार अत्री, बाबू खान, डॉ. श्रीपाल सिंह, ज्योति प्रसाद शर्मा, किसान मजदूर संगठन से दीपांशु वशिष्ठ सहित ब्राह्मण समाज के कई लोग शामिल रहे।
2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, 2019 बैच के यूपी पीसीएस अधिकारी हैं, जो बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे। 26 जनवरी 2026 में उन्होंने यूजीसी के नियमों और एससी/एसटी एक्ट के विरोध में इस्तीफा दे दिया था।
देश और बांटने और काटने की नीति पर काम कर रही केंद्र सरकार
उत्तर प्रदेश के निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि दो गुजराती देश को बांटने और काटने की दिशा में काम कर रहे हैं।
कलक्ट्रेट में पत्रकारों से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान में डिवाइड एंड रूल की नीति अपनाई जा रही है, जो देश और समाज को विखंडित कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना कहा कि एक तरफ सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे गुजराती नेता ने 567 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत बनाया था, वहीं आज दो गुजराती देश को बांटने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एससी/एसटी एक्ट का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोषों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्थानीय बताते हुए अपना समर्थन जताया, लेकिन बाहरी प्रभाव वाले नेताओं पर प्रदेश को अस्थिर करने का आरोप लगाया। अग्निहोत्री ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और कॉन्ट्रैक्टिंग के जरिए धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जनरल व ओबीसी को यूजीसी के माध्यम से तोड़ना चाहते हैं। हिंदू सम्मेलन में कहा जा रहा है कि बंटोगे तो कटोगे, लेकिन ये दोनों नए गुजराती जनता को बांटने और काटने आए हैं।