{"_id":"59778fd14f1c1b1f698b47fe","slug":"91501007825-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को तरस रहे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को तरस रहे किसान
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में शुगर मिल प्रबंधन मनमानी कर रहे हैं। जिले की तीन चीनी मिलों पर करीब 200 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। कई बार धरना प्रदर्शन हो चुके, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा। हालत यह हो गई है कि अब भाजपा नेताओं को भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा संसद में उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जनपद में शामली, ऊन और थानाभवन तीन शुगर मिलें हैं। तीनों ही शुगर मिलों में गन्ना पेराई बंद हो चुकी है। बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार रिकवरी भी अच्छी रही और बाजार में चीनी का दाम भी अच्छा मिला। बावजूद इसके किसानों को अब तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कराया जा सका है। इसके चलते किसानों में रोष बना हुआ है। भारतीय किसान यूनियन ने पिछले दिनों ही शामली शुगर मिल में धरना प्रदर्शन किया था। अब फिर से किसान आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।
सांसद हुकुम सिंह ने संसद में उठाया सवाल
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने नियम 377 के तहत 21 जुलाई को ही संसद में यह सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि शामली जिले की तीन शुगर मिलों पर 200 करोड़ रुपये बकाया है। रिकवरी 13 प्रतिशत होने और बाजार में चीनी का दाम अच्छा मिलने के बावजूद भुगतान नहीं करना, चीनी मिल प्रबंधन की हठधर्मिता को उजागर कर रहा है। समय पर भुगतान करना चीनी मिलों की प्राथमिकता नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि 15 दिन के भीतर वयाज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को दिलाया जाए, ताकि गन्ना किसान मजबूर होकर संघर्ष की तरफ न जा सकें।
विज्ञापन
राज्यमंत्री के क्षेत्र की मिल पर भी बकाया
प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनके क्षेत्र की थानाभवन शुगर मिल पर ही किसानों का 71 करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है। इसमें भुगतान के विलंब पर लगने वाला ब्याज जोड़ दें, तो कुल बकाया धनराशि 109 करोड़ 27 लाख रुपये बकाया है।
भुगतान की स्थिति
शुगर मिल -- देय धनराशि --------- भुगतान ----------- अवशेष
शामली ---- 318 करोड़ 26 लाख रुपये -- 225 करोड़ 05 लाख रुपये -- 93 करोड़ 20 लाख रुपये
ऊन ---- 135 करोड़ 70 लाख रुपये -- 107 करोड़ 68 लाख रुपये -- 28 करोड़ एक लाख रुपये
थानाभवन -- 332 करोड़ 10 लाख रुपये-- 260 करोड़ 91 लाख -- 71 करोड़ 19 लाख रुपये
भुगतान का प्रतिशत ------- लंबित अवधि का ब्याज
शामली --- 70.71 प्रतिशत ----------- 8 करोड़ 47 लाख रुपये
ऊन --- 79.35 प्रतिशत ------------ दो करोड़ 63 लाख रुपये
थानाभवन -- 78.56 प्रतिशत ------ 10 करोड़ 49 लाख रुपये
विज्ञापन
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में शुगर मिल प्रबंधन मनमानी कर रहे हैं। जिले की तीन चीनी मिलों पर करीब 200 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। कई बार धरना प्रदर्शन हो चुके, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा। हालत यह हो गई है कि अब भाजपा नेताओं को भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा संसद में उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जनपद में शामली, ऊन और थानाभवन तीन शुगर मिलें हैं। तीनों ही शुगर मिलों में गन्ना पेराई बंद हो चुकी है। बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार रिकवरी भी अच्छी रही और बाजार में चीनी का दाम भी अच्छा मिला। बावजूद इसके किसानों को अब तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कराया जा सका है। इसके चलते किसानों में रोष बना हुआ है। भारतीय किसान यूनियन ने पिछले दिनों ही शामली शुगर मिल में धरना प्रदर्शन किया था। अब फिर से किसान आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
सांसद हुकुम सिंह ने संसद में उठाया सवाल
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने नियम 377 के तहत 21 जुलाई को ही संसद में यह सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि शामली जिले की तीन शुगर मिलों पर 200 करोड़ रुपये बकाया है। रिकवरी 13 प्रतिशत होने और बाजार में चीनी का दाम अच्छा मिलने के बावजूद भुगतान नहीं करना, चीनी मिल प्रबंधन की हठधर्मिता को उजागर कर रहा है। समय पर भुगतान करना चीनी मिलों की प्राथमिकता नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि 15 दिन के भीतर वयाज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को दिलाया जाए, ताकि गन्ना किसान मजबूर होकर संघर्ष की तरफ न जा सकें।
विज्ञापन
राज्यमंत्री के क्षेत्र की मिल पर भी बकाया
प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनके क्षेत्र की थानाभवन शुगर मिल पर ही किसानों का 71 करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है। इसमें भुगतान के विलंब पर लगने वाला ब्याज जोड़ दें, तो कुल बकाया धनराशि 109 करोड़ 27 लाख रुपये बकाया है।
भुगतान की स्थिति
शुगर मिल -- देय धनराशि --------- भुगतान ----------- अवशेष
शामली ---- 318 करोड़ 26 लाख रुपये -- 225 करोड़ 05 लाख रुपये -- 93 करोड़ 20 लाख रुपये
ऊन ---- 135 करोड़ 70 लाख रुपये -- 107 करोड़ 68 लाख रुपये -- 28 करोड़ एक लाख रुपये
थानाभवन -- 332 करोड़ 10 लाख रुपये-- 260 करोड़ 91 लाख -- 71 करोड़ 19 लाख रुपये
भुगतान का प्रतिशत ------- लंबित अवधि का ब्याज
शामली --- 70.71 प्रतिशत ----------- 8 करोड़ 47 लाख रुपये
ऊन --- 79.35 प्रतिशत ------------ दो करोड़ 63 लाख रुपये
थानाभवन -- 78.56 प्रतिशत ------ 10 करोड़ 49 लाख रुपये