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महिला आशा ज्योति लाइन ने सुलझाया दंपित का विवाद
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:42 AM IST
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थानाभवन।
पति-पत्नी के बीच कई साल से चल रहा विवाद महिला आशा ज्योति हेल्पलाइन ने समाप्त करा दिया। महिला को उसकी ससुराल भेजवा दिया गया है।
थानाभवन क्षेत्र के गांव लतीफगढ़ निवासी बेबी पुत्री लख्मीराम की शादी छह साल पूर्व मुजफ्फरनगर के गांव सिकंदरपुर निवासी रविंद्र के साथ हुई थी। बेबी ने एक बच्चे को जन्म दिया। उसके बाद से पति पत्नी में मनमुटाव रहने लगा, जिसके बाद से बेबी अपने मायके में रह रही थी। बेबी ने महिला हेल्पलाइन 181 (महिला आशा ज्योति लाइन) पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि ससुराल वाले उसको अपने घर नहीं ले जा रहे हैं। 17 अक्तूबर को महिला हेल्पलाइन ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद समझौता करा दिया था, लेकिन उसके बाद भी ससुराल वाले बेबी को अपने साथ नहीं ले गए। मंगलवार को महिला हेल्पलाइन की टीम गांव लतीफगढ़ में निरीक्षण करने पहुंची, तो बेबी अपने मायके में मिली। उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी बीमार था। इसके बाद टीम ने बच्चे को उपचार दिलवाया, फिर ससुराल पक्ष के लोगों को गांव में बुलाकर वात़ार् की गई। कई घंटे वार्ता चलने के बाद पति-पत्नी हंसी खुशी साथ रहने पर राजी हो गए। महिला हेल्पलाइन अधिकारी पारुल चौधरी ने बताया कि पति पत्नी के विवाद को निपटा दिया गया था। दोनों ने शपथपत्र देकर एक दूसरे के साथ रहने का वादा किया है। महिला बेबी को उसकी ससुराल भिजवा दिया है।
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पति-पत्नी के बीच कई साल से चल रहा विवाद महिला आशा ज्योति हेल्पलाइन ने समाप्त करा दिया। महिला को उसकी ससुराल भेजवा दिया गया है।
थानाभवन क्षेत्र के गांव लतीफगढ़ निवासी बेबी पुत्री लख्मीराम की शादी छह साल पूर्व मुजफ्फरनगर के गांव सिकंदरपुर निवासी रविंद्र के साथ हुई थी। बेबी ने एक बच्चे को जन्म दिया। उसके बाद से पति पत्नी में मनमुटाव रहने लगा, जिसके बाद से बेबी अपने मायके में रह रही थी। बेबी ने महिला हेल्पलाइन 181 (महिला आशा ज्योति लाइन) पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि ससुराल वाले उसको अपने घर नहीं ले जा रहे हैं। 17 अक्तूबर को महिला हेल्पलाइन ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद समझौता करा दिया था, लेकिन उसके बाद भी ससुराल वाले बेबी को अपने साथ नहीं ले गए। मंगलवार को महिला हेल्पलाइन की टीम गांव लतीफगढ़ में निरीक्षण करने पहुंची, तो बेबी अपने मायके में मिली। उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी बीमार था। इसके बाद टीम ने बच्चे को उपचार दिलवाया, फिर ससुराल पक्ष के लोगों को गांव में बुलाकर वात़ार् की गई। कई घंटे वार्ता चलने के बाद पति-पत्नी हंसी खुशी साथ रहने पर राजी हो गए। महिला हेल्पलाइन अधिकारी पारुल चौधरी ने बताया कि पति पत्नी के विवाद को निपटा दिया गया था। दोनों ने शपथपत्र देकर एक दूसरे के साथ रहने का वादा किया है। महिला बेबी को उसकी ससुराल भिजवा दिया है।