फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   After protests from Hindu organizations, the body was buried at another location.

Shamli News: शव दफनाने को लेकर विवाद, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद दूसरे स्थान पर दफनाया

Sun, 28 Dec 2025 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 28 Dec 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
After protests from Hindu organizations, the body was buried at another location.
दिल्ली सहारनपुर रोड बिजलीघर निकट बंजर की भूमि पर शव दफनाने के लिए हंगामा करते हिंदू संगठन के लो
जलालाबाद (शामली)। कस्बे में दिल्ली-सहारनपुर रोड बिजलीघर के निकट बंजर की भूमि पर शव दफना रहे मुस्लिम समाज के लोगों का हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध किया। विरोध को देखते हुए पुलिस ने शव दफनाने से रोक दिया। इसके बाद दूसरे स्थान पर शव दफनाने के लिए सहमति बनवाकर विवाद को समाप्त कराया गया।
विज्ञापन

शनिवार की दोपहर कस्बे के मोहल्ला मोहम्मदीगंज निवासी 40 वर्षीय गुलजार की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शव दफनाने के लिए दिल्ली सहारनपुर रोड पर बिजली घर के निकट खाली पड़ी बंजर की भूमि में कब्र की खोदाई की गई। कब्र खोदे जाने की जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष प्रदीप पुंडीर के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और शव दफनाने का विरोध किया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते पुलिस मौके पर पहुंची और मुस्लिम समाज के लोगों को उस स्थान पर शव दफनाने से रोक दिया। इसके बाद वहां हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
विज्ञापन

हिंदू संगठन के लोगों का दावा था कि खसरा नंबर 1145 (जो लगभग 6 बीघा का बताया जा रहा हैं) में वर्षो पूर्व हजारों राजपूत योद्धा दफन है, जिन्हें विदेशी आक्रांताओं ने धोखे से मारा था, जिसके लिए उनके द्वारा शासन स्तर पर इस स्थान के संरक्षण के लिए लगातार मांग की जा रही है। जबकि मुस्लिम समाज के लोगों ने उक्त स्थान को खसरा संख्या 1144 बताकर कब्रिस्तान का नंबर बताया। विवाद बढ़ता देख राजस्व लेखपाल को मौके पर बुलाया गया। बताया गया कि उक्त नंबर अभिलेखों में 1145 है, जो बंजर में दर्ज है। इसका रकबा 6 बीघा के करीब है। दोनों पक्षों के अपने अपने दावों के बीच पुलिस ने मुस्लिम समाज को बिजलीघर के सामने दूसरे कब्रिस्तान में शव को दफनाने के लिए राजी किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान चेयरमैन जहीर मलिक, नवाब अहमद, बिजेन्द्र पाल, तीरथपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

चल रहा चकबंदी का कार्य
जलालाबाद देहात में चकबंदी कार्य चल रहा है, जिसके लिए सर्वे से लेकर नक्शा पांच का आवंटन किया जा चुका है। नक्शा के वितरण की तैयारी की जा रही है। इसके बावजूद विभाग द्वारा कबिस्तान, श्मशान व अन्य मामले के विवाद सामने आना विभाग की लापरवाही का नतीजा है, जिससे अलग अलग समुदाय में विवाद की स्थिति पैदा हो रही है, जो गंभीर मामला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed