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सिर्फ एक विकलांग अध्यापक भरोसे 9
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:10 AM IST
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सिर्फ एक दिव्यांग अध्यापक के भरोसे 98 बच्चे
कैराना।
गांव दभेड़ी खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में 98 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दिव्यांग अध्यापक के भरोसे चल रही है। विद्यालय में कोई प्रधानाध्यापक भी नहीं है। ग्राम प्रधान के पति सहित ग्रामीणों ने कैराना तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की और विद्यालय में शिक्षक तैनात कराने की मांग की।
कैराना ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम दभेड़ीखुर्द प्रधान के पति चौधरी मुंशाद अली के नेतृत्व में लोग मंगलवार को कैराना तहसील में पहुंचे। उन्होंने डीएम को पत्र देकर बताया कि गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में इन दिनों 98 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन विद्यालय में अध्यापकों की कमी है। वर्तमान में विद्यालय में केवल एक ही अध्यापक की नियुक्ति चल रही है। प्रधान के पति मुंशाद चौहान ने बताया कि विद्यालय में जो अध्यापक तैनात है, वह दिव्यांग है। इस दशा में अभिभावक अपने नौनिहालों के भविष्य को लेकर चिंतित है। इस मामले की शिकायत बीएसए व तहसील दिवस में पूर्व में कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
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कैराना।
गांव दभेड़ी खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में 98 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दिव्यांग अध्यापक के भरोसे चल रही है। विद्यालय में कोई प्रधानाध्यापक भी नहीं है। ग्राम प्रधान के पति सहित ग्रामीणों ने कैराना तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की और विद्यालय में शिक्षक तैनात कराने की मांग की।
कैराना ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम दभेड़ीखुर्द प्रधान के पति चौधरी मुंशाद अली के नेतृत्व में लोग मंगलवार को कैराना तहसील में पहुंचे। उन्होंने डीएम को पत्र देकर बताया कि गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में इन दिनों 98 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन विद्यालय में अध्यापकों की कमी है। वर्तमान में विद्यालय में केवल एक ही अध्यापक की नियुक्ति चल रही है। प्रधान के पति मुंशाद चौहान ने बताया कि विद्यालय में जो अध्यापक तैनात है, वह दिव्यांग है। इस दशा में अभिभावक अपने नौनिहालों के भविष्य को लेकर चिंतित है। इस मामले की शिकायत बीएसए व तहसील दिवस में पूर्व में कई बार की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
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