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श्रद्घाभाव के साथ मनाया गया गुरु गोविंद सिंह का प्रकटोत्सव
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:02 AM IST
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फूलों की वर्षा के साथ निकाली प्रभात फेरी
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद ।
गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाशोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर फूलों की वर्षा के साथ प्रभात फेरी निकाली ।
सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज का जलालाबाद में श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में गुरुवाणी का पाठ किया गया। ज्ञानी अमनदीप सिंह महाराज ने सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर कथा के माध्यम से प्रकाश डाला संगत को बताया कि गुरु महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए अपने पुत्रों तक का बलिदान कर दिया था और धर्म की पताका फैराई थी। इस अवसर पर सिख संगत ने भारी संख्या में कस्बे की मुख्य मार्गों से प्रभात फेरी निकाली गई। जगह-जगह फूलों की वर्षा के साथ प्रभात फेरी का स्वागत कर जलपान कराया गया। प्रभात फेरी नगर परिक्रमा के साथ वापस गुरुद्वारा पहुंची। जहां पर ग्रंथी सरदार अमनदीप, भगवानदास ,सरदार बलवीर सिंह, सरदार जल सिंह ने अरदास के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर जगदीश नारंग, मदनलाल आहुजा, अवनीश आहूजा, सरदार दर्शन सिंह, सरदार राजकुमार सिंह, सरदार जल सिंह, मिंटू कुमार, पप्पू नारंग, मोतीराम, धर्मपाल रावडा आदि का सहयोग रहा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद ।
गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाशोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर फूलों की वर्षा के साथ प्रभात फेरी निकाली ।
सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज का जलालाबाद में श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में गुरुवाणी का पाठ किया गया। ज्ञानी अमनदीप सिंह महाराज ने सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर कथा के माध्यम से प्रकाश डाला संगत को बताया कि गुरु महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए अपने पुत्रों तक का बलिदान कर दिया था और धर्म की पताका फैराई थी। इस अवसर पर सिख संगत ने भारी संख्या में कस्बे की मुख्य मार्गों से प्रभात फेरी निकाली गई। जगह-जगह फूलों की वर्षा के साथ प्रभात फेरी का स्वागत कर जलपान कराया गया। प्रभात फेरी नगर परिक्रमा के साथ वापस गुरुद्वारा पहुंची। जहां पर ग्रंथी सरदार अमनदीप, भगवानदास ,सरदार बलवीर सिंह, सरदार जल सिंह ने अरदास के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर जगदीश नारंग, मदनलाल आहुजा, अवनीश आहूजा, सरदार दर्शन सिंह, सरदार राजकुमार सिंह, सरदार जल सिंह, मिंटू कुमार, पप्पू नारंग, मोतीराम, धर्मपाल रावडा आदि का सहयोग रहा।