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Shamli News: यमुना का जलस्तर कम होने के बाद फिर 12 सेंमी बढ़ा
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- हथिनीकुंड बैराज पर फिर पानी बढ़ने की सूचना
कैराना। हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा कम होने के बाद फिर से बढ़ने लगी है। जिसके चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.32 मीटर नीचे 230.12 मीटर होने के बाद पुन बढकर 230.3 मीटर हो गया है। रविवार सुबह हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में डिस्चार्ज किए जाने वाले पानी की मात्रा 39 हजार 462 क्यूसेक प्रति सेकंड चल रही थी जो शाम 4 बजे बढकर 61 हजार 962 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई। अगर हिमाचल की पहाड़ियों में अधिक बारिश नही होती है तो फिलहाल यमुना नदी में बाढ़ का खतरा टल गया है।
पिछले सप्ताह हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 3.2 लाख क्यूसेक हो गई थी, जिसके बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 232.25 मीटर तक पहुंच गया था। यमुना की बाढ़ ने क्षेत्र में काफी नुकसान किया था। सहपत के पास तटबंध टूटने के चलते सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। हरियाणा के सनौली में गौशाला में सात गोवंश की मौत हो गई थी। इसके अलावा तटवर्ती किसानों की हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई थी। वही बाद में धीरे-धीरे हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा कम होनी शुरू हो गई।
शनिवार शाम 4 बजे कैराना स्थित यमुना नदी का जलस्तर 230.2 मीटर और रविवार सुबह 8 बजे जलस्तर 230.18 मीटर रह गया। लेकिन बाद में जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। शाम 4 बजे यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 230.3 मीटर पर पहुंच गया। यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है। इसके अलावा रविवार सुबह 8 बजे यमुना नदी में डिस्चार्ज के जाने वाले पानी की मात्रा 39 हजार 462 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड चल रही थी, लेकिन शाम 4 बजे बैराज से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़कर 61 हजार 962 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई। अगर हिमाचल में अधिक वर्षा नही होती है, तो फिलहाल यमुना में बाढ़ का खतरा टल गया है।
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कैराना। हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा कम होने के बाद फिर से बढ़ने लगी है। जिसके चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.32 मीटर नीचे 230.12 मीटर होने के बाद पुन बढकर 230.3 मीटर हो गया है। रविवार सुबह हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में डिस्चार्ज किए जाने वाले पानी की मात्रा 39 हजार 462 क्यूसेक प्रति सेकंड चल रही थी जो शाम 4 बजे बढकर 61 हजार 962 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई। अगर हिमाचल की पहाड़ियों में अधिक बारिश नही होती है तो फिलहाल यमुना नदी में बाढ़ का खतरा टल गया है।
पिछले सप्ताह हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 3.2 लाख क्यूसेक हो गई थी, जिसके बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 232.25 मीटर तक पहुंच गया था। यमुना की बाढ़ ने क्षेत्र में काफी नुकसान किया था। सहपत के पास तटबंध टूटने के चलते सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। हरियाणा के सनौली में गौशाला में सात गोवंश की मौत हो गई थी। इसके अलावा तटवर्ती किसानों की हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई थी। वही बाद में धीरे-धीरे हथिनी कुंड बैराज पर पानी की मात्रा कम होनी शुरू हो गई।
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शनिवार शाम 4 बजे कैराना स्थित यमुना नदी का जलस्तर 230.2 मीटर और रविवार सुबह 8 बजे जलस्तर 230.18 मीटर रह गया। लेकिन बाद में जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। शाम 4 बजे यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 230.3 मीटर पर पहुंच गया। यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है। इसके अलावा रविवार सुबह 8 बजे यमुना नदी में डिस्चार्ज के जाने वाले पानी की मात्रा 39 हजार 462 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड चल रही थी, लेकिन शाम 4 बजे बैराज से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़कर 61 हजार 962 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई। अगर हिमाचल में अधिक वर्षा नही होती है, तो फिलहाल यमुना में बाढ़ का खतरा टल गया है।
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