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एडी से चोटी तक लगाया जोर, करा पाए मात्र दो नसबंदी
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:06 AM IST
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शामली।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पंद्रह दिनों तक चले इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडी से लेकर चोटी तक जोर लगा दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मात्र दो ही नसबंदी करा पाया।
परिवार नियोजन को लेकर सरकार बहुत गंभीर है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे जिले में 21 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 नवंबर से लेकर 27 नवंबर तक दंपति संपर्क चक्र का आयोजन किया। जिसमें आशाओं तथा एएनएम ने घर-घर जाकर दंपति को नसबंदी कराने के लिए राजी किया। इसके साथ ही जिस परिवार के तीन या फिर तीन से अधिक बच्चे हैं उनकी सूची तैयार की। उसके बाद 28 नवंबर से लेकर चार दिसंबर तक सेवा प्रदाता चरण चलाया गया। इस अंतराल में उन लोगों की नसबंदी की गई जिसको दंपति संपर्क चक्र के दौरान राजी किया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस काम में स्वास्थ्य विभाग की आशाएं, एएनएम पूरी जी-जान से जुुुटी रही। इसके साथ ही सर्जन टीम का गठन भी किया गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरा जोर लगाने के बाद भी मात्र दो ही लोगों को नसबंदी कराने के लिए राजी करा पाया। केवल उन्हीं दो लोगों की नसबंदी कराई गई। उधर, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रयास किया गया। इस बार दो नसबंदी पुरुष की कराई गई है। आगे इसमें ओर भी प्रयास किया जाएगा
पखवाड़े के लिए आया था 75 हजार रुपये का बजट
प्रचार प्रसार करने, आशाओं, एएनएम को ट्रेनिंग देने और जागरूक करने के के लिए शासन द्वारा बजट भी भेजा गया था। पूरे पखवाड़े के लिए महकमे द्वारा जिले में 75 हजार रुपये का बजट भेजा गया था। जिसमें से ज्यादातर का स्वास्थ्य विभाग द्वारा खर्च किया गया।
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परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पंद्रह दिनों तक चले इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडी से लेकर चोटी तक जोर लगा दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मात्र दो ही नसबंदी करा पाया।
परिवार नियोजन को लेकर सरकार बहुत गंभीर है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे जिले में 21 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 नवंबर से लेकर 27 नवंबर तक दंपति संपर्क चक्र का आयोजन किया। जिसमें आशाओं तथा एएनएम ने घर-घर जाकर दंपति को नसबंदी कराने के लिए राजी किया। इसके साथ ही जिस परिवार के तीन या फिर तीन से अधिक बच्चे हैं उनकी सूची तैयार की। उसके बाद 28 नवंबर से लेकर चार दिसंबर तक सेवा प्रदाता चरण चलाया गया। इस अंतराल में उन लोगों की नसबंदी की गई जिसको दंपति संपर्क चक्र के दौरान राजी किया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस काम में स्वास्थ्य विभाग की आशाएं, एएनएम पूरी जी-जान से जुुुटी रही। इसके साथ ही सर्जन टीम का गठन भी किया गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरा जोर लगाने के बाद भी मात्र दो ही लोगों को नसबंदी कराने के लिए राजी करा पाया। केवल उन्हीं दो लोगों की नसबंदी कराई गई। उधर, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रयास किया गया। इस बार दो नसबंदी पुरुष की कराई गई है। आगे इसमें ओर भी प्रयास किया जाएगा
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पखवाड़े के लिए आया था 75 हजार रुपये का बजट
प्रचार प्रसार करने, आशाओं, एएनएम को ट्रेनिंग देने और जागरूक करने के के लिए शासन द्वारा बजट भी भेजा गया था। पूरे पखवाड़े के लिए महकमे द्वारा जिले में 75 हजार रुपये का बजट भेजा गया था। जिसमें से ज्यादातर का स्वास्थ्य विभाग द्वारा खर्च किया गया।
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