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खनन माफियाओं ने नरक बना दिया ऊन-थानाभवन मार्ग
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:39 AM IST
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बदहाल हुआ ऊन-थानाभवन मार्ग
थानाभवन। यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे रेत खनन माफिया ने ऊन-थानाभवन मार्ग को भी बदहाल बना दिया है। दिन रात इस मार्ग पर रेत से लदे वाहन गुजर रहे हैं, जिससे सड़क जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है और बरसात के कारण मिट्टी से कीचड़ बन गई है। आए दिन ट्रक फंसने से इस मार्ग पर जाम भी लगने लगा है।
थानाभवन के रेलवे स्टेशन के पास ऊन रोड का रेलवे अंडरपास विगत छह माह से अधूरा पड़ा है। जिस कारण वहां मिट्टी कीचड़ में तबदील हो गई। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन रेलवे स्टेशन के सामने से होकर लिंक मार्ग के अंडरपास से हो रहा है। यमुना नदी से अवैध रूप से रेत का खनन कर लाने वाले वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। जिस कारण तीन किलोमीटर लंबा यह मार्ग गड्ढों में तबदील हो गया है। गांव खानपुर, मनट, हसनपुर, भनेड़ा, मानपुर, पल्ठेड़ी, बुंटा और गुराना आदि गांवों के ग्रामीणों को यारपुर अंडरपास से पांच किलोमीटर ज्यादा सफर कर अपने गांवों में आना जाना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार सुबह इस मार्ग पर रेत से ओवरलोड ट्रक फंस गए, जिस कारण वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम लगने के बाद भी कोई पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुुंचा। रेत का ट्रक फंसने की सूचना पर रेत माफिया सक्रिय हुए और दो जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच गए। सड़क में धंसे दोनों ट्रकों को निकलवाकर ले गए, तब जाकर आवागमन सुचारु हुआ। भनेड़ा के ज्ञान सिंह, आनंद पुंडीर, मानकपुर के शक्ति सिंह का कहना है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन व्यवस्था में करनाल और पानीपत से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आने जाने वाले वाहनों का रूट ऊन-थानाभवन मार्ग को बनाया है। गांव हसनपुर निवासी जय सिंह, अरविंद, अशोक और सुनील का कहना है कि अवैध खनन कर रेत लाने वाले ट्रकों को प्रशासन को रोकना चाहिए। इन ट्रकों के कारण ही इस मार्ग की दशा बिगड़ी है। खीजर अहमद, मुस्तकीम, राकेश सैनी का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही उन्हें पांच से छह किलोमीटर का सफर ज्यादा तय कर अपने गांव जाना पड़ रहा है।
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थानाभवन। यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे रेत खनन माफिया ने ऊन-थानाभवन मार्ग को भी बदहाल बना दिया है। दिन रात इस मार्ग पर रेत से लदे वाहन गुजर रहे हैं, जिससे सड़क जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है और बरसात के कारण मिट्टी से कीचड़ बन गई है। आए दिन ट्रक फंसने से इस मार्ग पर जाम भी लगने लगा है।
थानाभवन के रेलवे स्टेशन के पास ऊन रोड का रेलवे अंडरपास विगत छह माह से अधूरा पड़ा है। जिस कारण वहां मिट्टी कीचड़ में तबदील हो गई। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन रेलवे स्टेशन के सामने से होकर लिंक मार्ग के अंडरपास से हो रहा है। यमुना नदी से अवैध रूप से रेत का खनन कर लाने वाले वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। जिस कारण तीन किलोमीटर लंबा यह मार्ग गड्ढों में तबदील हो गया है। गांव खानपुर, मनट, हसनपुर, भनेड़ा, मानपुर, पल्ठेड़ी, बुंटा और गुराना आदि गांवों के ग्रामीणों को यारपुर अंडरपास से पांच किलोमीटर ज्यादा सफर कर अपने गांवों में आना जाना पड़ रहा है।
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बृहस्पतिवार सुबह इस मार्ग पर रेत से ओवरलोड ट्रक फंस गए, जिस कारण वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम लगने के बाद भी कोई पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुुंचा। रेत का ट्रक फंसने की सूचना पर रेत माफिया सक्रिय हुए और दो जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच गए। सड़क में धंसे दोनों ट्रकों को निकलवाकर ले गए, तब जाकर आवागमन सुचारु हुआ। भनेड़ा के ज्ञान सिंह, आनंद पुंडीर, मानकपुर के शक्ति सिंह का कहना है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन व्यवस्था में करनाल और पानीपत से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आने जाने वाले वाहनों का रूट ऊन-थानाभवन मार्ग को बनाया है। गांव हसनपुर निवासी जय सिंह, अरविंद, अशोक और सुनील का कहना है कि अवैध खनन कर रेत लाने वाले ट्रकों को प्रशासन को रोकना चाहिए। इन ट्रकों के कारण ही इस मार्ग की दशा बिगड़ी है। खीजर अहमद, मुस्तकीम, राकेश सैनी का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही उन्हें पांच से छह किलोमीटर का सफर ज्यादा तय कर अपने गांव जाना पड़ रहा है।
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