फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   जनसभा में भी सिखाते थे सामाजिकता- वीरेंद्र सिंह

जनसभा में भी सिखाते थे सामाजिकता- वीरेंद्र सिंह

Fri, 22 Dec 2017 11:34 PM IST
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
जनसभा में भी सिखाते थे सामाजिकता- वीरेंद्र सिंह
शामली। पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के प्रति लोगों में ऐसी दीवानगी है कि आज भी लोग उनकी बातों को याद करते हैं। 1980 में पहली बार कांधला से विधायक बने वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि चौधरी साहब चुनावी जनसभाओं में भी लोगों को सामाजिकता का पाठ पढ़ाते थे। उन्होंने कभी जाति धर्म और बिरादरी के नाम पर राजनीति नहीं की।
विज्ञापन

वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 1985 के विधानसभा चुनाव में चौधरी साहब को कांधला क्षेत्र में चुनाव प्रचार करना था। उसके लिए पहले कांधला में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पर बैठक बुलाई गई थी। चौधरी साहब निर्धारित समय से पहले ही वहां पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने लोगों से हाथ उठवाकर पूछा कि कितने लोग वीरेंद्र सिंह को गुर्जर होने के नाते समर्थन करते हैं, तो काफी लोगों ने हाथ उठा दिए थे। इस पर चौधरी साहब ने कहा कि यह नहीं चलेगा, जाति के नाम पर नहीं, बल्कि अच्छे कार्य, अच्छी छवि और पार्टी के नाम पर आपको वोट देनी होगी। वह कहते थे कि राजनीति में तभी कामयाबी मिलेगी, जब जाति धर्म और बिरादरी से ऊपर उठकर सबको साथ लेकर चलें।
विज्ञापन

वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह हमेशा ही किसान और मजदूरों की चिंता करते थे तथा लोगों को सामाजिकता भी सिखाने में कसर नहीं छोड़ते थे। एक संस्मरण को याद करते हुए बताया कि वह अपने बड़े भाई डॉ. यशवीर सिंह के साथ दिल्ली में चौधरी साहब से मिलने गए थे। उस दौरान वह बैठे थे, जबकि डॉ. यशवीर सिंह खड़े थे। इस पर चौधरी साहब ने कहा कि हमेशा बड़ों का आदर करने वाले संस्कार होनेे चाहिए। इसके बाद मैं कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया था और फिर हमेशा ही इस बात की गांठ बांध ली कि खुद के साथ ही परिवार को भी बड़ों का आदर करने के संस्कार दिए जाएंगे। उन्हीं आदर्शों पर अब चल रहा हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन


- चौधरी साहब की याद में कविता लिखते हैं राजेंद्र मलिक
शामली। चौधरी चरण सिंह स्मारक समिति के संयोजक गांव लांक निवासी राजेंद्र सिंह मलिक लंबे समय से चौधरी चरण सिंह के अनुयायी हैं। उनके आदर्शों पर जीवन यापन कर रहे हैं। बताया कि चौधरी साहब ने हर वर्ग को साथ लेकर हमेशा ही किसान, मजदूरों के हित में कार्य किया। आज भी उनकी यादें लोगों के जेहन में ताजा हैं। उन्होंने बताया कि वह अक्सर कविताएं लिखकर किसान ट्रस्ट को भेजते हैं। इस बार भी चौधरी साहब के जन्मदिवस पर उन्होंने एक कविता लिखी है, जो इस प्रकार है।

महापुरुषों की देव भूमि, जग जननी भारत माता है।
किसानों के नाम से पहले याद चरण सिंह आता है।
सच्चा गांधीवादी नेता, ऋषि दयानंद का अनुयायी था
मीर सिंह का पुत्र चौधरी, श्याम सिंह का भाई था।
एक भाई का नाम मान सिंह, नेत्री देवी थी माता।
राष्ट्रवादी संस्कार थे सबके, जंग ए आजादी के विख्याता।
जब अंग्रेजी शासन भारत में अत्याचार कराता था।
जमींदार, मजदूर किसानों को नोच-नोंचकर खाता था।
यह देख चरण सिंह बचपन ही में आग बबूला होता था।
मन में उठता था विद्रोह, फिर विचारों में खोता था।
बाहर निकालूं अंग्रेजों को, खत्म करूंगा जमींदारा।
भारत में स्वराज्य रहेगा, खेत किसान का होगा सारा।
गांव किसानों की खुशहाली से यह आर्यवृत्त जगमगाएगा
फिर भारत का विश्व विजयी तिरंगा ध्वज लहराएगा।
इस सपने को सच करने का लक्ष्य उन्होंने ठान लिया
स्वतंत्रता के महायज्ञ में स्वयं को समर्पित मान लिया।
धर्म पाखंड, जाति प्रथा के विरुद्ध उन्होंने जंग किया
अंधेर उपेक्षित गांवों की तस्वीर बदलने का ढंग किया।
मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री बन हक गांवों को दिलवाया
स्वाभिमान जागा गांवों का, सत्ता को किसानों को दिलवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed