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Shamli News: दो घंटे पहले ही मिल जाएगी मौसम की सटीक जानकारी

Wed, 06 Mar 2024 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 06 Mar 2024 12:54 AM IST
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Accurate weather information will be available two hours in advance
शामली। जिले के लोगों को जल्द ही मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। जिसकी तैयारी प्रशासनिक अधिकारियों ने कर ली है। जिले की तीनों तहसीलों में जहां तीन ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, वहीं पांचों ब्लॉक में दो-दो यानी दस ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित किए जाएंगे। जिसके लिए टेंडर भी छोड़ दिए गए हैं। इसी माह के अंत से लोगों को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी।
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बेमौसम बरसात के साथ ही तेज हवा भी किसानों के लिए चुनौती है। इससे खेतों में खड़ी फसल गिर जाती है और यमुना किनारे बसे कुछ लोग कई बार बाढ़ की चपेट में भी आ जाते हैं। मौसम की पूर्वानुमान सटीक जानकारी देने के लिए शामली में कोई भी उपकरण नहीं लगाया गया था, जिसके कारण जिला मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम विभाग पर निर्भर है। कई बार तो समय पर जानकारी ही नहीं मिल पाती। एडीएम संतोष कुमार सिंह और जिला आपदा अधिकारी नेहा दूबे ने बताया कि आपदा विभाग मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिले की तीनों तहसीलों में एक-एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाने जा रहा है। इससे हवा की गति, बवंडर की दिशा, बारिश की तीव्रता के साथ इससे होने वाले नुकसान की जानकारी समय पूर्व ही मिल सकेगी।
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इसी के साथ ही सभी ब्लॉक पर दो-दो यूनिट ऑटोमेटिक रेन गेज भी लगेगा। इस सेटअप के लगने से जिले में मौसम व बारिश का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ किसानों और आम लोगों को होगा। मौसम का पूर्वानुमान होने से फसलों को तेज बारिश, आंधी या ओलावृष्टि की स्थिति से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
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नेहा दूबे बताती हैं कि आपदा रोकी तो नहीं जा सकती पर यदि समय पूर्व सूचना मिल जाए तो इसका असर कम किया जा सकता है। यंत्र लगाने के लिए भूमि चयनित कर ली गई है, जल्द उपकरण भी लग जाएंगे। इसके बाद लोगों को बारिश, ओलावृष्टि, वज्रपात और आंधी-तूफान की समय पूर्व जानकारी मिल पाएगी।
मौसम की सही जानकारी न होने का प्रभाव
कृषि प्रबंधन को प्रभावित करने में कृषि लागत, संसाधनों का उपयोग, श्रमिकों की उपलब्धता, उर्वरक व रसायन, सिचाई जल की उपलब्धता, सरकारी नीतियां आदि तो आते ही हैं। उत्पादन प्रभावित होने के इन सभी कारकों से ऊपर मौसमी कारक है। मौसमी कारक फसल उत्पादन को लगभग दो तिहाई तक प्रभावित करती है। जबकि सतत उत्पादन लेने के लिए मौसमी कारकों की जानकारी होना अत्यंत जरूरी है। जिले में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की स्थापना के बाद मौसम की जानकारी मिलनी आसान हो जाएगी।

जानिए.. कहां-कहां स्थापित होंगे स्टेशन
ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन शामली के अलावा ऊन, कैराना तहसील में स्थापित किए जायेंगे।
इसके अलावा शामली, थानाभवन, कैराना, कांधला, ऊन ब्लाॅक में ऑटोमेटिक रेन गेज लगवाया जाएगा।
मार्च माह के अंत तक सभी स्टेशन स्थापित किए जायेंगे। जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।करीब दो घंटे पहले स्टेशनों के माध्यम से मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। स्टेशन स्थापित करने के लिए ठेका दे दिया गया है। स्टेशनों की मॉनटरिंग लखनऊ से ही होगी।
- नेहा दूबे, जिला आपदा अधिकारी शामली
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